{"_id":"5dc2ff9c8ebc3e5b00302b12","slug":"hospital-faizabad-news-lko490812552","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन से खत्म है एलाइजा किट, मरीज सांसत में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दिन से खत्म है एलाइजा किट, मरीज सांसत में
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। जिला अस्पताल में तीन दिनों से एलाइजा किट खत्म हो गई है। इससे डेंगू मरीजों की जांच प्रभावित हो रही है। ऐसे में जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही मरीजों की जान पर भारी पड़ सकती है।
इन दिनों जिले में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अकेले जिला अस्पताल में डेंगू से लड़ने की व्यवस्थाएं मुकम्मल की गईं थीं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से इस पर भी ग्रहण लगने की आशंका है।
मालूम हो कि बुखार आने पर यहां पहुंचने वाले मरीजों की कार्ड से डेंगू की जांच की जाती है। इसमें पॉजिटिव पाए जाने वाले रोगियों को जिला अस्पताल के रिजर्व वार्ड में भर्ती कर डेंगू का इलाज किया जाता है।
विज्ञापन
इसके बाद इन रोगियों का आरडीसी स्थित सेंटीनल लैब से एलाइजा टेस्ट कराया जाता है। इसमें भी पॉजिटिव मिलने पर इन रोगियों को डेंगू का मरीज माना जाता है और इनकी सूची स्वास्थ्य विभाग को प्रेषित की जाती है। तदुपरांत स्वास्थ्य टीमें सिर्फ इन क्षेत्रों में ही जाकर बचाव कार्य करती हैं।
दो नवंबर को जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया था। इस दिन तक जिले में एलाइजा टेस्ट में 72 रोगी पॉजिटिव पाए गए थे।
तभी से एलाइजा किट जिला अस्पताल में खत्म हो चुकी है और मरीजों की जांच सिर्फ कार्ड से ही हो रही है। इस अवधि में कार्ड से ही हुई जांच में 52 और रोगी पॉजिटिव पाए गए हैं।
डेंगू की वास्तविक जानकारी न हो पाने के अभाव में मरीजों को दिक्कतों से गुजरना पड़ सकता है। आरडीसी प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि एलाइजा किट समाप्त हो गई थी। इंडेंट भेजा गया था, लेकिन बाहर से आने के कारण समय से आपूर्ति नहीं हो सकी। फिर भी कार्ड से जांचें की जा रही हैं।
वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ एके राय ने बताया कि एलाइजा किट खत्म जरूर हुई है, लेकिन कार्ड से ही जांच की जा रही है। दोनों जांचों में पुष्टि हो जाती है। मलेरिया विभाग के लोग किसी गाइडलाइन की वजह से नहीं मानते होंगे, लेकिन इलाज इससे भी हो रहा है।
विज्ञापन
इन दिनों जिले में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अकेले जिला अस्पताल में डेंगू से लड़ने की व्यवस्थाएं मुकम्मल की गईं थीं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से इस पर भी ग्रहण लगने की आशंका है।
विज्ञापन
मालूम हो कि बुखार आने पर यहां पहुंचने वाले मरीजों की कार्ड से डेंगू की जांच की जाती है। इसमें पॉजिटिव पाए जाने वाले रोगियों को जिला अस्पताल के रिजर्व वार्ड में भर्ती कर डेंगू का इलाज किया जाता है।
विज्ञापन
इसके बाद इन रोगियों का आरडीसी स्थित सेंटीनल लैब से एलाइजा टेस्ट कराया जाता है। इसमें भी पॉजिटिव मिलने पर इन रोगियों को डेंगू का मरीज माना जाता है और इनकी सूची स्वास्थ्य विभाग को प्रेषित की जाती है। तदुपरांत स्वास्थ्य टीमें सिर्फ इन क्षेत्रों में ही जाकर बचाव कार्य करती हैं।
दो नवंबर को जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया था। इस दिन तक जिले में एलाइजा टेस्ट में 72 रोगी पॉजिटिव पाए गए थे।
तभी से एलाइजा किट जिला अस्पताल में खत्म हो चुकी है और मरीजों की जांच सिर्फ कार्ड से ही हो रही है। इस अवधि में कार्ड से ही हुई जांच में 52 और रोगी पॉजिटिव पाए गए हैं।
डेंगू की वास्तविक जानकारी न हो पाने के अभाव में मरीजों को दिक्कतों से गुजरना पड़ सकता है। आरडीसी प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि एलाइजा किट समाप्त हो गई थी। इंडेंट भेजा गया था, लेकिन बाहर से आने के कारण समय से आपूर्ति नहीं हो सकी। फिर भी कार्ड से जांचें की जा रही हैं।
वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ एके राय ने बताया कि एलाइजा किट खत्म जरूर हुई है, लेकिन कार्ड से ही जांच की जा रही है। दोनों जांचों में पुष्टि हो जाती है। मलेरिया विभाग के लोग किसी गाइडलाइन की वजह से नहीं मानते होंगे, लेकिन इलाज इससे भी हो रहा है।