फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   2010 में हल होते-होते रह गया था अयोध्या मामला

2010 में हल होते-होते रह गया था अयोध्या मामला

Sat, 18 Nov 2017 12:03 AM IST
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
2010 में हल होते-होते रह गया था अयोध्या मामला
अयोध्या। हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञानदास ने शुक्रवार को अयोध्या विवाद के समाधान को लेकर गरमाी संतों में सियासत के बीच एक नया खुलासा किया। कहा कि अयोध्या मामले का समझौते से 2010 में ही समाधान हो गया होता, मगर विहिप सुप्रीमो अशोक सिंहल सहित कुछ अन्य लोगों के विरोध के चलते समझौता होते-होते रह गया। कहा, समझौते का एक मसौदा तैयार हो गया था, जिसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी थी, हाईकोर्ट ने बिल पेश करने के लिए तीन माह का समय भी दिया था। मसौदे पर विवाद से जुड़ी तमाम पार्टियों ने दस्तखत कर दिए थे, मात्र एक पार्टी के दस्तखत न होने से यह मामला हल होते-होते रह गया। जिसके चलते मसौदे की प्रति फाड़नी व जलानी पड़ी और समझौते की मुहिम ठप पड़ गई।
विज्ञापन

हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञानदास ने कहा कि 2002 में उन्हाेंने बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे स्व. हाशिम अंसारी व सादिक अली बाबू टेलर के साथ मिलकर अयोध्या मामले के सौहार्दपूर्वक समाधान की मुहिम शुरू की थी। जिसका सार्थक परिणाम भी आया और अदालत ने 2010 में मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया। इस बीच आपसी समझौते का बिल भी तैयार हो गया था और उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी थी। सब कुछ हो गया था, मामले से जुड़ी पार्टियों ने दस्तखत भी कर दिए थे, केवल एक पार्टी का दस्तखत बाकी रह गया था। इसी बीच अशोक सिंहल ने रोड़ा डाला और मुझसे कहा कि अभी मामले के समाधान की जरूरत नहीं है। मामले में सफलता न मिलने पर मेरे एक विश्वासपात्र मित्र के दबाव पर मुझे समझौते का बिल फाड़कर जलाना पड़ा। हालांकि उन्होंने मित्र का नाम बताने से इन्कार कर दिया। महंत ज्ञानदास ने कहा कि कटियार और सिंहल जैसे लोग मामले का समाधान नहीं चाहते थे। अशोक सिंहल ने तो खुलकर विरोध किया। वजह पूछने पर कहा कि क्योंकि उनकी दुकानदारी इसी मुद्दे से चलती थी और आज भी चल रही है। कहा कि ये रामसेवकपुरम, कारसेवकपुरम कहां से बन गया, इसका जवाब कौन देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed