{"_id":"599c6e094f1c1b8f738b45ed","slug":"151503424009-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्जमाफी के लिए 15 हजार किसानों का डाटा लॉक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्जमाफी के लिए 15 हजार किसानों का डाटा लॉक
Updated Tue, 22 Aug 2017 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्जमाफी के लिए 15 हजार किसानों का डाटा लॉक
फैजाबाद। लंबी कवायद के बाद कर्जमाफी के लिए जिले के 15 हजार चार सौ किसानों का डाटा शासन को भेजकर लॉक कर दिया गया। किसानों के कर्ज का पैसा पांच सितंबर के पहले आने की संभावना व्यक्त की गई है। अब दूसरे फेज का डाटा तैयार किए जाने की कवायद शुरू हो गई है।
सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद लघु एवं सीमांत किसानों के एक लाख तक के कर्ज माफ किए जाने की घोषणा की गई थी। तब से अब तक लगातार कर्जमाफी को लेकर प्रशासन और बैंकिंग प्रशासन पसीना बहा रहा था। शासन ने भी इसके मानकों को लेकर कई बार बदलाव किया। आधार कार्ड को जरूरी कर दिया गया। आधार कार्ड लगे खाते वाले किसानों की कर्जमाफी पहले फेज में किए जाने का टारगेट तय किया गया। बैंक और तहसीलों की जांच के बाद जिला स्तरीय समिति ने जांच की। सोमवार की देर रात लगभग 15 हजार चार सौ किसानों का डाटा मुख्यालय को भेज दिया गया। इसके बाद इन खातों को अब लॉक कर दिया गया है। इसे अब यहां नहीं खोला जा सकेगा। जिला कृषि अधिकारी बृजेश कुमार सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सोमवार रात डाटा भेजकर इसे लाक कर दिया गया है।
ऋणमाफी के दायरे में आने वाले किसानों के कर्ज का पैसा पांच सितंबर से पहले आने की उम्मीद जताई गई है। एलडीएम एके सिंह के मुताबिक आगे की कार्रवाई के बाद पैसा पांच सितंबर तक आने की उम्मीद है। बताया कि अब दूसरे फेज में किसानों की ऋणमाफी की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
इनसेट...
दो जिलों में जमीन होने पर मंडल समिति कराएगी जांच
यदि किसी किसान की जमीन मंडल के दो जिलों में फैली है तो इसकी जांच मंडल स्तरीय कमेटी के जरिए कराए जाने की व्यवस्था की गई है। जिले के अंदर दो या दो से अधिक गांवों में जमीन होने पर तो जिला स्तरीय समिति अपने स्तर तहसीलों के माध्यम से जांच कराती है लेकिन यदि कर्जमाफी के दायरे में आने वाले किसान की जमीन दो जिलों में पाई गई तो इसे जिले से मंडल स्तरीय समिति को भेजा जाएगा। दोनों जिलों की जांच में यदि अन्य पात्रता की शर्ते पूरी होने के बाद दो हेक्टेयर के अंदर जमीन पाई गई तो कर्जमाफी की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
फैजाबाद। लंबी कवायद के बाद कर्जमाफी के लिए जिले के 15 हजार चार सौ किसानों का डाटा शासन को भेजकर लॉक कर दिया गया। किसानों के कर्ज का पैसा पांच सितंबर के पहले आने की संभावना व्यक्त की गई है। अब दूसरे फेज का डाटा तैयार किए जाने की कवायद शुरू हो गई है।
सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद लघु एवं सीमांत किसानों के एक लाख तक के कर्ज माफ किए जाने की घोषणा की गई थी। तब से अब तक लगातार कर्जमाफी को लेकर प्रशासन और बैंकिंग प्रशासन पसीना बहा रहा था। शासन ने भी इसके मानकों को लेकर कई बार बदलाव किया। आधार कार्ड को जरूरी कर दिया गया। आधार कार्ड लगे खाते वाले किसानों की कर्जमाफी पहले फेज में किए जाने का टारगेट तय किया गया। बैंक और तहसीलों की जांच के बाद जिला स्तरीय समिति ने जांच की। सोमवार की देर रात लगभग 15 हजार चार सौ किसानों का डाटा मुख्यालय को भेज दिया गया। इसके बाद इन खातों को अब लॉक कर दिया गया है। इसे अब यहां नहीं खोला जा सकेगा। जिला कृषि अधिकारी बृजेश कुमार सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सोमवार रात डाटा भेजकर इसे लाक कर दिया गया है।
विज्ञापन
ऋणमाफी के दायरे में आने वाले किसानों के कर्ज का पैसा पांच सितंबर से पहले आने की उम्मीद जताई गई है। एलडीएम एके सिंह के मुताबिक आगे की कार्रवाई के बाद पैसा पांच सितंबर तक आने की उम्मीद है। बताया कि अब दूसरे फेज में किसानों की ऋणमाफी की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
इनसेट...
दो जिलों में जमीन होने पर मंडल समिति कराएगी जांच
यदि किसी किसान की जमीन मंडल के दो जिलों में फैली है तो इसकी जांच मंडल स्तरीय कमेटी के जरिए कराए जाने की व्यवस्था की गई है। जिले के अंदर दो या दो से अधिक गांवों में जमीन होने पर तो जिला स्तरीय समिति अपने स्तर तहसीलों के माध्यम से जांच कराती है लेकिन यदि कर्जमाफी के दायरे में आने वाले किसान की जमीन दो जिलों में पाई गई तो इसे जिले से मंडल स्तरीय समिति को भेजा जाएगा। दोनों जिलों की जांच में यदि अन्य पात्रता की शर्ते पूरी होने के बाद दो हेक्टेयर के अंदर जमीन पाई गई तो कर्जमाफी की कार्रवाई की जाएगी।