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Ayodhya News: जिला अस्पताल की ओपीडी में 12 डॉक्टर मिले नदारद
Tue, 06 Jun 2023 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 06 Jun 2023 11:28 PM IST
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अयोध्या। जिला अस्पताल में डॉक्टराें की लेटलतीफी से मरीज लगातार परेशान हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक व्यवस्था का जायजा लेते अस्पताल पहुंचे तो उन्हें भी 12 डॉक्टर नदारद मिले। यही नहीं दवा वितरण के रजिस्टर में भी खामियां मिलीं। पता चला कि स्टोर में दवाओं के रजिस्टर भी नियमित चेक नहीं होते हैं। ड्यूटी से गैरहाजिर सभी चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी है।
करीब एक माह पहले अमर उजाला ने जिला अस्पताल की पड़ताल की थी। इसमें खुलासा हुआ कि सुबह आठ बजे की बजाय डॉक्टर दस बजे तक ओपीडी में पहुंचते हैं। वार्डों में विजिट भी समय पर नहीं होती है। इस पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने जांच कराई जिसमें चिकित्सकों की लापरवाही उजागर हुई लेकिन प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने चेतावनी देकर मामले को रफादफा कर दिया।
प्रमुख सचिव ने अपर निदेशक स्वास्थ्य को जिला अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। इस कड़ी में मंगलवार को एडी डॉ. सुरेश चंद्र कौशल और संयुक्त निदेशक रमेश कुमार मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे अस्पताल पहुंच गए। उस वक्त अधिकांश ओपीडी खाली पड़ी थीं। 12 डॉक्टर अस्पताल से गैरहाजिर पाए गए। हालांकि निरीक्षण की सूचना मिलने पर कुछ डॉक्टर ड्यूटी पर पहुंच गए। ऐसे में अपर निदेशक ने सभी गैरहाजिर डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब किया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी है।
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दवा की मांग और खारिज का रिकॉर्ड नहीं
अपर निदेशक ने अस्पताल के सभी काउंटरों से लेकर वार्ड और इमरजेंसी का परीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि दवा वितरण कक्ष के रजिस्टर में मांग और खारिज का जिक्र अपडेट नहीं है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। दवा स्टोर में स्टाक तो सही मिला, लेकिन उसकी नियमित चेकिंग नहीं होती है। इसके बाद एडी ने प्रमुख अधीक्षक डॉ. सीबीएन त्रिपाठी के साथ बैठक कर व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए। अस्पताल में वाटर कूलर, इन्वर्टर और वाटर प्यूरीफायर लगवाने के भी निर्देश दिए।
बाहर की दवा लिखी तो खैर नहीं
अपर निदेशक ने सीएमएस के साथ बैठक के दौरान साफ कहा कि डॉक्टर बाहर से दवाएं कतई न लिखें। यदि इस तरह का मामला पाया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। केवल जन औषधि केंद्र से ही दवाएं लिखी जा सकती हैं।
वर्जन
अस्पताल में डॉक्टर समय पर नहीं आते हैं। इसके अलावा भी कई खामियां पाई गई हैं। जिस पर आख्या तैयार की जा रही है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर शासन को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
-डॉ. सुरेश चंद्र कौशल, अपर निदेशक, स्वास्थ्य
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बायोमीट्रिक हाजिरी की तैयारियों ने पकड़ा जोर
अयोध्या। चिकित्सकों की लेटलतीफी को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने कई बार बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज किए जाने का प्रस्ताव तैयार लेकिन दबाव के चलते इस पर अमल नहीं हो पा रहा था। अपर निदेशक के निरीक्षण के बाद सामने आई बदइंतजामी के बाद सुधार की तैयारी है। माना जा रहा है कि बायोमीट्रिक हाजिरी के पुराने प्रस्ताव को जल्द ही अमल में लाया जाएगा। प्रमुख अधीक्षक डॉ. सीबीएन त्रिपाठी ने कहा कि जल्द ही अस्पताल में बायोमीट्रिक हाजिरी का प्रबंध किया जाएगा। संवाद
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करीब एक माह पहले अमर उजाला ने जिला अस्पताल की पड़ताल की थी। इसमें खुलासा हुआ कि सुबह आठ बजे की बजाय डॉक्टर दस बजे तक ओपीडी में पहुंचते हैं। वार्डों में विजिट भी समय पर नहीं होती है। इस पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने जांच कराई जिसमें चिकित्सकों की लापरवाही उजागर हुई लेकिन प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने चेतावनी देकर मामले को रफादफा कर दिया।
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प्रमुख सचिव ने अपर निदेशक स्वास्थ्य को जिला अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। इस कड़ी में मंगलवार को एडी डॉ. सुरेश चंद्र कौशल और संयुक्त निदेशक रमेश कुमार मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे अस्पताल पहुंच गए। उस वक्त अधिकांश ओपीडी खाली पड़ी थीं। 12 डॉक्टर अस्पताल से गैरहाजिर पाए गए। हालांकि निरीक्षण की सूचना मिलने पर कुछ डॉक्टर ड्यूटी पर पहुंच गए। ऐसे में अपर निदेशक ने सभी गैरहाजिर डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब किया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी है।
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दवा की मांग और खारिज का रिकॉर्ड नहीं
अपर निदेशक ने अस्पताल के सभी काउंटरों से लेकर वार्ड और इमरजेंसी का परीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि दवा वितरण कक्ष के रजिस्टर में मांग और खारिज का जिक्र अपडेट नहीं है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। दवा स्टोर में स्टाक तो सही मिला, लेकिन उसकी नियमित चेकिंग नहीं होती है। इसके बाद एडी ने प्रमुख अधीक्षक डॉ. सीबीएन त्रिपाठी के साथ बैठक कर व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए। अस्पताल में वाटर कूलर, इन्वर्टर और वाटर प्यूरीफायर लगवाने के भी निर्देश दिए।
बाहर की दवा लिखी तो खैर नहीं
अपर निदेशक ने सीएमएस के साथ बैठक के दौरान साफ कहा कि डॉक्टर बाहर से दवाएं कतई न लिखें। यदि इस तरह का मामला पाया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। केवल जन औषधि केंद्र से ही दवाएं लिखी जा सकती हैं।
वर्जन
अस्पताल में डॉक्टर समय पर नहीं आते हैं। इसके अलावा भी कई खामियां पाई गई हैं। जिस पर आख्या तैयार की जा रही है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर शासन को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
-डॉ. सुरेश चंद्र कौशल, अपर निदेशक, स्वास्थ्य
बायोमीट्रिक हाजिरी की तैयारियों ने पकड़ा जोर
अयोध्या। चिकित्सकों की लेटलतीफी को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने कई बार बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज किए जाने का प्रस्ताव तैयार लेकिन दबाव के चलते इस पर अमल नहीं हो पा रहा था। अपर निदेशक के निरीक्षण के बाद सामने आई बदइंतजामी के बाद सुधार की तैयारी है। माना जा रहा है कि बायोमीट्रिक हाजिरी के पुराने प्रस्ताव को जल्द ही अमल में लाया जाएगा। प्रमुख अधीक्षक डॉ. सीबीएन त्रिपाठी ने कहा कि जल्द ही अस्पताल में बायोमीट्रिक हाजिरी का प्रबंध किया जाएगा। संवाद