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अवध विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा अब 22 जुलाई से
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अयोध्या। डॉ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने केंद्र अध्यक्षों और प्राचार्यों के साथ बैठक के बाद मुख्य परीक्षा का संशोधित कार्यक्रम जारी किया।
बताया कि बकरीद त्योहार के कारण 21 जुलाई को होने वाली परीक्षा स्थगित करते हुए 22 जुलाई से मुख्य परीक्षा प्रारंभ होगी। 21 जुलाई का पेपर 14 अगस्त को होगा। इसके अलावा 30 जुलाई को बीएड प्रवेश परीक्षा होने के कारण इस दिन की परीक्षा अब 16 अगस्त को होगी।
कुलपति ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के मंशा के अनुरूप कोविड प्रोटोकॉल में मुख्य परीक्षा कराई जाएगी। स्नातक एवं परास्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा में लगभग डेढ़ लाख परीक्षार्थी भाग लेंगे।
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परीक्षा की शुचिता को बनाये रखने के लिए सभी केंद्रों के कक्ष में सीसीटीवी का सुचारु संचालन करना होगा। इसकी मॉनिटरिंग विश्वविद्यालय के कंट्रोल रूम एवं नियुक्त सचल दल द्वारा की जाएगी।
कुलपति प्रो. सिंह ने कोविड-19 के दृष्टिगत शासन के निर्देशों के क्रम में केंद्र अध्यक्षों एवं प्राचार्यों से कहा कि परीक्षा के पूर्व परिसर को सैनिटाइज कराना होगा। परीक्षा कक्ष में एक छात्र से दूसरे छात्र के बीच दूरी का भी पालन करना होगा।
कक्ष निरीक्षक एवं परीक्षार्थी को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय की परीक्षा दो पालियों में होगी। शासन के दिशा-निर्देश पर प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को प्रमोट कर दिया गया है।
बैठक में मुख्य नियंता प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. एसएन शुक्ल, प्रो. एसएस मिश्र सहित संबद्ध महाविद्यालयों के केंद्र अध्यक्ष एवं प्राचार्य कोविड प्रोटोकॉल के तहत उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक उमानाथ ने बताया कि विश्वविद्यालय की सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा 22 जुलाई से प्रारम्भ होगी। परीक्षा से सम्बंधित संशोधित समय सारणी सम्बद्ध महाविद्यालयों को सूचित कर दी गई है।
इस बार विश्वविद्यालय द्वारा कुल 383 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं। जिसमें स्नातक एवं परास्नातक के लगभग डेढ़ लाख परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। स्नातक अंतिम वर्ष में 53 हजार 430 छात्र एवं 70 हजार 172 छात्राएं है।
परास्नातक में 10 हजार 761 छात्र एवं 21 हजार 338 छात्राएं है। परीक्षा का पैटर्न पूर्व परीक्षा की भांति परम्परागत होगा। इसके लिए परीक्षार्थियों को डेढ़ घंटे का समय दिया जायेगा।
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बताया कि बकरीद त्योहार के कारण 21 जुलाई को होने वाली परीक्षा स्थगित करते हुए 22 जुलाई से मुख्य परीक्षा प्रारंभ होगी। 21 जुलाई का पेपर 14 अगस्त को होगा। इसके अलावा 30 जुलाई को बीएड प्रवेश परीक्षा होने के कारण इस दिन की परीक्षा अब 16 अगस्त को होगी।
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कुलपति ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के मंशा के अनुरूप कोविड प्रोटोकॉल में मुख्य परीक्षा कराई जाएगी। स्नातक एवं परास्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा में लगभग डेढ़ लाख परीक्षार्थी भाग लेंगे।
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परीक्षा की शुचिता को बनाये रखने के लिए सभी केंद्रों के कक्ष में सीसीटीवी का सुचारु संचालन करना होगा। इसकी मॉनिटरिंग विश्वविद्यालय के कंट्रोल रूम एवं नियुक्त सचल दल द्वारा की जाएगी।
कुलपति प्रो. सिंह ने कोविड-19 के दृष्टिगत शासन के निर्देशों के क्रम में केंद्र अध्यक्षों एवं प्राचार्यों से कहा कि परीक्षा के पूर्व परिसर को सैनिटाइज कराना होगा। परीक्षा कक्ष में एक छात्र से दूसरे छात्र के बीच दूरी का भी पालन करना होगा।
कक्ष निरीक्षक एवं परीक्षार्थी को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय की परीक्षा दो पालियों में होगी। शासन के दिशा-निर्देश पर प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को प्रमोट कर दिया गया है।
बैठक में मुख्य नियंता प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. एसएन शुक्ल, प्रो. एसएस मिश्र सहित संबद्ध महाविद्यालयों के केंद्र अध्यक्ष एवं प्राचार्य कोविड प्रोटोकॉल के तहत उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक उमानाथ ने बताया कि विश्वविद्यालय की सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा 22 जुलाई से प्रारम्भ होगी। परीक्षा से सम्बंधित संशोधित समय सारणी सम्बद्ध महाविद्यालयों को सूचित कर दी गई है।
इस बार विश्वविद्यालय द्वारा कुल 383 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं। जिसमें स्नातक एवं परास्नातक के लगभग डेढ़ लाख परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। स्नातक अंतिम वर्ष में 53 हजार 430 छात्र एवं 70 हजार 172 छात्राएं है।
परास्नातक में 10 हजार 761 छात्र एवं 21 हजार 338 छात्राएं है। परीक्षा का पैटर्न पूर्व परीक्षा की भांति परम्परागत होगा। इसके लिए परीक्षार्थियों को डेढ़ घंटे का समय दिया जायेगा।