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मसौधा में पुनर्मतगणना को लेकर बवाल, जाम लगाया
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Nov 2015 12:22 AM IST
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मसौधा के मतगणना केंद्र पर सोमवार की भोर पुनर्मतगणना की मांग को लेकर बवाल हो गया। यह छह घंटे से ज्यादा समय तक चला। पुनर्मतगणना न कराए जाने पर प्रत्याशियों ने ग्रामीणों संग नारेबाजी और सड़क जाम कर दिया।
सूचना पर पहुंचे डीएम व एसएसपी ने शिकायत को निराधार करार दिया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों को फोर्स ने लाठियां भांजकर खदेड़ा। हंगामे के कारण किसी भी प्रत्याशी को टेबलेशन की कॉपी तक नहीं मल पाई।
मतगणना के दौरान रविवार रात लगभग ढाई बजे गड़बड़ी के आरोप लगने शुरू हुए। उस समय मसौधा द्वितीय के प्रत्याशियों की मतगणना समाप्त होने वाली थी।
आंकड़े एकत्र करने के बाद पता चला कि इस सीट से चुनाव लड़ रहे राजीव सिंह राजू को लगभग 249 वोटों की बढ़त मिल गई।
इसके बाद ही एक अन्य प्रत्याशी रामअचल यादव ने मतगणना में धांधली की शिकायत करते हुए विरोध शुरू कर दिया। उनके साथ एक अन्य प्रत्याशी शैलेंद्र यादव ने भी आपत्ति शुरू की।
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प्रत्याशियों ने इसकी लिखित शिकायत कर दी। उनका कहना था कि गिनती ठीक नहीं हुई है। प्रत्याशियों ने पुनर्मतगणना की मांग शुरू कर दी।
पुनर्मतगणना न होने की दशा में अंदर कर्मियों को काम करने में बाधा की स्थिति बन गई। यह बवाल होते-होते पांच बज गए।
मतगणना समाप्त होने के बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी तो आरओ व परियोजना निदेशक एके मिश्र से इसकी जानकारी डीएम अनिल ढींगरा को दी। डीएम व एसएसपी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
इस बीच बवाल कर रहे लोगों ने आसपास के गांवों को लोगों को भी बुला लिया। भारी भीड़ के बीच बवाल बढ़ गया। नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया।
इस बीच डीएम ने शिकायत को निराधार करार देते हुए पुनर्मतगणना की मांग को खारिज कर दिया। आरओ ने कहा कि पूरी मतगणना के दौरान किसी ने भी इसकी शिकायत नहीं की।
मतगणना पूरी तरह पारदर्शी रही। पुनर्मतगणना कराने का सवाल ही नहीं है। इसके बाद गांव के लोग भड़क गए। प्रत्याशी और समर्थकों का कहना था कि प्रशासन ज्यादती कर रहा है।
इसके खिलाफ सैकड़ों की संख्या में लोगों ने फैजाबाद-रायबरेली मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया तो प्रशासन के अफसरों ने सख्त रुख अख्तियार किया।
फोर्स ने सड़क पर जुटी भीड़ को खदेड़ना शुरू किया। लगभग छह घंटे चले बवाल के बाद मामला शांत हुआ तो आरओ ने मतगणना की सूची रिटर्निंग अफसर को सौंपी।
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सूचना पर पहुंचे डीएम व एसएसपी ने शिकायत को निराधार करार दिया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों को फोर्स ने लाठियां भांजकर खदेड़ा। हंगामे के कारण किसी भी प्रत्याशी को टेबलेशन की कॉपी तक नहीं मल पाई।
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मतगणना के दौरान रविवार रात लगभग ढाई बजे गड़बड़ी के आरोप लगने शुरू हुए। उस समय मसौधा द्वितीय के प्रत्याशियों की मतगणना समाप्त होने वाली थी।
आंकड़े एकत्र करने के बाद पता चला कि इस सीट से चुनाव लड़ रहे राजीव सिंह राजू को लगभग 249 वोटों की बढ़त मिल गई।
इसके बाद ही एक अन्य प्रत्याशी रामअचल यादव ने मतगणना में धांधली की शिकायत करते हुए विरोध शुरू कर दिया। उनके साथ एक अन्य प्रत्याशी शैलेंद्र यादव ने भी आपत्ति शुरू की।
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प्रत्याशियों ने इसकी लिखित शिकायत कर दी। उनका कहना था कि गिनती ठीक नहीं हुई है। प्रत्याशियों ने पुनर्मतगणना की मांग शुरू कर दी।
पुनर्मतगणना न होने की दशा में अंदर कर्मियों को काम करने में बाधा की स्थिति बन गई। यह बवाल होते-होते पांच बज गए।
मतगणना समाप्त होने के बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी तो आरओ व परियोजना निदेशक एके मिश्र से इसकी जानकारी डीएम अनिल ढींगरा को दी। डीएम व एसएसपी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
इस बीच बवाल कर रहे लोगों ने आसपास के गांवों को लोगों को भी बुला लिया। भारी भीड़ के बीच बवाल बढ़ गया। नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया।
इस बीच डीएम ने शिकायत को निराधार करार देते हुए पुनर्मतगणना की मांग को खारिज कर दिया। आरओ ने कहा कि पूरी मतगणना के दौरान किसी ने भी इसकी शिकायत नहीं की।
मतगणना पूरी तरह पारदर्शी रही। पुनर्मतगणना कराने का सवाल ही नहीं है। इसके बाद गांव के लोग भड़क गए। प्रत्याशी और समर्थकों का कहना था कि प्रशासन ज्यादती कर रहा है।
इसके खिलाफ सैकड़ों की संख्या में लोगों ने फैजाबाद-रायबरेली मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया तो प्रशासन के अफसरों ने सख्त रुख अख्तियार किया।
फोर्स ने सड़क पर जुटी भीड़ को खदेड़ना शुरू किया। लगभग छह घंटे चले बवाल के बाद मामला शांत हुआ तो आरओ ने मतगणना की सूची रिटर्निंग अफसर को सौंपी।