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घंटों इंतजार के बाद मिल रहा इलाज
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भेलसर (अयोध्या)। भेलसर-रुदौली मुख्यमार्ग पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदौली में मरीजों को घंटों इंतजार के बाद इलाज मिल रहा है। पंजीकरण काउंटर से लेकर दवाई काउंटर और ओपीडी तक में भीड़ के चलते इलाज के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
इन दिनों गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। अस्पताल में पेट दर्द, डायरिया व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सीएचसी रुदौली पर अधीक्षक डॉ. पीके गुप्ता, डॉ. संजय सिंह, डॉ. मो. फहीम, डॉ. अंजू जायसवाल, संविदा पर डॉ. प्रियंका यादव सहित पांच चिकित्सकों की तैनाती की गई है। यहां प्रतिदिन 450 से 500 मरीजों का उपचार किया जाता है।
शनिवार को अमर उजाला ने लगभग 12 बजे सीएचसी रुदौली पर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानी तो चिकित्सक संजय सिंह के कक्ष में ताला लटकता मिला। मरीज उनका इंतजार करते रहे। अन्य सभी चिकित्सकों के कक्ष में मरीजों की भीड़ रही। पंजीकरण काउंटर पर 12 बजे तक 280 मरीजों का मिला।
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मरीजों की सुविधाओं के लिए अस्पताल में जनरेटर स्थापित कराया गया है। बिजली कटौती होने पर मरीजों को उमस भरी गर्मी व अंधेरे में ही रहना पड़ता है। जनरेटर चलाने के लिए एक साल से डीजल का पैसा नहीं मिला। इससे शीतल जल भी लोगों को मुहैया नहीं हो पा रहा है। यही नहीं एक्सरे के लिए भी मरीजों को कई घंटे तक बिजली आने का इंतजार करना पड़ता है।
सबसे बड़ी परेशानी बिजली कटौती के चलते हो रही है। इमरजेंसी में किसी तरह डीजल की व्यवस्था कर जनरेटर चलाया जाता है। गर्भवती महिलाओं की यूएसजी भी यहां होती है। अस्पताल में किसी भी असुविधा के लिए अधीक्षक कक्ष में संपर्क किया जा सकता है। शिकायत पर तत्काल कार्यवाई की जाएगी।
-डॉ. पीके गुप्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रुदौली
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इन दिनों गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। अस्पताल में पेट दर्द, डायरिया व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सीएचसी रुदौली पर अधीक्षक डॉ. पीके गुप्ता, डॉ. संजय सिंह, डॉ. मो. फहीम, डॉ. अंजू जायसवाल, संविदा पर डॉ. प्रियंका यादव सहित पांच चिकित्सकों की तैनाती की गई है। यहां प्रतिदिन 450 से 500 मरीजों का उपचार किया जाता है।
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शनिवार को अमर उजाला ने लगभग 12 बजे सीएचसी रुदौली पर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानी तो चिकित्सक संजय सिंह के कक्ष में ताला लटकता मिला। मरीज उनका इंतजार करते रहे। अन्य सभी चिकित्सकों के कक्ष में मरीजों की भीड़ रही। पंजीकरण काउंटर पर 12 बजे तक 280 मरीजों का मिला।
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मरीजों की सुविधाओं के लिए अस्पताल में जनरेटर स्थापित कराया गया है। बिजली कटौती होने पर मरीजों को उमस भरी गर्मी व अंधेरे में ही रहना पड़ता है। जनरेटर चलाने के लिए एक साल से डीजल का पैसा नहीं मिला। इससे शीतल जल भी लोगों को मुहैया नहीं हो पा रहा है। यही नहीं एक्सरे के लिए भी मरीजों को कई घंटे तक बिजली आने का इंतजार करना पड़ता है।
सबसे बड़ी परेशानी बिजली कटौती के चलते हो रही है। इमरजेंसी में किसी तरह डीजल की व्यवस्था कर जनरेटर चलाया जाता है। गर्भवती महिलाओं की यूएसजी भी यहां होती है। अस्पताल में किसी भी असुविधा के लिए अधीक्षक कक्ष में संपर्क किया जा सकता है। शिकायत पर तत्काल कार्यवाई की जाएगी।
-डॉ. पीके गुप्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रुदौली