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किसानों ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन
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सोहावल। पर्यटन की दृष्टि से विकसित की जा रही रामनगरी और राम मंदिर दर्शन के लिए बाहर से आने वाले लोगों के वाहनों को रोकने के लिए शहर से बाहर एक वाहन स्टैंड बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने 50 एकड़ की भूमि तलाश ली है। इसके लिए सोहावल तहसील के चार गांव से जुड़े लगभग 150 किसानों की सहमति पत्र को भरवाने की राजस्व प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
घाटमपुर, कोटसराय, मैनुद्दीनपुर, मऊयदुवंशपुर के दर्जनों किसानों ने वाहन स्टैंड के लिए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा ली जा रही किसानों की भूमि के लिए सहमति पत्र देने से पहले मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में मिलने वाली धनराशि को लेकर चिंता दिखाई और शिकायत पत्र एडीएम वित्त एवं राजस्व जीएल शुक्ला को सौंपा। चिह्नित गांव के किसान मास्टर अकबर अली, मुफीद, जटा सिंह, रामराज आदि ने कहा भूमि की सहमति और चिन्हांकन के लिए राजस्व कर्मी गांव में सप्ताह भर से डेरा डाल चुके है। क्षेत्रीय लेखपाल ने लगभग 150 लोगों की सूची बनाई है। वाहन स्टैंड से प्रभावित हो रहे किसानों को इस बात का डर सता रहा है कि प्रशासन कीमत कम न दें अभी आरक्षित की जा रही जमीन का नक्शा किसी की समझ में नहीं आ रहा है।
तहसीलदार सोहावल प्रमेश कुमार ने इस बावत बताया कि पर्यटन विभाग से वाहन स्टैंड बनाने के लिए चार गांव से संबंधित किसानों की भूमि तलाशी गई है। इसे रजिस्ट्री कराने से पहले सहमति पत्र भरवाने की प्रक्रिया राजस्व कर्मी पूरा करा रहे है। भूमि की कीमत को लेकर कुछ किसानों का शिकायत पत्र मिला है इन्हें समझाकर संतुष्ट कर दिया गया। निर्धारित मापदंडों पर भुगतान के बाद ही भूमि की रजिस्ट्री कराई जाएगी।
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घाटमपुर, कोटसराय, मैनुद्दीनपुर, मऊयदुवंशपुर के दर्जनों किसानों ने वाहन स्टैंड के लिए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा ली जा रही किसानों की भूमि के लिए सहमति पत्र देने से पहले मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में मिलने वाली धनराशि को लेकर चिंता दिखाई और शिकायत पत्र एडीएम वित्त एवं राजस्व जीएल शुक्ला को सौंपा। चिह्नित गांव के किसान मास्टर अकबर अली, मुफीद, जटा सिंह, रामराज आदि ने कहा भूमि की सहमति और चिन्हांकन के लिए राजस्व कर्मी गांव में सप्ताह भर से डेरा डाल चुके है। क्षेत्रीय लेखपाल ने लगभग 150 लोगों की सूची बनाई है। वाहन स्टैंड से प्रभावित हो रहे किसानों को इस बात का डर सता रहा है कि प्रशासन कीमत कम न दें अभी आरक्षित की जा रही जमीन का नक्शा किसी की समझ में नहीं आ रहा है।
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तहसीलदार सोहावल प्रमेश कुमार ने इस बावत बताया कि पर्यटन विभाग से वाहन स्टैंड बनाने के लिए चार गांव से संबंधित किसानों की भूमि तलाशी गई है। इसे रजिस्ट्री कराने से पहले सहमति पत्र भरवाने की प्रक्रिया राजस्व कर्मी पूरा करा रहे है। भूमि की कीमत को लेकर कुछ किसानों का शिकायत पत्र मिला है इन्हें समझाकर संतुष्ट कर दिया गया। निर्धारित मापदंडों पर भुगतान के बाद ही भूमि की रजिस्ट्री कराई जाएगी।
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