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एलएलबी की डिग्री है पर नहीं हो रहा बार कौंसिल में रजिस्ट्रेशन

Sat, 19 Sep 2020 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 10:45 PM IST
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LLB degree but no registration in Bar Council
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि से संबद्ध साकेत महाविद्यालय से एलएलबी की डिग्री ले चुके विद्यार्थियों का दूसरे प्रदेशों के वकालत करने के लिए बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। इसका खुलासा तब हुआ, जब डिग्रीधारकों ने दूसरे राज्यों के बार कौंसिल में पंजीयन कराने को आवेदन किया।
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पता चला कि साकेत महाविद्यालय प्रशासन ने पांच साल से बार कौंसिल ऑफ इंडिया से एप्रूवल ही नहीं लिया है। जबकि लगातार महाविद्यालय अपने कैंपस में एलएलबी पाठ्यक्रम को संचालित कर रहा है। ऐसे में पिछले पांच वर्ष में एलएलबी की डिग्री ले चुके लगभग दो हजार विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक रही है। इससे सबसे बड़ा खतरा ये है कि एलएलबी के बाद पीसीएस-जे की तैयारी करने वाले विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।
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पूर्वांचल के प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में साकेत महाविद्यालय एक है। आज भी शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए लोग साकेत महाविद्यालय को तरजीह देते हैं, लेकिन इसके बाद भी महाविद्यालय प्रशासन अपने कोर्सों को लेकर चिंतित नहीं है। हद ये है कि एलएलबी के लिए निर्धारित बार कौंसिल ऑफ इंडिया से वर्ष 2013 के बाद से अब तक एप्रूवल ही नहीं लिया गया है।
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इसका खुलासा तब हुआ जब साकेत महाविद्यालय से एलएलबी की डिग्री ले चुके छात्रों ने दिल्ली हाईकोर्ट में रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म डाला। साकेत महाविद्यालय से वर्ष 2019 में एलएलबी कर चुके छात्र असीम पांडेय बताते हैं कि उन्होंने दिल्ली बार कौंसिल में अपने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया। इसकी फीस 10 हजार रुपये भी उन्होंने जमा कर दिए।
वह बताते हैं कि उनका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया। जब उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि अवध विवि के 26 कॉलेज बार कौंसिल ऑफ इंडिया की रिजेक्टेड लिस्ट में हैं। इसमें साकेत महाविद्यालय ने वर्ष 2013 के बाद से अब तक कोई एप्रूवल नहीं लिया है।
इसके चलते उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है। वह बताते हैं कि बार कौंसिल का एप्रूवल न मिलने से साकेत महाविद्यालय की पिछले पांच साल तक की सभी डिग्रियां पूरी तरह से अवैध हैं। इस दौरान लगभग दो हजार विद्यार्थियों को एलएलबी की डिग्री दी गई है।
इसका खामियाजा पीसीएस-जे की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भी भुगतना पड़ेगा। असीम पांडेय के अनुसार मौजूदा समय में साकेत महाविद्यालय प्रशासन को एप्रूवल फीस के 14 लाख रुपये जमा करने हैं। इसके बाद ही कुछ बात बन सकती है। इसी तरह कई एलएलबी कर चुके छात्र भी रजिस्ट्रेशन के लिए साकेत महाविद्यालय व बार कौंसिल का चक्कर लगा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब पिछले पांच वर्षों में बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने एप्रूवल ही नहीं दिया तो किस आधार पर उत्तर प्रदेश बार कौंसिल में रजिस्ट्रेशन हो रहा है। ये किस नियम व किस धारा के तहत हो रहा है, ये किसी को पता नहीं है। एलएलबी कर चुके कई विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में एलएलबी करने के बाद उत्तर प्रदेश बार कौंसिल में रजिस्ट्रेशन कराया है।

अवध विवि के विधि संकायाध्यक्ष एके राय ने बताया कि बार कौंसिल ऑफ इंडिया को कई बार पत्र लिखकर एप्रूवल देने का निवेदन किया गया है। इसमें जब बार कौंसिल की टीम आएगी और निरीक्षण करेगी तभी एप्रूवल मिल पाएगा। इसकी निर्धारित फीस भी महाविद्यालय प्रशासन देने को तैयार है लेकिन ये सब कुछ तभी संभव है जब बार कौंसिल ऑफ इंडिया की टीम का निरीक्षण होगा।
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