फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   ayodhya

परिषदीय स्कूलों में बनेंगे ‘किचन गार्डन’, उगाई जाएगी हरी सब्जियां

Wed, 30 Sep 2020 08:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 08:00 PM IST
विज्ञापन
ayodhya
मवई। सरकारी स्कूलों के बच्चे पढ़ाई करने के साथ-साथ अब फल और सब्जी उगाना भी सीखेंगे। इसके लिए स्कूल में मनरेगा के माध्यम से किचन गार्डन बनाए जाएंगे। स्कूलों के मैदान में जो सब्जी उगेगी, उसे मिड-डे मील के लिए किचन में पकाया जाएगा और स्टूडेंट्स को ही खाने को दिया जाएगा। इसके लिए पायलेट प्रोजेक्ट्स के रूप में मवई ब्लाक का बघेडी गांव चुना गया है।जहाँ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में इसका प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद 10 अन्य गांवो में भी इसकी शुरुआत प्रस्तावित है।
विज्ञापन

शुरुआती दौर में ‘किचन गार्डन’ योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। स्कूलों में किचन गार्डन योजना के माध्यम से बच्चों को पौधों के संबंध में जानने का मौका भी मिलेगा। अभी यह योजना उन्हीं स्कूलों में शुरू की जाएगी, जिनके पास भूमि उपलब्ध होगी।
विज्ञापन

इसके बाद जिन स्कूलों के पास खाली भूमि है, वहां भी सब्जियां उगाई जाएंगी। स्कूलों में किचन गार्डन योजना के तहत बच्चों को सब्जियां व फल उगाने के प्रति जागरूक किया जाएगा। मनरेगा और राज्यवित्त योजना के द्वारा करीब 80 हजार रुपए की लागत से पूर्व माध्यमिक विद्यालय बघेडी में गार्डन तैयार किया जाएगा। प्रशासन द्वारा ग्राम प्रधान सियाराम गौतम को स्कूल परिसर में पौध उपलब्ध कराकर सब्जियां उगाने को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्कूल में कुछ जगह निर्धारित करके मूली, मिर्च, मेथी, सेम, टमाटर समेत अन्य सब्जियां उगाई जाएंगी, ताकि स्टूडेंट्स को पौष्टिक सब्जियां खाने को मिल सकें।
मनरेगा के तकनीकी सहायक आशीष कुमार तिवारी ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी अयोध्या के निर्देश के बाद बघेडी गांव में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय बघेडी में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में भूमि का चुनाव किया गया है। इस पर करीब 80 हजार की लागत आएगी।
बताया कि जल्द ही कार्य की शुरुआत हो जाएगी। गार्डन की देखभाल के लिए मनरेगा से एक मजदूर लगाया जाएगा जो सिंचाई आदि का कार्य करेगा।
मौसम के अनुसार उगाई जाएंगी सब्जियां
मौसम के अनुसार सब्जियों का चक्र तैयार किया जाएगा। इसके लिए कृषि विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। यहां लगाए गए धनिया, मेथी व मिर्च का उपयोग मिड-डे मील में किया जाएगा। ऐसा सिस्टम तैयार किया जाएगा कि एक सब्जी का सीजन खत्म होने के बाद दूसरी तैयार हो जाए। स्कूल परिसर के अंदर या बाहर अनुपयोगी जमीन का इस्तेमाल किचन गार्डन में किया जाएगा।
किचन गार्डन योजना से यह होगा लाभ
इस योजना से शिक्षा विभाग को मिड-डे मील के लिए मंडी से सब्जियां नहीं लानी पड़ेंगी। किचन गार्डन की सब्जियों की गुणवत्ता भी बाहर की सब्जियों से कहीं ज्यादा अच्छी होगी। आजकल सब्जियों और फलों पर अत्यधिक कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव होता है। किचन गार्डन की सब्जियों में ऐसा नहीं होगा।जिससे स्कूली बच्चों को आर्गेनिक सब्जियां खाने को मिलेगी। स्कूलों में किचन गार्डन की सुविधा होने से स्टूडेंट्स को शिक्षा के साथ कृषि संबंधी ज्ञान भी मिलेगा। इन किचन गार्डन में सब्जियों और फलों में बीमारियों की पहचान, मौसम की मार, खाद तथा उर्वरक का प्रयोग, समयानुसार सिंचाई सहित उनकी देखभाल आदि की जानकारी स्टूडेंट्स टीचर से ले सकेंगे।
मवई ब्लॉक के इन गांवों में होगार्मर्माण
मवई ब्लाक 10 गांवो में गार्डन के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिनमे बघेडी, रानेपुर, रामपुर गुदारा, गजकरी, सैदपुर, नूरपुर, नेवरा, कुशहरी, करौंदी, रानीमऊ शामिल हैं।

कोट्स
जिन स्कूलों में जगह उपलब्ध होगी, वहां किचन गार्डन बनाने के लिए कहा गया है। आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। स्कूल में उगाई गई सब्जियों को मिड-डे मील के लिए किचन को दिया जाएगा। प्रत्येक स्कूल के गार्डन बनाने के लिए 80 हजार रुपए की लागत स्वीकृत की जा रही है।
- मोनिका पाठक, बीडीओ मवई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed