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वकीलों ने घेरा एडीएम कार्यालय
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sat, 05 Nov 2016 10:39 PM IST
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एडीएम दफ्तर का घेराव करते वकील।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैए से आखिरकार वकील आक्रोशित हो गए। नाराज वकीलों ने शनिवार को विरोध मार्च निकाला और एडीएम कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने प्रशासन विरोधी नारे भी लगाए।
बीकापुर तहसील के कोछा गांव में अधिवक्ता सतेंद्र नाथ पांडेय की जमीन है। आरोप है कि इस पर सपा नेता व एससी-एसटी आयोग की सदस्य रोली यादव कब्जा करना चाहती थीं। इस पर अधिवक्ता ने कोर्ट में दावा दायर किया।
जिसमें कोर्ट ने बीती 29 अक्तूबर को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अस्थाई निषेधाज्ञा का आदेश पारित कर दिया। इसकी जानकारी होते ही रोली ने प्रशासन को गुमराह करके विवादित जमीन पर निर्माण करवा लिया।
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अधिवक्ता अधिकारियों से मिलते रहे लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को वकील इसी मसले पर एडीएम नगर विनोद कुमार से बार की संघर्ष समिति के सदस्य अध्यक्ष संजीव दूबे के साथ मिलने गए थे।
वहां वकीलों से उन्होंने अमर्यादित आचरण किया। बार अध्यक्ष संजीव दूबे ने बताया कि शनिवार को अधिवक्ता सतेंद्र नाथ पांडेय ने एडीएम से जांच रिपोर्ट के बाबत जानकारी करने गए थे। उनसे फिर अभद्रता की गई है। इसकी जानकारी पर शनिवार को वकीलों ने बैठक की।
आक्रोशित वकीलों ने एडीएम के आचरण की निंदा की और विरोध मार्च निकालने की मांग की। वकीलों ने इसके बाद संघ भवन के सामने इकट्ठा होकर नारेबाजी की और डीएम कार्यालय होते हुए एडीएम नगर के कार्यालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने एडीएम कार्यालय का करीब आधे घंटे तक घेराव किया।
इस दौरान एडीएम विरोधी नारे भी लगाए। इसके बाद वकीलों ने कचहरी में घूमकर प्रदर्शन किया। प्रशासनिक कृत्य की जानकारी जरिए फैक्स प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, एससी-एसटी आयोग को देकर एडीएम नगर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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बीकापुर तहसील के कोछा गांव में अधिवक्ता सतेंद्र नाथ पांडेय की जमीन है। आरोप है कि इस पर सपा नेता व एससी-एसटी आयोग की सदस्य रोली यादव कब्जा करना चाहती थीं। इस पर अधिवक्ता ने कोर्ट में दावा दायर किया।
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जिसमें कोर्ट ने बीती 29 अक्तूबर को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अस्थाई निषेधाज्ञा का आदेश पारित कर दिया। इसकी जानकारी होते ही रोली ने प्रशासन को गुमराह करके विवादित जमीन पर निर्माण करवा लिया।
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अधिवक्ता अधिकारियों से मिलते रहे लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को वकील इसी मसले पर एडीएम नगर विनोद कुमार से बार की संघर्ष समिति के सदस्य अध्यक्ष संजीव दूबे के साथ मिलने गए थे।
वहां वकीलों से उन्होंने अमर्यादित आचरण किया। बार अध्यक्ष संजीव दूबे ने बताया कि शनिवार को अधिवक्ता सतेंद्र नाथ पांडेय ने एडीएम से जांच रिपोर्ट के बाबत जानकारी करने गए थे। उनसे फिर अभद्रता की गई है। इसकी जानकारी पर शनिवार को वकीलों ने बैठक की।
आक्रोशित वकीलों ने एडीएम के आचरण की निंदा की और विरोध मार्च निकालने की मांग की। वकीलों ने इसके बाद संघ भवन के सामने इकट्ठा होकर नारेबाजी की और डीएम कार्यालय होते हुए एडीएम नगर के कार्यालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने एडीएम कार्यालय का करीब आधे घंटे तक घेराव किया।
इस दौरान एडीएम विरोधी नारे भी लगाए। इसके बाद वकीलों ने कचहरी में घूमकर प्रदर्शन किया। प्रशासनिक कृत्य की जानकारी जरिए फैक्स प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, एससी-एसटी आयोग को देकर एडीएम नगर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।