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रामलला के दर्शनार्थियों को मिलेगा नि:शुल्क भोजन
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:49 PM IST
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रामलला के दर्शनार्थियों को मिलेगा निशुल्क भोजन
अयोध्या। रामजन्मभूमि दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को अब निशुल्क भोजन की सुविधा उपलब्ध होगी। रामजन्मभूमि दर्शन मार्ग से सटे अमावां मंदिर में शीघ्र ही राम-रसोई की स्थापना की जाएगी। प्रारंभ में यह व्यवस्था पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगी, बाद में यह समय बढ़ाया जा सकता है।
पूर्व आईपीएस व बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष किशोर कुणाल ने बताया कि राम रसोई की व्यवस्था पटना में स्थित प्रसिद्ध महावीर हनुमान मंदिर के आंशिक सहयोग से की जा रही है। एक व्यक्ति के पूर्ण भोजन पर करीब 40 रुपये का खर्च आता है। इसमें आधी राशि 20 रुपये प्रति व्यक्ति महावीर मंदिर पटना की ओर से दी जाएगी, शेष अमावां मंदिर प्रबंधन करेगा। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी अपने एक निर्णय में कहा है कि अन्नदान से बड़ा पुण्य का कार्य और कुछ नहीं है। रामजन्मभूमि के दर्शनार्थियों में सभी वर्गों और मतों के अनुयायी आते हैं, इसलिए राम रसोई में भी कोई भेदभाव नहीं होगा। भोजन के लिए कूपन व्यवस्था की जाएगी। बताया कि राम रसोई के लिए तिरूपति बालाजी से कारीगर बुलाए जाएंगे। अमावां मंदिर न्यास अंश राशि जुटाने के लिए अभी अनेक योजनाएं प्रारंभ कर रही है। कर्नाटक मिल्क फेडरेशन के सहयोग से उनकी सारी सामग्रियों का भंडारण और वितरण अमावां मंदिर में होगा, इससे जो आय होगी वह राम रसोई पर खर्च की जाएगी। प्रतिदिन हजारों भक्त रामलला के दर्शन को आते हैं, उन्हें निशुल्क भोजन कराने के लिए राम रसोई का संकल्प विशुद्ध भक्ति भाव से लिया गया है।
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अयोध्या। रामजन्मभूमि दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को अब निशुल्क भोजन की सुविधा उपलब्ध होगी। रामजन्मभूमि दर्शन मार्ग से सटे अमावां मंदिर में शीघ्र ही राम-रसोई की स्थापना की जाएगी। प्रारंभ में यह व्यवस्था पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगी, बाद में यह समय बढ़ाया जा सकता है।
पूर्व आईपीएस व बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष किशोर कुणाल ने बताया कि राम रसोई की व्यवस्था पटना में स्थित प्रसिद्ध महावीर हनुमान मंदिर के आंशिक सहयोग से की जा रही है। एक व्यक्ति के पूर्ण भोजन पर करीब 40 रुपये का खर्च आता है। इसमें आधी राशि 20 रुपये प्रति व्यक्ति महावीर मंदिर पटना की ओर से दी जाएगी, शेष अमावां मंदिर प्रबंधन करेगा। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी अपने एक निर्णय में कहा है कि अन्नदान से बड़ा पुण्य का कार्य और कुछ नहीं है। रामजन्मभूमि के दर्शनार्थियों में सभी वर्गों और मतों के अनुयायी आते हैं, इसलिए राम रसोई में भी कोई भेदभाव नहीं होगा। भोजन के लिए कूपन व्यवस्था की जाएगी। बताया कि राम रसोई के लिए तिरूपति बालाजी से कारीगर बुलाए जाएंगे। अमावां मंदिर न्यास अंश राशि जुटाने के लिए अभी अनेक योजनाएं प्रारंभ कर रही है। कर्नाटक मिल्क फेडरेशन के सहयोग से उनकी सारी सामग्रियों का भंडारण और वितरण अमावां मंदिर में होगा, इससे जो आय होगी वह राम रसोई पर खर्च की जाएगी। प्रतिदिन हजारों भक्त रामलला के दर्शन को आते हैं, उन्हें निशुल्क भोजन कराने के लिए राम रसोई का संकल्प विशुद्ध भक्ति भाव से लिया गया है।
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