{"_id":"62853ed3b01258396177970c","slug":"ayodhya-s-ancient-glory-returning-from-construction-of-ram-temple-faizabad-news-lko631203829","type":"story","status":"publish","title_hn":"राममंदिर निर्माण से लौट रहा अयोध्या का पुरातन गौरव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राममंदिर निर्माण से लौट रहा अयोध्या का पुरातन गौरव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती बुधवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने रामलला के दर्शन कर मंदिर निर्माण की प्रगति देखी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से भी मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।
उन्होंने कहा कि राममंदिर निर्माण से अयोध्या का पुरातन गौरव लौट रहा है। मंदिर निर्माण से न सिर्फ भव्यता लौटेगी बल्कि विश्वस्तरीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राममंदिर निर्माण की गति संतोषजनक है।
उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। यहां पहुंचने पर महंत कमलनयन दास व विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने शंकराचार्य का अभिनंदन किया।
विज्ञापन
वे कारसेवकपुरम भी गए जहां ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि महंत नृत्यगोपाल दास से शंकराचार्य ने राममंदिर, अयोध्या के विकास व काशी के ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग आदि मुद्दों पर गहन मंत्रणा भी की।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि राममंदिर निर्माण से अयोध्या का पुरातन गौरव लौट रहा है। मंदिर निर्माण से न सिर्फ भव्यता लौटेगी बल्कि विश्वस्तरीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राममंदिर निर्माण की गति संतोषजनक है।
विज्ञापन
उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। यहां पहुंचने पर महंत कमलनयन दास व विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने शंकराचार्य का अभिनंदन किया।
विज्ञापन
वे कारसेवकपुरम भी गए जहां ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि महंत नृत्यगोपाल दास से शंकराचार्य ने राममंदिर, अयोध्या के विकास व काशी के ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग आदि मुद्दों पर गहन मंत्रणा भी की।