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शाहनेवाजपुर के 60 एकड़ में बनेगी नई आवासीय कॉलोनी
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अयोध्या। विकास प्राधिकरण की कई वर्षों से ठप आवासीय योजना शुरू होने जा रही है। नव्य अयोध्या प्रोजेक्ट के अटक जाने के बाद 60 एकड़ में नई आवासीय कॉलोनी बनाए जाने का खाका तेजी से बन रहा है। इसके लिए विकास प्राधिकरण की टीम ने शाहनेवाजपुर में हाईवे के दोनों ओर भूूमि का सर्वे किया है। अगर शासन की कोई बड़ी योजना यहां विकसित नहीं होती है तो नई आवासीय कॉलोनी शाहनेवाजपुर में बनना तय है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण ने पिछले 10 वर्षों से कोई आवासीय योजना नहीं बनाई है। इसका कारण यह है कि शहरी इलाका काफी सिमटा था, जिससे आसपास के इलाकों में कोई भूमि नहीं थी।
अब नगर निगम के विस्तार के बाद भूमि अधिग्रहित करने का खाका बन रहा है। हालांकि पिछले वर्ष प्राधिकरण ने नव्य अयोध्या नाम की एक आवासीय योजना बनाई थी। योजना के लिए सर्वे, भूमि का चिह्नींकरण, विकास प्राधिकरण के बोर्ड में प्रस्ताव समेत अन्य प्रक्रियाएं पूरी की गई लेकिन इसकी फाइल मुख्यालय जाकर फंस गई।
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अब विकास प्राधिकरण नई आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना बना रहा है। नई आवासीय कॉलोनी 50-60 एकड़ में विकसित की जाएगी। इसके अनुमानित लागत 150 करोड़ के आसपास होगी।
फिलहाल योजना के अनुसार गाड़ी पार्किंग, बिजली, पानी, सड़क व सीवर जैसी विभिन्न सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। विकास प्राधिकरण की टीम ने तीन स्थानों पर भूमि का चयन किया है लेकिन हाईवे के निकट होने के कारण शाहनेवाजपुर में नई आवासीय कॉलोनी बसने की संभावनाएं अधिक हैं। प्राधिकरण की टीम ने शाहनेवाजपुर के हाईवे के दोनों ओर भूमि का सर्वे किया है। माना यह जा रहा है कि इसी भूमि पर नई कॉलोनी विकसित की जाएगी।
क्रेडिट गारंटी में रुकी नव्य अयोध्या योजना
पिछले वर्ष अयोध्या को नया स्वरूप देने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी अनिल पाठक की देखरेख में अयोध्या के मांझा बरहटा में नव्य अयोध्या आवासीय योजना का खाका खींचा गया था। 500 एकड़ में 12 सौ करोड़ रुपये की लागत से योजना को परवान चढ़ना था। योजना के लिए निर्धारित धनराशि प्राधिकरण के पास न होने के कारण शासन को भेजी गई थी। इसमें शासन को अपनी क्रेडिट गारंटी पर हुडको से लोन दिलाना था लेकिन इस प्रकार की परंपरा न होने के कारण अभी तक मामला अधर में लटका हुआ है। अब मांझा बरहटा में श्रीराम की प्रतिमा स्थापित होने को लेकर चल रही कवायद के बाद नव्य अयोध्या योजना में बड़ा रोड़ा अटक गया है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण 50-60 एकड़ भूमि पर आवासीय योजना बनाने की तैयारी में है। इसके लिए भूमि चिह्नित की जा रही है। तीन स्थानों पर भूमि देखी गई है। शाहनेवाजपुर के हाईवे के निकट दोनों पटरियों पर भूमि का सर्वे किया गया है। यहां विकास की काफी संभावनाएं हैं।
रवींद्र प्रताप सिंह, सचिव, अयोेध्या विकास प्राधिकरण
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अयोध्या विकास प्राधिकरण ने पिछले 10 वर्षों से कोई आवासीय योजना नहीं बनाई है। इसका कारण यह है कि शहरी इलाका काफी सिमटा था, जिससे आसपास के इलाकों में कोई भूमि नहीं थी।
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अब नगर निगम के विस्तार के बाद भूमि अधिग्रहित करने का खाका बन रहा है। हालांकि पिछले वर्ष प्राधिकरण ने नव्य अयोध्या नाम की एक आवासीय योजना बनाई थी। योजना के लिए सर्वे, भूमि का चिह्नींकरण, विकास प्राधिकरण के बोर्ड में प्रस्ताव समेत अन्य प्रक्रियाएं पूरी की गई लेकिन इसकी फाइल मुख्यालय जाकर फंस गई।
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अब विकास प्राधिकरण नई आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना बना रहा है। नई आवासीय कॉलोनी 50-60 एकड़ में विकसित की जाएगी। इसके अनुमानित लागत 150 करोड़ के आसपास होगी।
फिलहाल योजना के अनुसार गाड़ी पार्किंग, बिजली, पानी, सड़क व सीवर जैसी विभिन्न सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। विकास प्राधिकरण की टीम ने तीन स्थानों पर भूमि का चयन किया है लेकिन हाईवे के निकट होने के कारण शाहनेवाजपुर में नई आवासीय कॉलोनी बसने की संभावनाएं अधिक हैं। प्राधिकरण की टीम ने शाहनेवाजपुर के हाईवे के दोनों ओर भूमि का सर्वे किया है। माना यह जा रहा है कि इसी भूमि पर नई कॉलोनी विकसित की जाएगी।
क्रेडिट गारंटी में रुकी नव्य अयोध्या योजना
पिछले वर्ष अयोध्या को नया स्वरूप देने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी अनिल पाठक की देखरेख में अयोध्या के मांझा बरहटा में नव्य अयोध्या आवासीय योजना का खाका खींचा गया था। 500 एकड़ में 12 सौ करोड़ रुपये की लागत से योजना को परवान चढ़ना था। योजना के लिए निर्धारित धनराशि प्राधिकरण के पास न होने के कारण शासन को भेजी गई थी। इसमें शासन को अपनी क्रेडिट गारंटी पर हुडको से लोन दिलाना था लेकिन इस प्रकार की परंपरा न होने के कारण अभी तक मामला अधर में लटका हुआ है। अब मांझा बरहटा में श्रीराम की प्रतिमा स्थापित होने को लेकर चल रही कवायद के बाद नव्य अयोध्या योजना में बड़ा रोड़ा अटक गया है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण 50-60 एकड़ भूमि पर आवासीय योजना बनाने की तैयारी में है। इसके लिए भूमि चिह्नित की जा रही है। तीन स्थानों पर भूमि देखी गई है। शाहनेवाजपुर के हाईवे के निकट दोनों पटरियों पर भूमि का सर्वे किया गया है। यहां विकास की काफी संभावनाएं हैं।
रवींद्र प्रताप सिंह, सचिव, अयोेध्या विकास प्राधिकरण