{"_id":"5fe21b658ebc3e3b884c9a44","slug":"court-faizabad-news-lko55621571","type":"story","status":"publish","title_hn":"तहरीर के बाद भी पुलिस ने शांतिभंग में किया था चालान, सीओ के आदेश पर हुआ था मुकदमा, कोर्ट ने दुष्कर्मी को दी उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तहरीर के बाद भी पुलिस ने शांतिभंग में किया था चालान, सीओ के आदेश पर हुआ था मुकदमा, कोर्ट ने दुष्कर्मी को दी उम्रकैद
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अयोध्या। नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म करने वाले युवक को कोर्ट ने दोषी पाते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी युवक पर एक लाख चार हजार रुपये जुर्माना भी किया है। फैसला विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट असद अहमद हाशमी की अदालत से हुआ। मामला कोतवाली बीकापुर से जुड़ा है।
एडीजीसी रोहित पांडेय व एससी/एसटी एक्ट के विशेष लोक अभियोजक लालमणि तिवारी ने बताया कि वारदात 28 जुलाई 2015 की है। बीकापुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी दिन में 10 बजे खेत में चारा काटने गई थी। उसी समय उसके गांव का भरत वहां पहुंचा और उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। घटना के समय पीड़ित किशोरी का पिता रोजी-रोटी के चक्कर में बाहर गया था।
वहां से वापस आने पर पांच अगस्त 2015 को उसने मामले की तहरीर थाने में दी तो पुलिस ने युवक का शांतिभंग की आशंका में चालान कर मामले की इतिश्री कर दी। पीड़िता के पिता ने क्षेत्राधिकारी बीकापुर के यहां न्याय की गुहार लगाई।
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क्षेत्राधिकारी के आदेश पर मामले में एफआईआर दर्ज हुई और विवेचक ने विवेचना करने के बाद युवक भरत भुवाल के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने युवक को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा दी। कोर्ट ने जुर्माने की संपूर्ण धनराशि में से 50 फीसदी पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया।
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एडीजीसी रोहित पांडेय व एससी/एसटी एक्ट के विशेष लोक अभियोजक लालमणि तिवारी ने बताया कि वारदात 28 जुलाई 2015 की है। बीकापुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी दिन में 10 बजे खेत में चारा काटने गई थी। उसी समय उसके गांव का भरत वहां पहुंचा और उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। घटना के समय पीड़ित किशोरी का पिता रोजी-रोटी के चक्कर में बाहर गया था।
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वहां से वापस आने पर पांच अगस्त 2015 को उसने मामले की तहरीर थाने में दी तो पुलिस ने युवक का शांतिभंग की आशंका में चालान कर मामले की इतिश्री कर दी। पीड़िता के पिता ने क्षेत्राधिकारी बीकापुर के यहां न्याय की गुहार लगाई।
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क्षेत्राधिकारी के आदेश पर मामले में एफआईआर दर्ज हुई और विवेचक ने विवेचना करने के बाद युवक भरत भुवाल के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने युवक को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा दी। कोर्ट ने जुर्माने की संपूर्ण धनराशि में से 50 फीसदी पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया।