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पौराणिक सप्तसागर कुंड का होगा सुंदरीकरण
Updated Thu, 03 May 2018 10:48 PM IST
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संवारा जाएगा पौराणिक सप्तसागर कुंड
अयोध्या। पौराणिक मंदिरों और प्राचीन सरोवरों की नगरी अयोध्या में भूमाफिया की दबंगई के चलते तमाम ऐसे कुंड और सरोवर हैं जिनके अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। ऐसा ही प्राचीन सप्तसागर कुंड को पाटकर इसकी जमीन को बेचा जा चुका है। यह कुंड अब महज एक नाले के शक्ल में बचा हुआ है। एडवर्ड अयोध्या तीर्थ विवेचनी सभा ने इस पौराणिक कुंड के सौंदर्यीकरण का बीड़ा उठाया है। सभा के अध्यक्ष श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास व महामंत्री रामदास ने बृहस्पतिवार को कुंड का निरीक्षण किया और सौंदर्यीकरण की योजना बनाई।
सभा के अध्यक्ष अधिकारी राजकुमार दास ने निरीक्षण के बाद बताया कि कुंड का कुंड की साफ-सफाई कर पौधरोपण किया जाएगा। प्रकाश व्यवस्था सही कराई जाएगी। शासन-प्रशासन से भी सहयोग की अपील की जाएगी। महामंत्री रामदास ने कहा कि कुंड व सरोवर अयोध्या की पौराणिकता के द्योतक है। इनका संरक्षण व सौंदर्यीकरण आवश्यक है। वहीं कुंड सप्तसागर के आसपास की जमीन के खरीद-फरोख्त में शामिल रहे सादिक अली बाबू भाई ने सप्तसागर विकसित करने के लिए कुछ जमीन और दो लाख की नकद राशि का सहयोग देने का एलान किया है। निरीक्षण के दौरान पार्षद रमेश दास आदि मौजूद रहे।
शास्त्रों में वर्णित है सप्तसागर की महिमा
सप्तसागर कुंड पौराणिक है, इसका महत्व शास्त्रों में वर्णित है। डॉ.रामानंद शुक्ल बताते हैं कि शास्त्रों में वर्णित है कि यहां पर स्नान करने से सात समुद्रों के समान फल मिलता है। जिससे व्यक्ति को किसी भी प्रकार का अभाव व शोक नहीं रहता। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है कि जगतजननी मां सीता जब पितृ गृह जनपुरी से अयोध्या के लिए चलीं तो पार्वती जी की प्रतिमा भी साथ लेतीं आईं। महाराजा दशरथ ने अयोध्या में सप्तसागर के निकट मंदिर बनवा दिया। जहां सीता जी अन्य रानियों के साथ पूजन करने जाया करतीं थी। यह मंदिर आज छोटी देवकाली के नाम से जाता है। तब से लेकर आज तक यह कुंड आस्था का क्रेंद है, वैवाहिक अनुष्ठान भी होते आए हैं।
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एडवर्ड अयोध्या तीर्थ विवेचनी सभा की मुहिम सराहनीय है। नगर निगम अयोध्या के पौराणिक कुंडों कें संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है। सप्तसागर कुंड के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम की ओर से हर संभव सहयोग किया जाएगा। विवेचनी सभा की मुहिम में नगर निगम साथ है, कुंड की साफ-सफाई कराकर, आस-पास छोटे-छोटे पार्क बनाकर इसकी सुंदरता बढ़ाई जाएगी।- ऋषिकेश उपाध्याय, महापौर नगर निगम अयोध्या
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अयोध्या। पौराणिक मंदिरों और प्राचीन सरोवरों की नगरी अयोध्या में भूमाफिया की दबंगई के चलते तमाम ऐसे कुंड और सरोवर हैं जिनके अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। ऐसा ही प्राचीन सप्तसागर कुंड को पाटकर इसकी जमीन को बेचा जा चुका है। यह कुंड अब महज एक नाले के शक्ल में बचा हुआ है। एडवर्ड अयोध्या तीर्थ विवेचनी सभा ने इस पौराणिक कुंड के सौंदर्यीकरण का बीड़ा उठाया है। सभा के अध्यक्ष श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास व महामंत्री रामदास ने बृहस्पतिवार को कुंड का निरीक्षण किया और सौंदर्यीकरण की योजना बनाई।
सभा के अध्यक्ष अधिकारी राजकुमार दास ने निरीक्षण के बाद बताया कि कुंड का कुंड की साफ-सफाई कर पौधरोपण किया जाएगा। प्रकाश व्यवस्था सही कराई जाएगी। शासन-प्रशासन से भी सहयोग की अपील की जाएगी। महामंत्री रामदास ने कहा कि कुंड व सरोवर अयोध्या की पौराणिकता के द्योतक है। इनका संरक्षण व सौंदर्यीकरण आवश्यक है। वहीं कुंड सप्तसागर के आसपास की जमीन के खरीद-फरोख्त में शामिल रहे सादिक अली बाबू भाई ने सप्तसागर विकसित करने के लिए कुछ जमीन और दो लाख की नकद राशि का सहयोग देने का एलान किया है। निरीक्षण के दौरान पार्षद रमेश दास आदि मौजूद रहे।
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शास्त्रों में वर्णित है सप्तसागर की महिमा
सप्तसागर कुंड पौराणिक है, इसका महत्व शास्त्रों में वर्णित है। डॉ.रामानंद शुक्ल बताते हैं कि शास्त्रों में वर्णित है कि यहां पर स्नान करने से सात समुद्रों के समान फल मिलता है। जिससे व्यक्ति को किसी भी प्रकार का अभाव व शोक नहीं रहता। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है कि जगतजननी मां सीता जब पितृ गृह जनपुरी से अयोध्या के लिए चलीं तो पार्वती जी की प्रतिमा भी साथ लेतीं आईं। महाराजा दशरथ ने अयोध्या में सप्तसागर के निकट मंदिर बनवा दिया। जहां सीता जी अन्य रानियों के साथ पूजन करने जाया करतीं थी। यह मंदिर आज छोटी देवकाली के नाम से जाता है। तब से लेकर आज तक यह कुंड आस्था का क्रेंद है, वैवाहिक अनुष्ठान भी होते आए हैं।
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एडवर्ड अयोध्या तीर्थ विवेचनी सभा की मुहिम सराहनीय है। नगर निगम अयोध्या के पौराणिक कुंडों कें संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है। सप्तसागर कुंड के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम की ओर से हर संभव सहयोग किया जाएगा। विवेचनी सभा की मुहिम में नगर निगम साथ है, कुंड की साफ-सफाई कराकर, आस-पास छोटे-छोटे पार्क बनाकर इसकी सुंदरता बढ़ाई जाएगी।- ऋषिकेश उपाध्याय, महापौर नगर निगम अयोध्या