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फर्जी मुकदमें को लेकर समाधान दिवस में किया हंगामा
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अयोध्या। पिटाई में घायल युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर दबाव बनाने के विरोध में मंगलवार को लोगों ने संपूर्ण समाधान दिवस में जमकर हंगामा काटा।
एसएसपी को पत्र देकर आरोप लगाया कि पैसा लेकर पुलिस ने युवक और सिपाही के पिटाई के आरोपी का नाम निकाल दिया। मांग उठाई कि मुख्य आरोपी सहित अन्य को गिरफ्तार किया जाए।
यहां पहुंचे सैकड़ों की संख्या में लोगों का कहना था कि 27 फरवरी को रात नौ बजे पूराकलंदर थाना क्षेत्र के फिरोजपुर धरमपुर के रहने वाले अजय प्रताप सिंह को सतीश कुमार, राम सजीवन, अनिल आदि ने मारा पीटा। पुलिस पीआरबी को भी भीड़ ने तोड़ दिया।
इसमें आरोपी सतीश, शैलेष, सुभाष का नाम पुलिस ने पैसा लेकर निकाल दिया। जबकि सतीश ही मुख्य अभियुक्त है। सतीश ने ही सिपाही को भी मारा था।
आरोप लगाया कि पुलिस से मिलीभगत करके पेशबंदी के तहत 11 जून को एक और एफआईआर दर्ज करा दी। लोगों का कहना था कि इसी परिवार के लोगों ने मारापीटा और पुलिस की गाड़ी तोड़ने के साथ पुलिस से मारपीट की।
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लोगों ने कहा कि यह मुकदमा केवल उत्पीड़न कराने की नीयत से फर्जी दर्ज कराया। जिससे भयभीत होकर मुकदमे में सुलह हो जाए। लोगों ने कहा कि इस फर्जी मुकदमे को समाप्त करके मुख्य अभियुक्त, जिसका नाम निकाल दिया गया है उन लोगों को गिरफ्तार किया जाए।
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एसएसपी को पत्र देकर आरोप लगाया कि पैसा लेकर पुलिस ने युवक और सिपाही के पिटाई के आरोपी का नाम निकाल दिया। मांग उठाई कि मुख्य आरोपी सहित अन्य को गिरफ्तार किया जाए।
यहां पहुंचे सैकड़ों की संख्या में लोगों का कहना था कि 27 फरवरी को रात नौ बजे पूराकलंदर थाना क्षेत्र के फिरोजपुर धरमपुर के रहने वाले अजय प्रताप सिंह को सतीश कुमार, राम सजीवन, अनिल आदि ने मारा पीटा। पुलिस पीआरबी को भी भीड़ ने तोड़ दिया।
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इसमें आरोपी सतीश, शैलेष, सुभाष का नाम पुलिस ने पैसा लेकर निकाल दिया। जबकि सतीश ही मुख्य अभियुक्त है। सतीश ने ही सिपाही को भी मारा था।
आरोप लगाया कि पुलिस से मिलीभगत करके पेशबंदी के तहत 11 जून को एक और एफआईआर दर्ज करा दी। लोगों का कहना था कि इसी परिवार के लोगों ने मारापीटा और पुलिस की गाड़ी तोड़ने के साथ पुलिस से मारपीट की।
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लोगों ने कहा कि यह मुकदमा केवल उत्पीड़न कराने की नीयत से फर्जी दर्ज कराया। जिससे भयभीत होकर मुकदमे में सुलह हो जाए। लोगों ने कहा कि इस फर्जी मुकदमे को समाप्त करके मुख्य अभियुक्त, जिसका नाम निकाल दिया गया है उन लोगों को गिरफ्तार किया जाए।