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सीएचसी में प्रसूता की मौत पर हंगामा

Sat, 13 May 2017 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद Updated Sat, 13 May 2017 11:45 PM IST
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during delevary women died
बीकापुर सीएचसी में भर्ती एक महिला की प्रसव के दौरान मौत हो गई। यह खबर जब गांव पहुंची तो आक्रोशित ग्रामीण रात करीब 8 बजे सीएचसी पर पहुंच गये और इलाज में लापरवाही का आरोप लगा कर हंगामा शुरू कर दिया।
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नाराज ग्रामीण व परिवारीजन शव को सीएचसी के ही सामने हाईवे पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। जबकि नवजात शिशु की हालत गंभीर है और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 
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प्रसव पीड़िता रिंकू यादव पत्नी राज कुमार निवासी ककरहिया पातुपुर को शनिवार सुबह 10 बजे सीएचसी में भर्ती कराया गया था। अपराह्न 3 बजे उसे नार्मल डिलीवरी हुई लेकिन लापरवाही के कारण प्रसूता की हालत खराब हुई तो इलाज कर रहे डा. सतीश चंद्र ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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शाम 6 बजे प्रसूता को जिला अस्पताल लाया गया तो यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन परिवारीजनों का आरोप है कि महिला की मौत होने पर उसे रेफर का पर्चा थमाया गया है।

जबकि नवजात शिशु की हालत गंभीर है, उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रात करीब आठ बजे परिवारीजन प्रसूता का शव लेकर बीकापुर पहुंच गए। इसकी सूचना मिलने पर नाराज परिवारीजन व ग्रामीणों ने आकर सीएचसी पर हंगामा शुरू कर दिया और हाईवे पर शव को रख प्रदर्शन शुरू कर दिया और डॉक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सूचना मिलते ही एसडीएम प्रमोद तिवारी ने मौके पर नायब तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह और कोतवाल प्रमोद पांडेय सहित फोर्स भेजा। बाद में पहुंचे एसडीएम प्रमोद तिवारी ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि परिवारीजनों से किसी कर्मी ने 8 हजार रुपया भी लिया है। हंगामा बढ़ता देख सीएचसी से आरोपी डॉक्टर चले गए। परिवारीजन की मांग है कि आरोपी डॉक्टर व स्टाफ नर्स सुमन व सुभद्रा देवी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। करीब 40 मिनट बाद ग्रामीणों ने समझाने-बुझाने पर जाम व प्रदर्शन समाप्त किया।


बताया जाता है कि रिंकू की यह दूसरी डिलीवरी है। वहीं डा. सतीश चंद्र का कहना है कि प्रसूता को खून की कमी थी। हालात को देखते हुए उसे समय रहते जिला अस्पताल रेफर किया गया था लेकिन परिवारीजन उसे ले जाने से आनाकानी करते रहे। मेरी तरफ से कोई लापरवाही नहीं की गई है।
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