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36 घंटे से अंधेरे में चार लाख आबादी
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2015 10:23 PM IST
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तहसील के करीब चार लाख आबादी अंधेरे में हैं। खेती से लेकर कारोबार करने वाले सभी को बिजली कटौती से खासी परेशानी हो रही है। विभाग की ओर जल्द बिजली बहाल करने का आश्वासन दिया जा रहा है।
केंद्र को दर्शननगर से जोड़ने की भी पहल नहीं हुई है। 36 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं होने से लोगों में हाहाकार मचा है। सोहावल प्रेषण खंड से बीकापुर विद्युत वितरण उपकेंद्र को आने वाली विद्युत लाइन पर मंगलवार को अचानक 33 केवीए तार पर मेहदौंना के पास पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हुई तो बुधवार को देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी।
पेड़ गिरने से बीकापुर उपकेंद्र के एसी फीडर, एनई फीडर, एसडब्लू, केला लाल खां और साउथ फीडर की बिजली गुल हो गई है। जिस पर करीब चार लाख आबादी निर्भर करती है।
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36 घंटे से अधिक समय से मात्र तहसील परिसर और नगर के दो से तीन सौ लोगों के यहां ही बिजली आपूर्ति हुई है। बीकापुर उपकेंद्र पर शाम छह बजे बिजली आई, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर गुल हो गई। बताते हैं कि फाल्ट ठीक करने का काम अभी हो रहा है। देर रात बिजली बहाल हो सकती है।
नगर सभासद नीलम तिवारी, जिला पंचायत सदस्य राम नयन यादव, समाजसेवी महमूद अहमद और किसान राम नायक तिवारी का कहना है कि पिछले 36 घंटे से अधिक समय से आपूर्ति ठप है, आए दिन आपूर्ति बाधित रहती है।
महमूद ने बताया कि रोजेदारों को सर्वाधिक परेशानी हो रही है। किसान राम नायक का कहना है कि बेरन की रोपाई के लिए मजदूरों को वापस करना पड़ा।
खेत में पानी नहीं होने से किसान भी परेशान है। सभासद नीलम तिवारी का कहना था कि जर्जर विद्युत लाइन सही करने की पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से कई बार मांग की गई, लेकिन आश्वासन से आगे कुछ नहीं हुआ।
36 घंटे से आपूर्ति बाधित होने से आम जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सभी ने कहा कि बीकापुर के बबुरिहा कौंधा में एक लाख 32 केबीए पावर स्टेशन बनने के बाद भी यहां की आपूर्ति अभी भी 25 किमी दूर सोहावल से होती है।
जबकि बीकापुर नगर में हाल में बने नए पावर स्टेशन को बबुरिहा से आधा-अधूरा जोड़ा गया है। इसके चलते आपूर्ति मात्र दो से तीन सौ लोगों को ही मिल पा रही है।
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केंद्र को दर्शननगर से जोड़ने की भी पहल नहीं हुई है। 36 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं होने से लोगों में हाहाकार मचा है। सोहावल प्रेषण खंड से बीकापुर विद्युत वितरण उपकेंद्र को आने वाली विद्युत लाइन पर मंगलवार को अचानक 33 केवीए तार पर मेहदौंना के पास पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हुई तो बुधवार को देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी।
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पेड़ गिरने से बीकापुर उपकेंद्र के एसी फीडर, एनई फीडर, एसडब्लू, केला लाल खां और साउथ फीडर की बिजली गुल हो गई है। जिस पर करीब चार लाख आबादी निर्भर करती है।
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36 घंटे से अधिक समय से मात्र तहसील परिसर और नगर के दो से तीन सौ लोगों के यहां ही बिजली आपूर्ति हुई है। बीकापुर उपकेंद्र पर शाम छह बजे बिजली आई, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर गुल हो गई। बताते हैं कि फाल्ट ठीक करने का काम अभी हो रहा है। देर रात बिजली बहाल हो सकती है।
नगर सभासद नीलम तिवारी, जिला पंचायत सदस्य राम नयन यादव, समाजसेवी महमूद अहमद और किसान राम नायक तिवारी का कहना है कि पिछले 36 घंटे से अधिक समय से आपूर्ति ठप है, आए दिन आपूर्ति बाधित रहती है।
महमूद ने बताया कि रोजेदारों को सर्वाधिक परेशानी हो रही है। किसान राम नायक का कहना है कि बेरन की रोपाई के लिए मजदूरों को वापस करना पड़ा।
खेत में पानी नहीं होने से किसान भी परेशान है। सभासद नीलम तिवारी का कहना था कि जर्जर विद्युत लाइन सही करने की पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से कई बार मांग की गई, लेकिन आश्वासन से आगे कुछ नहीं हुआ।
36 घंटे से आपूर्ति बाधित होने से आम जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सभी ने कहा कि बीकापुर के बबुरिहा कौंधा में एक लाख 32 केबीए पावर स्टेशन बनने के बाद भी यहां की आपूर्ति अभी भी 25 किमी दूर सोहावल से होती है।
जबकि बीकापुर नगर में हाल में बने नए पावर स्टेशन को बबुरिहा से आधा-अधूरा जोड़ा गया है। इसके चलते आपूर्ति मात्र दो से तीन सौ लोगों को ही मिल पा रही है।