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आग में जिंदा जला अधेड़ दिव्यांग
फैजाबाद
Updated Wed, 15 Mar 2017 10:14 PM IST
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खंडासा थानाक्षेत्र के रामपुर गौहनियां गांव मेें बुधवार की सुबह आग लगने से राख सामान।
- फोटो : अमर उजाला
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खंडासा थानाक्षेत्र के रामपुर गौहनियां गांव मेें बुधवार की सुबह प्राथमिक विद्यालय के सामने स्थित एक झोपड़ी में लगी आग से अधेड़ दिव्यांग की जिंदा जलकर मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। मौके पर पहुंचे लेखपाल ने क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी है।
रामपुर गौहनियां गांव निवासी ननकाई (50) के दोनों पैर अर्सा पहले दुर्घटना में टूट गए थे जिससे वह अपने दोनों पैरों पर खड़ा नहीं हो पाता था और अविवाहित था। अधेड़ दिव्यांग गांव के उत्तर स्थित प्राथमिक विद्यालय के सामने एक झोपड़ी में रहता था।
उसके भोजन-पानी की व्यवस्था उसके भतीजे राकेश कुमार करते थे। बुधवार सुबह तकरीबन नौ बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि अधेड़ दिव्यांग उसी में फंस गया और जलते हुए चीखने चिल्लाने लगा। जब तक गांव के लोग दौड़ कर आग पर काबू पाते तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। आग बुझने के बाद ग्रामीणों ने जब अधेड़ दिव्यांग को देखा तो उसकी जलकर मौत हो चुकी थी।
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मृतक के भतीजे राकेश ने बताया कि वह बीड़ी पिया करते थे, शायद बीड़ी से ही आग लगी हो। गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं थी। बताया कि आग से झोपड़ी में रखा इंजन, चारा मशीन, ठेला, सिंचाई पाइप सहित अन्य सामान जल कर राख हो गया। मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल किशोरी लाल ने बताया कि क्षति का आकलन कर रिपोर्ट भेजी गई है। थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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रामपुर गौहनियां गांव निवासी ननकाई (50) के दोनों पैर अर्सा पहले दुर्घटना में टूट गए थे जिससे वह अपने दोनों पैरों पर खड़ा नहीं हो पाता था और अविवाहित था। अधेड़ दिव्यांग गांव के उत्तर स्थित प्राथमिक विद्यालय के सामने एक झोपड़ी में रहता था।
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उसके भोजन-पानी की व्यवस्था उसके भतीजे राकेश कुमार करते थे। बुधवार सुबह तकरीबन नौ बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि अधेड़ दिव्यांग उसी में फंस गया और जलते हुए चीखने चिल्लाने लगा। जब तक गांव के लोग दौड़ कर आग पर काबू पाते तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। आग बुझने के बाद ग्रामीणों ने जब अधेड़ दिव्यांग को देखा तो उसकी जलकर मौत हो चुकी थी।
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मृतक के भतीजे राकेश ने बताया कि वह बीड़ी पिया करते थे, शायद बीड़ी से ही आग लगी हो। गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं थी। बताया कि आग से झोपड़ी में रखा इंजन, चारा मशीन, ठेला, सिंचाई पाइप सहित अन्य सामान जल कर राख हो गया। मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल किशोरी लाल ने बताया कि क्षति का आकलन कर रिपोर्ट भेजी गई है। थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।