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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Farmers from drought broken patience, holding rice

सूखे से किसानों का टूटा धैर्य, जोत रहे धान

Wed, 23 Sep 2015 11:07 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 23 Sep 2015 11:07 PM IST
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इन हालातों में प्रशासन की ओर से सूखे को लेकर चुप्पी किसानों को दर्द दे रही है। न तो बिजली आपूर्ति सुधर रही है, न ही नहरों से सिंचाई लायक पानी मिल रहा है। 
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सोहावल में पंडितपुर, सोखावां, अवनपुर, पूरेललकी पांडेय आदि दर्जनों गांव है, जहां किसानों ने सूख रही धान की फसल को जोतना शुरू कर दिया है। पूरे ललकी के लल्लू पांडेय कहते हैं कि अपनी डेढ बीघे धान की फसल जोत दिए हैं।
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यह खेती डीजल पंप से सिंचाई करने पर घाटे का सौदा है। प्रगतिशील किसान संजय चौबे का कहना है कि बिजली आपूर्ति मात्र तीन-चार घंटे ही हो रही है, ऐसे में धान कैसे बचेगा।
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किसान इंद्रदेव का कहना है कि राई, सरसों, तोरिया आदि कम पानी से तैयार होने वाली फसलें बोई जाएंगी। मिल्कीपुर तहसील के कई गांवों में पीने के पानी का भी संकट खड़ा हो गया है। गांव में लगे छोटे हैंडपंपों ने जवाब दे दिया है।

वहीं लोगों को परिवार की प्यास बुझाने के लिए आधा किलोमीटर से भी ज्यादा का सफर तय करना पड़ रहा है। नलकूपों का आलम यह है कि जलस्तर अत्यधिक गिर जाने से पानी नहीं आ रहा है। यह स्थिति तहसील मिल्कीपुर के ग्राम पंचायत कुरावन की है। जहां पूरब टोला में लगभग 25 परिवार रहता है। 


इस संबंध में ग्राम के पूर्व प्रधान प्रताप नारायण यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर व पिछले तहसील दिवस पर डीएम को पत्र देकर समस्या से अवगत कराया था और गांव में तत्काल इंडिया मार्का हैंडपंप लगवाने की मांग की थी। जिससे इस मुहल्ले के लोगों को पीने का स्वच्छ पानी मिल सके। गांव के कांशीराम, मोहनलाल गुप्ता,जगदंबा यादव ने बताया कि यदि ऐसे ही रहा तो स्थिति और बिगड़ जाएगी।
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