{"_id":"5e8f35a78ebc3e72bb688fb7","slug":"health-faizabad-news-lko5170560136","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रिपल लेयर मास्क का उत्पादन शुरू, समूह बना रहे मास्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रिपल लेयर मास्क का उत्पादन शुरू, समूह बना रहे मास्क
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिले में ट्रिपल लेयर मास्क का उत्पादन शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मास्क निर्माण का काम राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़े कई ब्लॉकों के समूह कर रहे हैं। इसके साथ ही इसका बिक्री भी शुरू हो गई है।
यह मास्क दवा करने वाले डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के उपयोग के लिए नहीं है। इसे सामान्य लोग जिन्हें कोई बीमारी नहीं है, वही प्रयोग करेंगे। डीएम अनुज कुमार झा ने इसको तैयार किए जाने के लिए आदेश जारी किया था। इसके लिए तीन अफसरों को नोडल अफसर बनाया गया है।
नोडल अफसर व जिला विकास अधिकारी हवलदार सिंह ने बताया कि जिले के रुदौली, तारून, मसौधा, बीकापुर और मिल्कीपुर ब्लॉक क्षेत्रों में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के कई समूहों ने इसका उत्पादन शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
मिल्कीपुर के गोकुला सहित अन्य गांवों में महिलाएं इसको तैयार कर रही हैं। यह उत्पादन बुधवार से ही शुरू करा दिया गया। इसके साथ ही इसकी बिक्री का निर्देश भी दे दिया गया जिससे लोग को तत्काल यह उपलब्ध हो सके। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखकर बनवाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को पहले दिन उत्पादित छह सौ मास्क की बिक्री कर दी गई है। इसकी कीमत दस से 12 रुपये तक हो सकती है। बताया कि उन्होंने बताया कि काटन मास्क बच्चों के लिए सात गुणा पांच इंच और लोगों के लिए नौ गुणा सात इंच का तैयार कराया जा रहा है। इसके निचले वाले हिस्से में डेढ़ इंच में तीन चुन्नट हैं।
इसके उत्पादन में अभी और तेजी लाई जाएगी। जिससे जिले के सभी लोगों के लिए यह मुहैय्या कराया जा सके। उन्होंने बताया कि इसका उपयोग दवा इलाज करने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ नहीं करेंगे। गरम पानी में नमक डालकर या साबुन से धोकर इसका दोबारा उपयोग किया जा सकेगा। शहरी क्षेत्र में इसकी शुरुआत कराए जाने की बात बताई गई है।
विज्ञापन
यह मास्क दवा करने वाले डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के उपयोग के लिए नहीं है। इसे सामान्य लोग जिन्हें कोई बीमारी नहीं है, वही प्रयोग करेंगे। डीएम अनुज कुमार झा ने इसको तैयार किए जाने के लिए आदेश जारी किया था। इसके लिए तीन अफसरों को नोडल अफसर बनाया गया है।
विज्ञापन
नोडल अफसर व जिला विकास अधिकारी हवलदार सिंह ने बताया कि जिले के रुदौली, तारून, मसौधा, बीकापुर और मिल्कीपुर ब्लॉक क्षेत्रों में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के कई समूहों ने इसका उत्पादन शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
मिल्कीपुर के गोकुला सहित अन्य गांवों में महिलाएं इसको तैयार कर रही हैं। यह उत्पादन बुधवार से ही शुरू करा दिया गया। इसके साथ ही इसकी बिक्री का निर्देश भी दे दिया गया जिससे लोग को तत्काल यह उपलब्ध हो सके। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखकर बनवाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को पहले दिन उत्पादित छह सौ मास्क की बिक्री कर दी गई है। इसकी कीमत दस से 12 रुपये तक हो सकती है। बताया कि उन्होंने बताया कि काटन मास्क बच्चों के लिए सात गुणा पांच इंच और लोगों के लिए नौ गुणा सात इंच का तैयार कराया जा रहा है। इसके निचले वाले हिस्से में डेढ़ इंच में तीन चुन्नट हैं।
इसके उत्पादन में अभी और तेजी लाई जाएगी। जिससे जिले के सभी लोगों के लिए यह मुहैय्या कराया जा सके। उन्होंने बताया कि इसका उपयोग दवा इलाज करने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ नहीं करेंगे। गरम पानी में नमक डालकर या साबुन से धोकर इसका दोबारा उपयोग किया जा सकेगा। शहरी क्षेत्र में इसकी शुरुआत कराए जाने की बात बताई गई है।