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10.56 अरब से फोरलेन बनेगा अयोध्या-रायबरेली रोड
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फोरलेन होगा अयोध्या-रायबरेली हाईवे
अयोध्या। अयोध्या-रायबरेली हाईवे फोरलेन होगा। केंद्रीय सड़क मंत्रालय ने इसका डीपीआर तैयार करवा लिया है। इस पर 1056 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फोरलेन के निर्माण में जिले के 37 गांवों की लगभग 40 हेक्टेयर भूमि जाएगी।
राजस्व विभाग ने जमीन के अधिग्रहण के लिए इसका चिन्हांकन कर लिया है। अब विभागों की संयुक्त टीम ने जमीनों के साथ पेड़ और निर्माण का मूल्यांकन किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अगले कुछ महीनों में इस पर काम शुरू हो सकता है। फोरलेन हाईवे होने से इस मार्ग से आना-जाना बेहतर हो जाएगा। अयोध्या-रायबरेली को सड़क से हाईवे किए जाने की घोषणा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की थी।
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अब इसका चौड़ीकरण करके फोरलेन हाईवे के रूप में परिवर्तित किए जाने की तैयारी तेज कर दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय इसकी स्वीकृति दे चुका है। मंत्रालय ने इसका डीपीआर तैयार कर लिया है।
आंगणन के मुताबिक इस हाईवे के निर्माण पर 1056.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राजस्व विभाग ने फोरलेन हाईवे के लिए जमीन के चिंहंकन का काम पूरा कर लिया है।
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस फोरलेन के निर्माण में सड़क के किनारे दोनों और पड़ने वाले बाजारों के साथ 37 गांवों की कुल 40 हेक्टेयर जमीन आ रही है।
हाईवे के लिए राजस्व विभाग से चिह्नित भूमि के अधिग्रहण के लिए अब संयुक्त टीम जमीन, पेड़ और निर्माण कार्यों का मूल्यांकन का काम शुरू किया है। टीम में राजस्व विभग के साथ ही लघु सिंचाई, वन विभाग सहित अन्य विभागों की कर्मचारी शामिल हैं।
इसके चिन्हांकन के बाद इसका मूल्य निर्धारित किया जाएगा। फिर किसानों और जमीनों के मालिकानों को इसका पैसा भुगतान किए जाने की कार्रवाई बताई गई है।
अयोध्या-रायबरेली रोड पिछली बरसात से खराब स्थिति में था। लगभग दो माह पहले इस सड़क की मरम्मत कराई गई लेकिन यह फिर उखड़ने लगी है।
फोरलेन हाईवे बनने से पश्चिम के अमेठी, रायबरेली बाराबंकी समेत कई जिलों से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा सुगम होगी। बड़े वाहनों को भी सुविधा होगी। यात्रा करने वालों का समय बचेगा। सड़क के चौड़ीकरण से दुर्घटनाएं में कमी आएगी।
अयोध्या से रायबरेली को जाने वाले इस हाईवे की चौड़ाई तय हो गई है। हाईवे पर पड़ने वाली बाजारों में इसकी चौड़ाई 30 मीटर होगी जबकि खुले स्थानों इसकी चौड़ाई 40 मीटर होगी। इसी हिसाब से राजस्व विभाग ने जमीनों के चिन्हांकन भी किया है।
सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने अयोध्या-रायबरेली हाईवे का डीपीआर पहले ही तैयार कर लिया था। लगभग साढ़े दस अरब रुपये से बनने वाली इस सड़क की जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई जल्दी पूर कराने के लिए कहा गया है।
जमीन मिलने के बाद इस पर काम जल्द शुरू हो जाएगा। हाईवे के बनने से जिले के लोगों के साथ ही अयोध्या आने वाले श्रद्धालु, पर्यटकों की यात्रा आसान होगी। समय बचेगी।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ब्रजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि अयोध्या-रायबरेली हाईवे के लिए जमीन का चिन्हांकन कर लिया गया है। अब संयुक्त टीम जमीन के साथ ही पेड़-पौधों, ट्यूबवेलों के साथ निर्माण कार्यों का मूल्यांकन कराया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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अयोध्या। अयोध्या-रायबरेली हाईवे फोरलेन होगा। केंद्रीय सड़क मंत्रालय ने इसका डीपीआर तैयार करवा लिया है। इस पर 1056 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फोरलेन के निर्माण में जिले के 37 गांवों की लगभग 40 हेक्टेयर भूमि जाएगी।
राजस्व विभाग ने जमीन के अधिग्रहण के लिए इसका चिन्हांकन कर लिया है। अब विभागों की संयुक्त टीम ने जमीनों के साथ पेड़ और निर्माण का मूल्यांकन किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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अगले कुछ महीनों में इस पर काम शुरू हो सकता है। फोरलेन हाईवे होने से इस मार्ग से आना-जाना बेहतर हो जाएगा। अयोध्या-रायबरेली को सड़क से हाईवे किए जाने की घोषणा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की थी।
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अब इसका चौड़ीकरण करके फोरलेन हाईवे के रूप में परिवर्तित किए जाने की तैयारी तेज कर दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय इसकी स्वीकृति दे चुका है। मंत्रालय ने इसका डीपीआर तैयार कर लिया है।
आंगणन के मुताबिक इस हाईवे के निर्माण पर 1056.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राजस्व विभाग ने फोरलेन हाईवे के लिए जमीन के चिंहंकन का काम पूरा कर लिया है।
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस फोरलेन के निर्माण में सड़क के किनारे दोनों और पड़ने वाले बाजारों के साथ 37 गांवों की कुल 40 हेक्टेयर जमीन आ रही है।
हाईवे के लिए राजस्व विभाग से चिह्नित भूमि के अधिग्रहण के लिए अब संयुक्त टीम जमीन, पेड़ और निर्माण कार्यों का मूल्यांकन का काम शुरू किया है। टीम में राजस्व विभग के साथ ही लघु सिंचाई, वन विभाग सहित अन्य विभागों की कर्मचारी शामिल हैं।
इसके चिन्हांकन के बाद इसका मूल्य निर्धारित किया जाएगा। फिर किसानों और जमीनों के मालिकानों को इसका पैसा भुगतान किए जाने की कार्रवाई बताई गई है।
अयोध्या-रायबरेली रोड पिछली बरसात से खराब स्थिति में था। लगभग दो माह पहले इस सड़क की मरम्मत कराई गई लेकिन यह फिर उखड़ने लगी है।
फोरलेन हाईवे बनने से पश्चिम के अमेठी, रायबरेली बाराबंकी समेत कई जिलों से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा सुगम होगी। बड़े वाहनों को भी सुविधा होगी। यात्रा करने वालों का समय बचेगा। सड़क के चौड़ीकरण से दुर्घटनाएं में कमी आएगी।
अयोध्या से रायबरेली को जाने वाले इस हाईवे की चौड़ाई तय हो गई है। हाईवे पर पड़ने वाली बाजारों में इसकी चौड़ाई 30 मीटर होगी जबकि खुले स्थानों इसकी चौड़ाई 40 मीटर होगी। इसी हिसाब से राजस्व विभाग ने जमीनों के चिन्हांकन भी किया है।
सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने अयोध्या-रायबरेली हाईवे का डीपीआर पहले ही तैयार कर लिया था। लगभग साढ़े दस अरब रुपये से बनने वाली इस सड़क की जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई जल्दी पूर कराने के लिए कहा गया है।
जमीन मिलने के बाद इस पर काम जल्द शुरू हो जाएगा। हाईवे के बनने से जिले के लोगों के साथ ही अयोध्या आने वाले श्रद्धालु, पर्यटकों की यात्रा आसान होगी। समय बचेगी।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ब्रजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि अयोध्या-रायबरेली हाईवे के लिए जमीन का चिन्हांकन कर लिया गया है। अब संयुक्त टीम जमीन के साथ ही पेड़-पौधों, ट्यूबवेलों के साथ निर्माण कार्यों का मूल्यांकन कराया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।