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1800 लाभार्थी खुले आसमान के नीचे काट रहे जिंदगी
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केस एक-
अकबरगंज की राजकुमारी को साल भर पहले पीएम शहरी आवास योजना में आवास मिला था, उस वक्त इनकी खुशी का ठिकाना न था, लेकिन अब इनके चेहरे से खुशी काफूर हो गई। कारण यह है कि योजना में पहली किस्त की रकम मिलने के बाद अब तक दूसरी किस्त नहीं मिल सकी है। मौजूदा वक्त में पॉलिथीन के नीचे गुजर बसर कर रही है। बोलीं, दूसरी किस्त के लिए नगर पालिका कार्यालय के चक्कर काट रही हूं।
केस दो-
अकबरगंज के अरविंद कुमार का मकान पीएम शहरी आवास योजना में स्वीकृत हुआ है। इसकी पहली किस्त मिलने पर निर्माण शुरू हुआ, मगर दूसरी व तीसरी किस्त न आने से निर्माण अधर में लटका है। मजदूर परिवार का यह लाभार्थी अब परिवार समेत खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे हैं। अरविंद कहते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना में दूसरी किश्त जारी न किए जाने से बरसात में अधूरा पड़ा निर्माण भी क्षतिग्रस्त हो रहा है।
केस तीन
अकबरगंज के ही राजन कुमार का कहना है कि गरीबों को आवास देने लिए प्रधानमंत्री की यह योजना सराहनीय है। डूडा सभी हितग्राहियों को एक साथ राशि देने की बात कह रही है। कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के कारण कई माह तक कारोबार बंद रहे। अनलॉक होने पर बाजार खुलते ही महंगाई की मार पड़ी है। अब भवन निर्माण से संबंधित हर सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं। अब दूसरी किस्त के मिलने का इंतजार है।
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रेहान खान
भेलसर। राजकुमारी, अरविंद और राजन जैसे करीब 1800 लाभार्थी इसी पीड़ा से गुजर रहे हैं, जिन्हें योजना में दूसरी किस्त नसीब नहीं हो पाई। जबकि वे योजना में दूसरी किस्त पाने की साल भर से बाट-जोह कर रहे हैं।
गरीबों को सरकारी छत मुहैया कराने को लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव की तर्ज पर शहरी गरीब बाशिंदों के लिए पीएम शहरी आवास योजना शुरू किया था। इस योजना में नगर पालिका रूदौली में सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी व पॉलिथीन नीचे रह रहे लोगों से आवेदन मांगे गए थे। इस योजना में 3200 गरीब लाभार्थियों ने आवेदन किए गए थे। जांच में करीब 2200 आवेदन पात्र मिले थे।
इनके सापेक्ष चयनित 1800 लाभार्थियों को बतौर पहली किस्त 50 हजार रुपये संबंधित खातों में भेजी गई थी। पैसा मिलने के बाद चयनित लाभार्थियों ने अपनी झुग्गी-झोपड़ी उजाड़कर वहां पर अपना घरौंदा निर्माण शुरू किया। अवमुक्त रकम से आवास निर्माण के लिए नींव खोदवाई। नींव निर्माण के बाद सभी अगली किस्त आने के इंतजार करने लगे। लेकिन अभी तक इनके खातों में योजना की दूसरी किस्त नहीं पहुंची। जबकि आहिस्ता-आहिस्ता साल भर होने को है, मगर अब तक इन्हें पैसा नहीं मिल सका है।
दूसरी व तीसरी किस्त नहीं मिली तो कुछ लोगों ने मकान छोड़ अपने बच्चों को लेकर रिश्तेदार के यहां शरण ले ली तो कुछ हितग्राही ने अपने जानने वालों से किस्त आने पर उनकी रकम लौटाने की बात कहकर कर्ज लेकर मकान बना लिया। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही आवास की किस्त मिलेगी तो कर्ज को चुकता कर देंगे। लेकिन एक साल के बाद भी किस्त मिली ही नहीं। ऐसे में अब उनके सामने उस कर्ज को चुकता करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
ऐसे लोग अब बकाएदारों का घर घेरना शुरू कर दिया है। वार्ड कटरा निवासी रिजवाना बानों, नयागंज वार्ड की निवासी सरिता, खलीकुन, गुड्डी, कैसरजहां, वार्ड पूरे रसूलबख्श के निवासी निर्मल कुमार, कृष्णावती, चंद्रावती, मुकेश कुमार, बबली, गीतादेवी सहित डेढ़ हजार से अधिक हितग्राहियों की किश्तें न आने से मकान का निर्माण अधर में लटका हुआ है।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में करीब 1800 लाभार्थियों को दूसरी किस्त मिलने का इंतजार है, वहीं इस योजना में करीब 400 लाभार्थी पहली किस्त की रकम पाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन्हें पहली किस्त का इंतजार करते हुए भी धीरे-धीरे एक साल होने को है लेकिन 400 पात्र लाभार्थियों को अभी एक भी किस्त नहीं मिली है। ऐसे में बेघर हुए लोग किस्त के लिए नगर पालिका के चक्कर काट रहे हैं।
अक्तूबर माह में खातों में पहुंचने लगेगा पैसा
नगर पालिका हितग्राहियों के दस्तावेज एकत्र कर चुकी है। सभी हितग्राहियों को एक साथ दूसरी व तीसरी किश्त देने की योजना है। आगामी अक्टूबर माह में किस्त हितग्राहियों के खाते में आना शुरू ही जाएगी।
- मिथलेश कुमार अवस्थी, अवर अभियंता, डूडा रुदौली
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अकबरगंज की राजकुमारी को साल भर पहले पीएम शहरी आवास योजना में आवास मिला था, उस वक्त इनकी खुशी का ठिकाना न था, लेकिन अब इनके चेहरे से खुशी काफूर हो गई। कारण यह है कि योजना में पहली किस्त की रकम मिलने के बाद अब तक दूसरी किस्त नहीं मिल सकी है। मौजूदा वक्त में पॉलिथीन के नीचे गुजर बसर कर रही है। बोलीं, दूसरी किस्त के लिए नगर पालिका कार्यालय के चक्कर काट रही हूं।
केस दो-
अकबरगंज के अरविंद कुमार का मकान पीएम शहरी आवास योजना में स्वीकृत हुआ है। इसकी पहली किस्त मिलने पर निर्माण शुरू हुआ, मगर दूसरी व तीसरी किस्त न आने से निर्माण अधर में लटका है। मजदूर परिवार का यह लाभार्थी अब परिवार समेत खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे हैं। अरविंद कहते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना में दूसरी किश्त जारी न किए जाने से बरसात में अधूरा पड़ा निर्माण भी क्षतिग्रस्त हो रहा है।
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केस तीन
अकबरगंज के ही राजन कुमार का कहना है कि गरीबों को आवास देने लिए प्रधानमंत्री की यह योजना सराहनीय है। डूडा सभी हितग्राहियों को एक साथ राशि देने की बात कह रही है। कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के कारण कई माह तक कारोबार बंद रहे। अनलॉक होने पर बाजार खुलते ही महंगाई की मार पड़ी है। अब भवन निर्माण से संबंधित हर सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं। अब दूसरी किस्त के मिलने का इंतजार है।
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रेहान खान
भेलसर। राजकुमारी, अरविंद और राजन जैसे करीब 1800 लाभार्थी इसी पीड़ा से गुजर रहे हैं, जिन्हें योजना में दूसरी किस्त नसीब नहीं हो पाई। जबकि वे योजना में दूसरी किस्त पाने की साल भर से बाट-जोह कर रहे हैं।
गरीबों को सरकारी छत मुहैया कराने को लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव की तर्ज पर शहरी गरीब बाशिंदों के लिए पीएम शहरी आवास योजना शुरू किया था। इस योजना में नगर पालिका रूदौली में सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी व पॉलिथीन नीचे रह रहे लोगों से आवेदन मांगे गए थे। इस योजना में 3200 गरीब लाभार्थियों ने आवेदन किए गए थे। जांच में करीब 2200 आवेदन पात्र मिले थे।
इनके सापेक्ष चयनित 1800 लाभार्थियों को बतौर पहली किस्त 50 हजार रुपये संबंधित खातों में भेजी गई थी। पैसा मिलने के बाद चयनित लाभार्थियों ने अपनी झुग्गी-झोपड़ी उजाड़कर वहां पर अपना घरौंदा निर्माण शुरू किया। अवमुक्त रकम से आवास निर्माण के लिए नींव खोदवाई। नींव निर्माण के बाद सभी अगली किस्त आने के इंतजार करने लगे। लेकिन अभी तक इनके खातों में योजना की दूसरी किस्त नहीं पहुंची। जबकि आहिस्ता-आहिस्ता साल भर होने को है, मगर अब तक इन्हें पैसा नहीं मिल सका है।
दूसरी व तीसरी किस्त नहीं मिली तो कुछ लोगों ने मकान छोड़ अपने बच्चों को लेकर रिश्तेदार के यहां शरण ले ली तो कुछ हितग्राही ने अपने जानने वालों से किस्त आने पर उनकी रकम लौटाने की बात कहकर कर्ज लेकर मकान बना लिया। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही आवास की किस्त मिलेगी तो कर्ज को चुकता कर देंगे। लेकिन एक साल के बाद भी किस्त मिली ही नहीं। ऐसे में अब उनके सामने उस कर्ज को चुकता करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
ऐसे लोग अब बकाएदारों का घर घेरना शुरू कर दिया है। वार्ड कटरा निवासी रिजवाना बानों, नयागंज वार्ड की निवासी सरिता, खलीकुन, गुड्डी, कैसरजहां, वार्ड पूरे रसूलबख्श के निवासी निर्मल कुमार, कृष्णावती, चंद्रावती, मुकेश कुमार, बबली, गीतादेवी सहित डेढ़ हजार से अधिक हितग्राहियों की किश्तें न आने से मकान का निर्माण अधर में लटका हुआ है।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में करीब 1800 लाभार्थियों को दूसरी किस्त मिलने का इंतजार है, वहीं इस योजना में करीब 400 लाभार्थी पहली किस्त की रकम पाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन्हें पहली किस्त का इंतजार करते हुए भी धीरे-धीरे एक साल होने को है लेकिन 400 पात्र लाभार्थियों को अभी एक भी किस्त नहीं मिली है। ऐसे में बेघर हुए लोग किस्त के लिए नगर पालिका के चक्कर काट रहे हैं।
अक्तूबर माह में खातों में पहुंचने लगेगा पैसा
नगर पालिका हितग्राहियों के दस्तावेज एकत्र कर चुकी है। सभी हितग्राहियों को एक साथ दूसरी व तीसरी किश्त देने की योजना है। आगामी अक्टूबर माह में किस्त हितग्राहियों के खाते में आना शुरू ही जाएगी।
- मिथलेश कुमार अवस्थी, अवर अभियंता, डूडा रुदौली