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एसओ और दारोगा सस्पेंड, पांच सिपाही लाइन हाजिर
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2015 10:56 PM IST
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सीबीआई में तैनात आईपीएस अधिकारी के बुजुर्ग पिता से दुर्व्यवहार
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पूराकलंदर पुलिस को भारी पड़ गया। उच्चाधिकारियों के आदेश पर बुधवार को एसएसपी ने थाना प्रभारी व हलका दारोगा को
निलंबित कर दिया।
हमराही पांच सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। प्रकरण गांव के नाली विवाद से जुड़ा बताया गया है।
पूराकलंदर थानाक्षेत्र के गांव महावां पूरे बरईन का पुरवा निवासी बुजुर्ग दर्शनदीन चौरसिया के पुत्र केशवराम चौरसिया आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में वह सेंट्रल ब्यूरो आफ इनवेस्टीगेशन (सीबीआई) में तैनात हैं।
गांव के ही होमगार्ड रंजीत मिश्रा ने एक भूखंड पर आवास बनवाना शुरू किया तो निर्माण के चलते मोहल्ले की जलनिकासी रुक गई। जिसको लेकर गांव में गोलबंदी हो गई।
प्रकरण में दोनों पक्षों से आरोप-प्रत्यारोप के साथ शिकायतों का दौर चला और पंचायत भी हुई। रंजीत का कहना है कि जांच के बाद एसडीएम सोहावल ने विवादित भूमि को आबादी की जमीन बताते हुए पक्की नाली बनवा जलनिकासी की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया था।
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बावजूद इसके बुधवार की सुबह नीली बत्ती लगे वाहन से पहुंचे विपक्षियों ने उनकी ओर से बनवाये गये ईंट के पिलर को गिरवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि थाने की पुलिस होमगार्ड की पक्षदारी कर रही थी।
इसी के चलते सोमवार को पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे थानाध्यक्ष दीपन यादव व अन्य ने आईपीएस अधिकारी के बुजुर्ग पिता से दुर्व्यवहार किया।
इतना ही नहीं मंगलवार को थाने बुलाने के बाद बुजुर्ग के साथ पुलिसिया दुर्व्यवहार की पुनरावृत्ति की और साथ गये पांच-छह ग्रामीणों को भी नहीं बख्शा।
इसके बाद दर्शनदीन ने मामले की जानकारी अपने आईपीएस बेटे को दी और बेटे ने डीजीपी से शिकायत दर्ज कराई और गांव पहुंच गये। जिला पहुंच उन्होंने एसएसपी को पूरे वाकये से अवगत कराया।
बुधवार को एसएसपी ने गांव का दौरा कर प्रकरण की छानबीन की तो सच्चाई सामने आ गई।
इसके बाद एसएसपी मोहित कुमार ने थानाध्यक्ष दीपन यादव और हलका दारोगा राम उग्र कुशवाहा को निलंबित कर दिया और हमराही पांचों सिपाहियों भीमबली, इश्तियाक अहमद, राय साहब यादव, जितेंद्र यादव व लौटूराम को लाइन हाजिर कर दिया।
एसएसपी का कहना है कि प्रकरण की विभागीय जांच करवा जवाबदेही तय कराई जाएगी।
हमराही पांच सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। प्रकरण गांव के नाली विवाद से जुड़ा बताया गया है।
पूराकलंदर थानाक्षेत्र के गांव महावां पूरे बरईन का पुरवा निवासी बुजुर्ग दर्शनदीन चौरसिया के पुत्र केशवराम चौरसिया आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में वह सेंट्रल ब्यूरो आफ इनवेस्टीगेशन (सीबीआई) में तैनात हैं।
गांव के ही होमगार्ड रंजीत मिश्रा ने एक भूखंड पर आवास बनवाना शुरू किया तो निर्माण के चलते मोहल्ले की जलनिकासी रुक गई। जिसको लेकर गांव में गोलबंदी हो गई।
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प्रकरण में दोनों पक्षों से आरोप-प्रत्यारोप के साथ शिकायतों का दौर चला और पंचायत भी हुई। रंजीत का कहना है कि जांच के बाद एसडीएम सोहावल ने विवादित भूमि को आबादी की जमीन बताते हुए पक्की नाली बनवा जलनिकासी की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया था।
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बावजूद इसके बुधवार की सुबह नीली बत्ती लगे वाहन से पहुंचे विपक्षियों ने उनकी ओर से बनवाये गये ईंट के पिलर को गिरवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि थाने की पुलिस होमगार्ड की पक्षदारी कर रही थी।
इसी के चलते सोमवार को पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे थानाध्यक्ष दीपन यादव व अन्य ने आईपीएस अधिकारी के बुजुर्ग पिता से दुर्व्यवहार किया।
इतना ही नहीं मंगलवार को थाने बुलाने के बाद बुजुर्ग के साथ पुलिसिया दुर्व्यवहार की पुनरावृत्ति की और साथ गये पांच-छह ग्रामीणों को भी नहीं बख्शा।
इसके बाद दर्शनदीन ने मामले की जानकारी अपने आईपीएस बेटे को दी और बेटे ने डीजीपी से शिकायत दर्ज कराई और गांव पहुंच गये। जिला पहुंच उन्होंने एसएसपी को पूरे वाकये से अवगत कराया।
बुधवार को एसएसपी ने गांव का दौरा कर प्रकरण की छानबीन की तो सच्चाई सामने आ गई।
इसके बाद एसएसपी मोहित कुमार ने थानाध्यक्ष दीपन यादव और हलका दारोगा राम उग्र कुशवाहा को निलंबित कर दिया और हमराही पांचों सिपाहियों भीमबली, इश्तियाक अहमद, राय साहब यादव, जितेंद्र यादव व लौटूराम को लाइन हाजिर कर दिया।
एसएसपी का कहना है कि प्रकरण की विभागीय जांच करवा जवाबदेही तय कराई जाएगी।