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नर्स को पीटा और घसीटा, विरोध में हड़ताल
Updated Wed, 27 Sep 2017 11:03 PM IST
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फैजाबाद। जिला महिला अस्पताल के सेप्टिक वार्ड में बुधवार दोपहर एक नर्स को नाराज तीमारदारों ने पीट दिया। फिर उसे खसीटने लगे। नर्स की आवाज सुन स्टाफ ने किसी तरह उसे छुड़ाया।
पुलिस ने नर्स का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। अस्पताल की नर्सों ने हंगामा करते हुए कार्य बहिष्कार कर दिया है, जिससे गंभीर रूप से भर्ती मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, आरोपित तीमारदारों ने नर्स पर अभद्रता करने व धन उगाही का आरोप लगाया है। सुल्तानपुर जिले के हलियापुर निवासी चक्रदेव सिंह ने पत्नी कोमल सिंह को तीन दिन पूर्व जिला महिला अस्पताल के सेप्टिक वार्ड में भर्ती कराया था।
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रक्तस्राव अधिक होने से महिला का गर्भपात कराया गया। बुधवार दोपहर वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स मनोरमा मिश्रा से मरीज व परिवारीजनों की किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
बात बढ़ने पर दोनो पक्षों में वार्ड में ही मारपीट शुरू हो गई। नर्स मनोरमा का आरोप है कि मरीज की डीएनसी होने के बाद जब वह उसका हालचाल जानने वार्ड पहुंची तो मरीज कोमल, उसके पति चक्रदेव सिंह ने अपने को सत्ता पक्ष के एक सांसद का करीबी बताकर बिना कारण अभद्रता करने लगे।
विरोध पर सभी ने पिटाई शुरू कर दी। बचाव के चींखी-चिल्लाई तो मारने के साथ घसीटने लगे। घटना के दौरान शोर सुनकर आए स्टाफ ने उसे बचाया।
सूचना पर कोतवाली पुलिस समेत प्रभारी सीएमएस डॉ. अरुण कुमार गुप्ता आदि डॉक्टर मौके पर पहुंचे। मामले में नर्स ने सीएमएस से शिकायत की, जिसे सीएसएस ने कोतवाल को रिपोर्ट दर्ज करने की आख्या भेजी है।
दो लोगों के खिलाफ केस
नर्स की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य बाधा डालने, मारने पीटने, धमकी देने आदि में मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरे पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।
-शरद कुमार, चौकी प्रभारी, रिकाबगंज
‘पैसे न देने पर नर्स ने की अभद्रता’
आरोपी पक्ष की मरीज कोमल सिंह ने बताया कि उसे तीन दिन से सेप्टिक वार्ड में भर्ती कराया गया, लेकिन बेड नहीं मिला।
दूसरे मरीज के साथ बेड पर भर्ती हुई। नर्स मनोरमा मिश्रा ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड संचालित न होने की बात कहकर बाहर भेजा।
उसके बाद से समय-समय पर इलाज के नाम पर अवैध रूप से पैसे की मांग करती थी। न देने पर अभद्रता करती रही। पैसा न देने पर गर्भपात कराने के लिए बिना बेहोशी का इंजेक्सन दिए ही गर्भपात कर दिया।
दोपहर बाद फिर पैसों की मांग करने लगी। न देने पर अभद्रता करने लगी और स्ट्रेचर व कैंची से हमला कर दिया। बचाव में हाथापाई हुई और नर्स को भी चोट लग गई।
कराहती रहीं प्रसूताएं, नहीं हुआ इलाज
अस्पताल में मारपीट के बाद सभी नर्सों ने तीमारदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल कर दिया। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
घटना के बाद संगठन की बैठक भी तत्काल अस्पताल परिसर में आहूत करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई होने तक हड़ताल करने का निर्णय लिया गया।
इस बीच तमाम प्रसूताएं दर्द से कराहती रहीं लेकिन स्टाफ नर्सों ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए उन्हें देखा तक नहीं। लेबर रूम, ओटी से लेकर सभी वार्डों में सन्नाटा पसरा रहा। इलाज न मिलने व मरीजों की हालत बिगड़ता देखकर तमाम तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस को शीघ्र कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम
तीमारदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद पुलिस को शीघ्र कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया गया है। देर शाम सभी नर्सों ने काम शुरू किया। पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर अग्रिम रणनीति बनाई जाएगी। धन उगाही का आरोप बेबुनियाद है, जांच कराई जाएगी।
-डॉ. अरुण कुमार, प्रभारी सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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पुलिस ने नर्स का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। अस्पताल की नर्सों ने हंगामा करते हुए कार्य बहिष्कार कर दिया है, जिससे गंभीर रूप से भर्ती मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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उधर, आरोपित तीमारदारों ने नर्स पर अभद्रता करने व धन उगाही का आरोप लगाया है। सुल्तानपुर जिले के हलियापुर निवासी चक्रदेव सिंह ने पत्नी कोमल सिंह को तीन दिन पूर्व जिला महिला अस्पताल के सेप्टिक वार्ड में भर्ती कराया था।
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रक्तस्राव अधिक होने से महिला का गर्भपात कराया गया। बुधवार दोपहर वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स मनोरमा मिश्रा से मरीज व परिवारीजनों की किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
बात बढ़ने पर दोनो पक्षों में वार्ड में ही मारपीट शुरू हो गई। नर्स मनोरमा का आरोप है कि मरीज की डीएनसी होने के बाद जब वह उसका हालचाल जानने वार्ड पहुंची तो मरीज कोमल, उसके पति चक्रदेव सिंह ने अपने को सत्ता पक्ष के एक सांसद का करीबी बताकर बिना कारण अभद्रता करने लगे।
विरोध पर सभी ने पिटाई शुरू कर दी। बचाव के चींखी-चिल्लाई तो मारने के साथ घसीटने लगे। घटना के दौरान शोर सुनकर आए स्टाफ ने उसे बचाया।
सूचना पर कोतवाली पुलिस समेत प्रभारी सीएमएस डॉ. अरुण कुमार गुप्ता आदि डॉक्टर मौके पर पहुंचे। मामले में नर्स ने सीएमएस से शिकायत की, जिसे सीएसएस ने कोतवाल को रिपोर्ट दर्ज करने की आख्या भेजी है।
दो लोगों के खिलाफ केस
नर्स की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य बाधा डालने, मारने पीटने, धमकी देने आदि में मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरे पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।
-शरद कुमार, चौकी प्रभारी, रिकाबगंज
‘पैसे न देने पर नर्स ने की अभद्रता’
आरोपी पक्ष की मरीज कोमल सिंह ने बताया कि उसे तीन दिन से सेप्टिक वार्ड में भर्ती कराया गया, लेकिन बेड नहीं मिला।
दूसरे मरीज के साथ बेड पर भर्ती हुई। नर्स मनोरमा मिश्रा ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड संचालित न होने की बात कहकर बाहर भेजा।
उसके बाद से समय-समय पर इलाज के नाम पर अवैध रूप से पैसे की मांग करती थी। न देने पर अभद्रता करती रही। पैसा न देने पर गर्भपात कराने के लिए बिना बेहोशी का इंजेक्सन दिए ही गर्भपात कर दिया।
दोपहर बाद फिर पैसों की मांग करने लगी। न देने पर अभद्रता करने लगी और स्ट्रेचर व कैंची से हमला कर दिया। बचाव में हाथापाई हुई और नर्स को भी चोट लग गई।
कराहती रहीं प्रसूताएं, नहीं हुआ इलाज
अस्पताल में मारपीट के बाद सभी नर्सों ने तीमारदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल कर दिया। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
घटना के बाद संगठन की बैठक भी तत्काल अस्पताल परिसर में आहूत करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई होने तक हड़ताल करने का निर्णय लिया गया।
इस बीच तमाम प्रसूताएं दर्द से कराहती रहीं लेकिन स्टाफ नर्सों ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए उन्हें देखा तक नहीं। लेबर रूम, ओटी से लेकर सभी वार्डों में सन्नाटा पसरा रहा। इलाज न मिलने व मरीजों की हालत बिगड़ता देखकर तमाम तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस को शीघ्र कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम
तीमारदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद पुलिस को शीघ्र कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया गया है। देर शाम सभी नर्सों ने काम शुरू किया। पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर अग्रिम रणनीति बनाई जाएगी। धन उगाही का आरोप बेबुनियाद है, जांच कराई जाएगी।
-डॉ. अरुण कुमार, प्रभारी सीएमएस, जिला महिला अस्पताल