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जैव रसायन व इतिहास में नहीं हो रहे प्रवेश

Thu, 23 Jul 2015 10:54 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 23 Jul 2015 10:54 PM IST
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इसके बावजूद विश्वविद्यालय के दो अहम विभाग बॉयोकेमिस्ट्री तथा इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व बिना विभागाध्यक्ष के चल रहे हैं।
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विभागाध्यक्ष की नियुक्ति न होने से दोनों विभागों में नए सत्र में प्रवेश भी रुका है। इससे दाखिला लेने के इच्छुक छात्र-छात्राएं परेशान हैं। वहीं विश्वविद्यालय के पांच अनुभाग ऐसे हैं, जिनमें किसी अधीक्षक की तैनाती नहीं है। उनका चार्ज जूनियर कर्मियों के पास है।

अवध विश्वविद्यालय का नया सत्र 16 जुलाई को शुरू हुआ था। नया सत्र शुरू हो जाने से दो विभागाध्यक्षों बॉयोकेमिस्ट्री तथा इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व का कार्यकाल समाप्त हो गया।
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इनमें से इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष रहे प्रो. अशोक कुमार मिश्र सेवानिवृत्त हो गए हैं। जबकि जैव रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आरएल सिंह का तीन वर्षीय कार्यकाल खत्म हो गया।
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मगर दोनों विभागाध्यक्षों की नियुक्ति के बाबत अब तक कोई आदेश कुलपति स्तर से नहीं निर्गत हुआ है। इस वजह से दोनों विभागों में नए सत्र में छात्रों का प्रवेश रुका है।

दूसरी ओर विश्वविद्यालय के पांच अहम अनुभाग गोपनीय, शैक्षणिक, सामान्य प्रशासन, उपाधि (डिग्री) व सम्बंद्धन में किसी अधीक्षक की तैनाती नहीं है। जबकि नियमानुसार अनुभाग का मुखिया अधीक्षक होता है।

समस्त कार्यों का दायित्व उसके पास होता है। इसके बाद भी गोपनीय जैसे सर्वाधिक महत्वपूर्ण का चार्ज सहायक अधीक्षक के पास है। जबकि शैक्षणिक अनुभाग में न तो अधीक्षक और न तो सहायक अधीक्षक तैनात हैं।

इसी तरह सामान्य प्रशासन, डिग्री व संबंद्धन में किसी की तैनाती ही नहीं है। इससे उक्त अनुभागों से संबंधित कामकाज भी प्रभावित हो रहा। इस संबंध में रजिस्ट्रार एएम अंसारी के मोबाइल नंबर-7678893066 पर कई कॉल की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।


विज्ञान संकाय के डीन प्रो. आरएल सिंह का कहना था कि डीन की वजह से विभागाध्यक्ष बॉयोकेमिस्ट्री का चार्ज फिर मुझे ही मिलना है। आदेश अभी तक न निकलने और एडमीशन न होने का कारण रजिस्ट्रार ही बता पाएंगे। उधर इतिहास विभाग के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. एपी सिंह ने इस संबंध में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
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