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वैज्ञानिक खेती अपनाएं किसान तो आय होगी दोगुना: शाही
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:16 PM IST
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वैज्ञानिक खेती अपनाएं किसान तो आय होगी दोगुनी : शाही
कुमारगंज (फैजाबाद)। किसान और कृषि वैज्ञानिक दोनों की सोच एक होनी चाहिए। कम लागत और अधिक उत्पादन वैज्ञानिक खेती अपनाने से ही संभव है। यहीं आय को दो गुना कर सकती है और जीवन स्तर बदलेगी। किसान को अपने लाभ के लिए सजग होने की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार की ओर से किसानों के कर्ज माफी के लिए बार-बार शिकायती तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद अपेक्षित किसान इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शिकायती पोर्टल को 15 अप्रैल तक के लिए दोबारा खोल दिया गया है। यह बातें बृहस्पतिवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहीं।
वे नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में दो दिवसीय राज्य स्तरीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे। शाही ने पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए किसानों, प्रसार कार्यकर्ताओं को कृषि आय वृद्धि में मृदा स्वास्थ्य, जैविक खेती व अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कृषि के प्रति संवेदनशील होने का सुझाव दिया। इससे पूर्व विशिष्ट अतिथि पशुधन, मत्स्य राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद के साथ मेला प्रवेश द्वार पर फीता काटकर दीप प्रज्ज्वलित कर किसान मेले का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने पशुपालन एवं कुक्कट पालन को किसान की आय बढ़ाने का अच्छा माध्यम बताया और कहा कि आज से नहीं अनादि से खेती उत्तम मानी गयी है।
गोष्ठी में अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेएस संधू ने कहा कि विश्वविद्यालय सभी मापदंडों पर खरा उतरने का प्रयास करेगा। इसके लिए प्रयत्न शुरू कर दिए गए हैं। कुलपति ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि मंत्री व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से यथोचित सहयोग का आश्वासन मिल चुका है तथा अब विश्वविद्यालय की बारी है कि विश्वविद्यालय पूर्वांचल की कृषि विकास में अपनी भागीदारी पूरी ईमानदारी से निभाए। मंडलायुक्त मनोज मिश्र ने प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में चलायी जा रही योजना पर प्रकाश डाला।
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उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि कृषि मंत्री द्वारा प्रसार निदेशालय की मासिक पत्रिका पूर्वांचल खेती के मेला विशेषांक, कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती से प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका के कृषि सब्जी विशेषांक, वैज्ञानिक पशु प्रबंधन तथा मशरूम की वैज्ञानिक खेती एवं प्रबंधन पत्रिकाओं का विमोचन किया गया। इस दौरान केंद्रीय उपोश्ण वन्य वानिकी लखनऊ के निदेशक डॉ. एस रंजन, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के निदेशक डॉ. एडी पाठक, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी के निदेशक डॉ. विरेन्द्र सिंह, नेशनल ब्यूरो ऑफिस जेनेटिक रिर्सोस लखनऊ के निदेशक डॉ. कुलदीप कुमार लाल अटारी, कानपुर के निदेशक डॉ. यूएस गौतम, प्रबंध परिषद सदस्य बंसीलाल यादव, छेदी सिंह, शिवजीत यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेष पाण्डेय बादल, सांसद प्रतिनिधि जर्नादन मौर्या एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सहित विश्वविद्यालय शिक्षक, वैज्ञानिक, कर्मी व छात्र-छात्राएं प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
179 किसानों को मिला अनुदान स्वीकृति प्रमाण पत्र
कृषि मंत्री ने दलहन बीज उत्पादन योजना के तहत सीड हब परियोजना में होने वाले सिविल कार्यों का लोकार्पण किया। राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के तहत कर्न्जवेशन एंड जेनेटिक इम्प्रूवमेंट ऑफ साहीवाल कैटल इन ईस्टर्न यूपी के अंतर्गत लखनऊ, बाराबंकी तथा गोंडा जनपद के 179 किसानों को अनुदान स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया। किसान मेले में विश्वविद्यालय के बीज अनुभाग द्वारा विक्रय किए जाने वाले बीज विक्रय केंद्र का उद्घाटन कुलपति प्रो. जेएस संधू, मंडलायुक्त मनोज मिश्र तथा रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने किया।
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कुमारगंज (फैजाबाद)। किसान और कृषि वैज्ञानिक दोनों की सोच एक होनी चाहिए। कम लागत और अधिक उत्पादन वैज्ञानिक खेती अपनाने से ही संभव है। यहीं आय को दो गुना कर सकती है और जीवन स्तर बदलेगी। किसान को अपने लाभ के लिए सजग होने की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार की ओर से किसानों के कर्ज माफी के लिए बार-बार शिकायती तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद अपेक्षित किसान इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शिकायती पोर्टल को 15 अप्रैल तक के लिए दोबारा खोल दिया गया है। यह बातें बृहस्पतिवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहीं।
वे नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में दो दिवसीय राज्य स्तरीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे। शाही ने पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए किसानों, प्रसार कार्यकर्ताओं को कृषि आय वृद्धि में मृदा स्वास्थ्य, जैविक खेती व अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कृषि के प्रति संवेदनशील होने का सुझाव दिया। इससे पूर्व विशिष्ट अतिथि पशुधन, मत्स्य राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद के साथ मेला प्रवेश द्वार पर फीता काटकर दीप प्रज्ज्वलित कर किसान मेले का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने पशुपालन एवं कुक्कट पालन को किसान की आय बढ़ाने का अच्छा माध्यम बताया और कहा कि आज से नहीं अनादि से खेती उत्तम मानी गयी है।
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गोष्ठी में अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेएस संधू ने कहा कि विश्वविद्यालय सभी मापदंडों पर खरा उतरने का प्रयास करेगा। इसके लिए प्रयत्न शुरू कर दिए गए हैं। कुलपति ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि मंत्री व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से यथोचित सहयोग का आश्वासन मिल चुका है तथा अब विश्वविद्यालय की बारी है कि विश्वविद्यालय पूर्वांचल की कृषि विकास में अपनी भागीदारी पूरी ईमानदारी से निभाए। मंडलायुक्त मनोज मिश्र ने प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में चलायी जा रही योजना पर प्रकाश डाला।
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उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि कृषि मंत्री द्वारा प्रसार निदेशालय की मासिक पत्रिका पूर्वांचल खेती के मेला विशेषांक, कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती से प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका के कृषि सब्जी विशेषांक, वैज्ञानिक पशु प्रबंधन तथा मशरूम की वैज्ञानिक खेती एवं प्रबंधन पत्रिकाओं का विमोचन किया गया। इस दौरान केंद्रीय उपोश्ण वन्य वानिकी लखनऊ के निदेशक डॉ. एस रंजन, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के निदेशक डॉ. एडी पाठक, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी के निदेशक डॉ. विरेन्द्र सिंह, नेशनल ब्यूरो ऑफिस जेनेटिक रिर्सोस लखनऊ के निदेशक डॉ. कुलदीप कुमार लाल अटारी, कानपुर के निदेशक डॉ. यूएस गौतम, प्रबंध परिषद सदस्य बंसीलाल यादव, छेदी सिंह, शिवजीत यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेष पाण्डेय बादल, सांसद प्रतिनिधि जर्नादन मौर्या एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सहित विश्वविद्यालय शिक्षक, वैज्ञानिक, कर्मी व छात्र-छात्राएं प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
179 किसानों को मिला अनुदान स्वीकृति प्रमाण पत्र
कृषि मंत्री ने दलहन बीज उत्पादन योजना के तहत सीड हब परियोजना में होने वाले सिविल कार्यों का लोकार्पण किया। राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के तहत कर्न्जवेशन एंड जेनेटिक इम्प्रूवमेंट ऑफ साहीवाल कैटल इन ईस्टर्न यूपी के अंतर्गत लखनऊ, बाराबंकी तथा गोंडा जनपद के 179 किसानों को अनुदान स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया। किसान मेले में विश्वविद्यालय के बीज अनुभाग द्वारा विक्रय किए जाने वाले बीज विक्रय केंद्र का उद्घाटन कुलपति प्रो. जेएस संधू, मंडलायुक्त मनोज मिश्र तथा रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने किया।