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मणिपर्वत मेले पर रोक, नहीं निकलेंगी रथयात्राएं
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महंत कमलनयन दास
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। रामनगरी के ऐतिहासिक सावन झूलनोत्सव पर कोरोना ने ग्रहण लगा दिया है। हर वर्ष श्रावण शुक्ल पक्ष तृतीया को अयोध्या में मणिपर्वत मेले के साथ ही एक पखवाड़े तक चलने वाले झूलन उत्सव का शुभारंभ होता था, लेकिन इस वर्ष प्रशासन के निवेदन पर संतों ने मंदिरों से रथयात्रा न निकालने का निर्णय लिया है।
संतों ने देशभर के भक्तों से अपील भी की है कि वे कोरोना से जारी लड़ाई में प्रशासन का सहयोग करें और घरों पर रहकर झूलनोत्सव का पर्व मनाएं। हालांकि मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए झूलनोत्सव की परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।
अयोध्या में सावन झूलनोत्सव का शुभारंभ बुधवार को मणिपर्वत मेले के साथ हो जाएगा। हालांकि प्रशासन ने इस बार मणिपर्वत मेले के दिन मंदिरों से निकलने वाली रथ यात्राओं पर संत-धर्माचार्यों की सहमति प्राप्त करने के बाद रोक लगा दी है।
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परंपरा है कि श्रावण शुक्ल पक्ष तृतीया को रामनगरी के दर्जनों मंदिरों से भगवान के विग्रह को रथों पर सवारकर मणिपर्वत तक यात्रा निकाली जाती है।
यह विग्रह स्वरूप भगवान को झूला झुलाया जाता है, फिर रथयात्रा वापस मंदिर लौटती है और मंदिरों में झूलनोत्सव का श्रीगणेश हो जाता है। इस बार संत-धर्माचार्यों ने कोरोना से जारी लड़ाई में प्रशासन का सहयोग करते हुए रथयात्रा न निकालने का निर्णय लिया है।
हालांकि रामनगरी के सैकड़ों मंदिरों में बुधवार शाम से ही झूलनोत्सव का श्रीगणेश हो जाएगा। जो एक पखवारे तक चलेगा और सावन पूर्णिमा पर झूलन महोत्सव की समाप्ति होगी।
संतों ने इसके साथ ही साथ भक्तों से अपील किया है कि वे अयोध्या में भीड़ न करें, अपने घरों पर ही रहकर सावन झूलनोत्सव मनाएं। महंत कमलनयन दास ने कहा कि कोरोना से बचने का प्रयास करें। सब लोग संयम बरतें।
संयम और अनुशासन के साथ कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए पूजा-अर्चना करें। कोरोना से अभी लड़ाई जारी है। इस लड़ाई में प्रशासन का सहयोग करें। इस महामारी को भगाने में हम सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी।
भक्त सावन मेले में अयोध्या न आएं, घरों पर ही सावन झूलनोत्सव का पर्व मनाएं। श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि वैश्विक संकट कोरोना महामारी को देखते हुए साधु-संत एवं प्रशासन ने निर्णय लिया है कि मणिपर्वत मेले पर मंदिरों से भगवान के विग्रह की रथ यात्राएं नहीं निकाली जाएंगी।
कोरोना संकट से बचाव के लिए एक ही उपाय है कि भीड़भाड़ से बचें। भक्तों से विनम्र प्रार्थना है कि अयोध्या कम से कम आएं। झूलनोत्सव घर पर ही मनाएं। सुरक्षित रहेंगे तो हर वर्ष पर्व व त्योहार मना सकेंगे।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए मणिपर्वत मेले पर रोक लगाई गई है। मंदिरों से रथयात्रा भी न निकले, इसके लिए संतों से सहयोग मांगा गया है। संतों ने रथयात्रा न निकालने के लिए आश्वस्त किया है। प्रशासन की सभी भक्तों से अपील है कि घरों पर रहकर ही पूजा-पाठ करें, झूलन उत्सव मनाएं, अयोध्या में भीड़ न करें।- वैभव शर्मा, एडीएम सिटी, अयोध्या
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संतों ने देशभर के भक्तों से अपील भी की है कि वे कोरोना से जारी लड़ाई में प्रशासन का सहयोग करें और घरों पर रहकर झूलनोत्सव का पर्व मनाएं। हालांकि मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए झूलनोत्सव की परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।
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अयोध्या में सावन झूलनोत्सव का शुभारंभ बुधवार को मणिपर्वत मेले के साथ हो जाएगा। हालांकि प्रशासन ने इस बार मणिपर्वत मेले के दिन मंदिरों से निकलने वाली रथ यात्राओं पर संत-धर्माचार्यों की सहमति प्राप्त करने के बाद रोक लगा दी है।
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परंपरा है कि श्रावण शुक्ल पक्ष तृतीया को रामनगरी के दर्जनों मंदिरों से भगवान के विग्रह को रथों पर सवारकर मणिपर्वत तक यात्रा निकाली जाती है।
यह विग्रह स्वरूप भगवान को झूला झुलाया जाता है, फिर रथयात्रा वापस मंदिर लौटती है और मंदिरों में झूलनोत्सव का श्रीगणेश हो जाता है। इस बार संत-धर्माचार्यों ने कोरोना से जारी लड़ाई में प्रशासन का सहयोग करते हुए रथयात्रा न निकालने का निर्णय लिया है।
हालांकि रामनगरी के सैकड़ों मंदिरों में बुधवार शाम से ही झूलनोत्सव का श्रीगणेश हो जाएगा। जो एक पखवारे तक चलेगा और सावन पूर्णिमा पर झूलन महोत्सव की समाप्ति होगी।
संतों ने इसके साथ ही साथ भक्तों से अपील किया है कि वे अयोध्या में भीड़ न करें, अपने घरों पर ही रहकर सावन झूलनोत्सव मनाएं। महंत कमलनयन दास ने कहा कि कोरोना से बचने का प्रयास करें। सब लोग संयम बरतें।
संयम और अनुशासन के साथ कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए पूजा-अर्चना करें। कोरोना से अभी लड़ाई जारी है। इस लड़ाई में प्रशासन का सहयोग करें। इस महामारी को भगाने में हम सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी।
भक्त सावन मेले में अयोध्या न आएं, घरों पर ही सावन झूलनोत्सव का पर्व मनाएं। श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि वैश्विक संकट कोरोना महामारी को देखते हुए साधु-संत एवं प्रशासन ने निर्णय लिया है कि मणिपर्वत मेले पर मंदिरों से भगवान के विग्रह की रथ यात्राएं नहीं निकाली जाएंगी।
कोरोना संकट से बचाव के लिए एक ही उपाय है कि भीड़भाड़ से बचें। भक्तों से विनम्र प्रार्थना है कि अयोध्या कम से कम आएं। झूलनोत्सव घर पर ही मनाएं। सुरक्षित रहेंगे तो हर वर्ष पर्व व त्योहार मना सकेंगे।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए मणिपर्वत मेले पर रोक लगाई गई है। मंदिरों से रथयात्रा भी न निकले, इसके लिए संतों से सहयोग मांगा गया है। संतों ने रथयात्रा न निकालने के लिए आश्वस्त किया है। प्रशासन की सभी भक्तों से अपील है कि घरों पर रहकर ही पूजा-पाठ करें, झूलन उत्सव मनाएं, अयोध्या में भीड़ न करें।- वैभव शर्मा, एडीएम सिटी, अयोध्या

राजकुमारदास- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-मेले के लिए मणिपर्वत की गई बैरिकेडिंग- फोटो : FAIZABAD