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रमजान बने राजकुमार तो हलीमा बनी आरती
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sat, 20 May 2017 11:49 PM IST
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फैजाबाद में धर्म परिवर्तन कराते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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अंबेडकरनगर जिले की जलालपुर तहसील के सोंहगूपुर के रहने वाले दो परिवार के 22 सदस्यों ने वैदिक विधि विधान से पुन: हिन्दू धर्म ग्रहण कर लिया। जिन दो परिवारों के लोगों की घर वापसी हुई है वे एक पीढ़ी पहले हिंदू नाम वाले थे।
जमुनिया बाग में आर्य समाज द्वारा संचालित रामकरन वैदिक इंटर काॅलेज परिसर में हवन के साथ ही हिंदू धर्म के अनुसार सभी लोगों का मौके पर ही नया नामकरण भी किया गया।
आर्यसमाज के कैलाशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गुलाम मोहम्म्द पुत्र स्व. छब्बू लाल का नया नाम गुल्लू हो गया।
इनके परिवार के अन्य सदस्यों में जैनुल निशां, अफजल, रमजान, सलीम, अकरम, रेशमा, रहीम, रूना, रवीजा, दिलजान, नसीमा, रवीना, सलमा, हलीमा तथा सलमान के भी नए नाम रख दिए गए।
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जैनुल निशां सुनीता बन गई जबकि अफजल को अमित, रमजान को राजकुमार, सलीम को प्रेमचंद, अकरम को प्रदीप, रेशमा को रीना, रहीम को राकेश, रूना को रीना, रवीजा को साक्षी, दिलजान को सूरज, नसीमा को नीतू, रवीना को सीमा, सलमा को रीना, हलीमा को आरती और सलमान को सुमित नाम रख दिया गया।
वहीं दूसरे परिवार के मुखिया लाल मोहम्मद पुत्र गेदुर का नया नाम लालमन हो गया। इनके परिवार की फातिमा को अंजली, अफरोज को आदर्श, सायरा बानो को श्रृंगारी, रमजान को राजमन, सलमा को संगीता नाम दिया गया।
आचार्य सर्वमित्र शर्मा ने वैदिक विधि विधान से इन लोगों को घर वापसी कराई जिसमें आर्यसमाज के प्रधान हिमांशु त्रिपाठी, कैलाशचंद्र श्रीवास्तव, अमित शंकर आदि मौजूद रहे। कैलाशचंद्र ने बताया कि इन लोगों को घर वापसी कराकर सेवा समर्पण संस्थान की स्थापना करने वाले अवध विहारी को हमने श्रद्धांजलि दी है।
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जमुनिया बाग में आर्य समाज द्वारा संचालित रामकरन वैदिक इंटर काॅलेज परिसर में हवन के साथ ही हिंदू धर्म के अनुसार सभी लोगों का मौके पर ही नया नामकरण भी किया गया।
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आर्यसमाज के कैलाशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गुलाम मोहम्म्द पुत्र स्व. छब्बू लाल का नया नाम गुल्लू हो गया।
इनके परिवार के अन्य सदस्यों में जैनुल निशां, अफजल, रमजान, सलीम, अकरम, रेशमा, रहीम, रूना, रवीजा, दिलजान, नसीमा, रवीना, सलमा, हलीमा तथा सलमान के भी नए नाम रख दिए गए।
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जैनुल निशां सुनीता बन गई जबकि अफजल को अमित, रमजान को राजकुमार, सलीम को प्रेमचंद, अकरम को प्रदीप, रेशमा को रीना, रहीम को राकेश, रूना को रीना, रवीजा को साक्षी, दिलजान को सूरज, नसीमा को नीतू, रवीना को सीमा, सलमा को रीना, हलीमा को आरती और सलमान को सुमित नाम रख दिया गया।
वहीं दूसरे परिवार के मुखिया लाल मोहम्मद पुत्र गेदुर का नया नाम लालमन हो गया। इनके परिवार की फातिमा को अंजली, अफरोज को आदर्श, सायरा बानो को श्रृंगारी, रमजान को राजमन, सलमा को संगीता नाम दिया गया।
आचार्य सर्वमित्र शर्मा ने वैदिक विधि विधान से इन लोगों को घर वापसी कराई जिसमें आर्यसमाज के प्रधान हिमांशु त्रिपाठी, कैलाशचंद्र श्रीवास्तव, अमित शंकर आदि मौजूद रहे। कैलाशचंद्र ने बताया कि इन लोगों को घर वापसी कराकर सेवा समर्पण संस्थान की स्थापना करने वाले अवध विहारी को हमने श्रद्धांजलि दी है।