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बहुरेंगे कृषि विज्ञान केंद्रों के दिन
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कुमारगंज। आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों के दिन अब बहुरेगे। कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह के प्रयासों से विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए 4 अलग-अलग परियोजनाओं के अंतर्गत 38.5 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।
विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ. एपी राव ने बताया कि कुलपति जी की पैरवी के चलते तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की व्यक्तिगत रुचि के परिणामस्वरूप 7 कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती, बाराबंकी, बहराइच, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, वाराणसी तथा अयोध्या के मसौधा में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है।
विश्वविद्यालय के 6 कृषि विज्ञान केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए 9 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है। इस योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय कार्य क्षेत्र के पूर्वांचल के 3 भौगोलिक व जलवायु क्षेत्रों में बलरामपुर व गोरखपुर, वाराणसी व चंदौली तथा सोनभद्र व मऊ को शामिल किया गया है।
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उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा 5 कृषि विज्ञान केंद्रों पर कृषकों की आय दोगुनी करने के लिए 7.5 करोड़ की योजना स्वीकृत हुई है। इनमें गोरखपुर, बहराइच, वाराणसी, चंदौली तथा मऊ कृषि विज्ञान केंद्र शामिल हैं। इसी क्रम में जनजातीय किसानों के आय संवर्धन के लिए 2 करोड़ की परियोजना कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर तथा नानपारा के लिए स्वीकृत की गई है।
क्यूआरटी टीम ने किया समीक्षा
अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के कृषि विज्ञान केंद्रों के कार्यों की पँचवार्षिक समीक्षा के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से गठित क्यू आर टी टीम मंगलवार को विश्वविद्यालय पहुंची।
सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ के पूर्व कुलपति गयाप्रसाद की अध्यक्षता में गठित समिति में आई आई वी आर के पूर्व निदेशक डॉ. मथुरा राय, रामचंद्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के डॉ ओ पी सिंह, डॉ वाई पी एस दबास, डॉ अनुपम मिश्र सहित अन्य शामिल रहे।
इस दल के समक्ष बुधवार को विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्रों की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। दल द्वारा विश्वविद्यालय के केंद्रों का भ्रमण व अवलोकन करते हुए अपनी रिपोर्ट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को सौंपी जाएगी जो रिपोर्ट के आधार पर केंद्रों द्वारा किये गए कार्यों व प्रगति का मूल्यांकन करेगा।
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विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ. एपी राव ने बताया कि कुलपति जी की पैरवी के चलते तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की व्यक्तिगत रुचि के परिणामस्वरूप 7 कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती, बाराबंकी, बहराइच, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, वाराणसी तथा अयोध्या के मसौधा में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है।
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विश्वविद्यालय के 6 कृषि विज्ञान केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए 9 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है। इस योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय कार्य क्षेत्र के पूर्वांचल के 3 भौगोलिक व जलवायु क्षेत्रों में बलरामपुर व गोरखपुर, वाराणसी व चंदौली तथा सोनभद्र व मऊ को शामिल किया गया है।
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उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा 5 कृषि विज्ञान केंद्रों पर कृषकों की आय दोगुनी करने के लिए 7.5 करोड़ की योजना स्वीकृत हुई है। इनमें गोरखपुर, बहराइच, वाराणसी, चंदौली तथा मऊ कृषि विज्ञान केंद्र शामिल हैं। इसी क्रम में जनजातीय किसानों के आय संवर्धन के लिए 2 करोड़ की परियोजना कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर तथा नानपारा के लिए स्वीकृत की गई है।
क्यूआरटी टीम ने किया समीक्षा
अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के कृषि विज्ञान केंद्रों के कार्यों की पँचवार्षिक समीक्षा के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से गठित क्यू आर टी टीम मंगलवार को विश्वविद्यालय पहुंची।
सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ के पूर्व कुलपति गयाप्रसाद की अध्यक्षता में गठित समिति में आई आई वी आर के पूर्व निदेशक डॉ. मथुरा राय, रामचंद्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के डॉ ओ पी सिंह, डॉ वाई पी एस दबास, डॉ अनुपम मिश्र सहित अन्य शामिल रहे।
इस दल के समक्ष बुधवार को विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्रों की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। दल द्वारा विश्वविद्यालय के केंद्रों का भ्रमण व अवलोकन करते हुए अपनी रिपोर्ट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को सौंपी जाएगी जो रिपोर्ट के आधार पर केंद्रों द्वारा किये गए कार्यों व प्रगति का मूल्यांकन करेगा।