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डेढ़ माह बाद फिर से गुलजार होंगे रामनगरी के मठ-मंदिर
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अयोध्या। रामनगरी में ज्येष्ठ मास के पहले मंगलवार 1 जून से मठ-मंदिरों को भक्तों के लिए खोले जाने की तैयारी है। रामनवमी के पहले से ही बंद रहे मठ-मंदिर करीब डेढ़ माह बाद फिर गुलजार होंगे।
हालांकि इस दौरान भक्तों व मंदिर प्रशासन को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। एक बार में केवल पांच लोग ही अपने आराध्य का दर्शन-पूजन दूर से कर सकेंगे।
सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसके लिए मंदिरों के सामने गोले बनवाए जा रहे हैं। भक्तों के लिए मंदिरों को खोलने के लिए सोमवार को दिनभर मशक्कत हुई।
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गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने एक जून से प्रदेश में अनलॉक लागू करने का निर्देश दिया है। अनलॉक वन में दुकानें, मंदिर आदि शर्तों के साथ खोले जाने की अनुमति प्रदान की गई है। अब नए नियमों के साथ मंदिर में दर्शन-पूजन हो सकेगा।
सामाजिक दूरी बनाकर भक्त दर्शन कर पाएंगे तो वहीं भगवान को प्रसाद, फूल, माला नहीं अर्पित किया जा सकेगा। मंदिरों में भीड़ एकत्र न हो और सामाजिक दूरी बनी रहे।
इसके लिए मंदिर प्रशासन मंदिरों के सामने भक्तों के खड़ा होने के लिए एक मीटर की दूरी के अनुसार निशान बनवा रहा है, ताकि इस दौरान लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सकें।
सभी धार्मिक स्थलों को निर्देश दिया गया है कि एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु एकत्र न हों। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए मास्क अनिवार्य होगा। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि नई गाइडलाइन के अनुसार ही भक्तों को रामलला का दर्शन सुलभ होगा।
वहीं नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। अब दूर से ही भक्त जलाभिषेक कर सकेंगे। गर्भगृह में किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
इसी तरह रामनगरी के कनकभवन, हनुमानगढ़ी, नागेश्वरनाथ, दशरथ महल बड़ास्थान, छोटी देवकाली, मणिरामदास की छावनी, बड़ीदेवकाली, श्रीरामबल्लभाकुंज, जानकी महल, कालेराम सहित अन्य मंदिरों में आज से रौनक लौटेगी। ये मंदिर लॉकडाउन के चलते महीनों से वीरान चल रहे थे।
ज्येष्ठ मास के बड़ा मंगल को लेकर भक्तों में गहरी आस्था होती है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास का पहला बड़ा मंगल एक जून को है। इसी दिन से मंदिर भी खुल जाएंगे। जिसको लेकर भक्तों में उत्साह है।
हालांकि हनुमान मंदिरों में नए नियमों के साथ ही भक्तों को दर्शन-पूजन की व्यवस्था मिलेगी। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क की अनिवार्यता के साथ दर्शन-पूजन सुलभ होगा।
कोविड नियमों के तहत एक बार में केवल पांच भक्तों को ही प्रवेश दिया जाएगा। भक्तों से अपील है कि वे कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद ही दर्शन-पूजन के लिए आएं।
पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि मंदिर के गर्भगृह में किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। भक्त दूर से ही भगवान का दर्शन कर पाएंगे।
फूल-माला प्रसाद चढ़ाने सहित घंटा स्पर्श करने की अनुमति नहीं होगी। ज्येष्ठ मास के मंगलवार पर होने वाले अनुष्ठान कोविड नियमों का पालन करते हुए संपन्न कराएं जाएंगे।
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हालांकि इस दौरान भक्तों व मंदिर प्रशासन को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। एक बार में केवल पांच लोग ही अपने आराध्य का दर्शन-पूजन दूर से कर सकेंगे।
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सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसके लिए मंदिरों के सामने गोले बनवाए जा रहे हैं। भक्तों के लिए मंदिरों को खोलने के लिए सोमवार को दिनभर मशक्कत हुई।
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गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने एक जून से प्रदेश में अनलॉक लागू करने का निर्देश दिया है। अनलॉक वन में दुकानें, मंदिर आदि शर्तों के साथ खोले जाने की अनुमति प्रदान की गई है। अब नए नियमों के साथ मंदिर में दर्शन-पूजन हो सकेगा।
सामाजिक दूरी बनाकर भक्त दर्शन कर पाएंगे तो वहीं भगवान को प्रसाद, फूल, माला नहीं अर्पित किया जा सकेगा। मंदिरों में भीड़ एकत्र न हो और सामाजिक दूरी बनी रहे।
इसके लिए मंदिर प्रशासन मंदिरों के सामने भक्तों के खड़ा होने के लिए एक मीटर की दूरी के अनुसार निशान बनवा रहा है, ताकि इस दौरान लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सकें।
सभी धार्मिक स्थलों को निर्देश दिया गया है कि एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु एकत्र न हों। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए मास्क अनिवार्य होगा। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि नई गाइडलाइन के अनुसार ही भक्तों को रामलला का दर्शन सुलभ होगा।
वहीं नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। अब दूर से ही भक्त जलाभिषेक कर सकेंगे। गर्भगृह में किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
इसी तरह रामनगरी के कनकभवन, हनुमानगढ़ी, नागेश्वरनाथ, दशरथ महल बड़ास्थान, छोटी देवकाली, मणिरामदास की छावनी, बड़ीदेवकाली, श्रीरामबल्लभाकुंज, जानकी महल, कालेराम सहित अन्य मंदिरों में आज से रौनक लौटेगी। ये मंदिर लॉकडाउन के चलते महीनों से वीरान चल रहे थे।
ज्येष्ठ मास के बड़ा मंगल को लेकर भक्तों में गहरी आस्था होती है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास का पहला बड़ा मंगल एक जून को है। इसी दिन से मंदिर भी खुल जाएंगे। जिसको लेकर भक्तों में उत्साह है।
हालांकि हनुमान मंदिरों में नए नियमों के साथ ही भक्तों को दर्शन-पूजन की व्यवस्था मिलेगी। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क की अनिवार्यता के साथ दर्शन-पूजन सुलभ होगा।
कोविड नियमों के तहत एक बार में केवल पांच भक्तों को ही प्रवेश दिया जाएगा। भक्तों से अपील है कि वे कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद ही दर्शन-पूजन के लिए आएं।
पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि मंदिर के गर्भगृह में किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। भक्त दूर से ही भगवान का दर्शन कर पाएंगे।
फूल-माला प्रसाद चढ़ाने सहित घंटा स्पर्श करने की अनुमति नहीं होगी। ज्येष्ठ मास के मंगलवार पर होने वाले अनुष्ठान कोविड नियमों का पालन करते हुए संपन्न कराएं जाएंगे।