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हटाए गए डॉ हरनाम सिंह, वीके सिंह बनाए गए अधिष्ठाता
Updated Fri, 27 Oct 2017 11:18 PM IST
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हटाए गए डॉ. हरनाम सिंह, वीके सिंह नए अधिष्ठाता
- एनडी विवि में रोटेशन प्रणाली लागू
फैजाबाद। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में कुलपति प्रो अख्तर हसीब ने रोटेशन प्रणाली शुक्रवार को लागू कर दी। इस क्रम में पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशु पालन महाविद्यालय के अधिष्ठाता के प्रभार से पिछले 7 वर्षों से कार्यरत डॉ. हरनाम सिंह को हटा कर उनके स्थान पर डॉ. वीके सिंह को अधिष्ठाता का कार्यभार सौंपा दिया गया।
मीडिया प्रभारी उमेश पाठक ने बताया कि वेटनरी कॉलेज के निवर्तमान अधिष्ठाता को उनके पद से हटाने के लिए राज्यपाल एवं कुलाधिपति के यहां धारा-23 के तहत कुछ अध्यापकों व जनप्रतिनिधियों ने लंबे अरसे से शिकायतें कर रखी थीं। दूसरी ओर विश्वविद्यालय के नायक मूल्यांकन में फिफ्थ डीन कमेटी की सिफारिशों को लागू करने का भी मुख्य मुद्दा था। इन तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने रोटेशन व्यवस्था लागू किए जाने के प्रकरण को प्रबंध परिषद से भी स्वीकृत करा लिया था। शुक्रवार को जारी आदेश के क्रम में सभी महाविद्यालयों के अधिष्ठाताओं को निर्देश जारी कर दिए गए कि वे अपने महाविद्यालयों में विभागाध्यक्षों के मामले में रोटेशन प्रक्रिया अगली वरिष्ठता के आधार पर लागू कर दें।
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- एनडी विवि में रोटेशन प्रणाली लागू
फैजाबाद। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में कुलपति प्रो अख्तर हसीब ने रोटेशन प्रणाली शुक्रवार को लागू कर दी। इस क्रम में पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशु पालन महाविद्यालय के अधिष्ठाता के प्रभार से पिछले 7 वर्षों से कार्यरत डॉ. हरनाम सिंह को हटा कर उनके स्थान पर डॉ. वीके सिंह को अधिष्ठाता का कार्यभार सौंपा दिया गया।
मीडिया प्रभारी उमेश पाठक ने बताया कि वेटनरी कॉलेज के निवर्तमान अधिष्ठाता को उनके पद से हटाने के लिए राज्यपाल एवं कुलाधिपति के यहां धारा-23 के तहत कुछ अध्यापकों व जनप्रतिनिधियों ने लंबे अरसे से शिकायतें कर रखी थीं। दूसरी ओर विश्वविद्यालय के नायक मूल्यांकन में फिफ्थ डीन कमेटी की सिफारिशों को लागू करने का भी मुख्य मुद्दा था। इन तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने रोटेशन व्यवस्था लागू किए जाने के प्रकरण को प्रबंध परिषद से भी स्वीकृत करा लिया था। शुक्रवार को जारी आदेश के क्रम में सभी महाविद्यालयों के अधिष्ठाताओं को निर्देश जारी कर दिए गए कि वे अपने महाविद्यालयों में विभागाध्यक्षों के मामले में रोटेशन प्रक्रिया अगली वरिष्ठता के आधार पर लागू कर दें।
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