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संत हृदय नवनीत समाना : डा. सुनीता शास्त्री
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संत हृदय नवनीत समाना : डॉ. सुनीता
अयोध्या। श्री मनकामेश्वर हनुमान मंदिर खादी आश्रम परिसर में नौ दिवसीय श्रीरामकथा का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। इस अवसर पर कथा व्यास डॉ. सुनीता शास्त्री ने कहा कि संत का हृदय नवनीत अर्थात मक्खन जैसा मुलायम होता है।
दूसरे के दुख का निवारण करना संत अपना कर्तव्य समझता है। कहा कि चित्रकूट में जब जयंत ने भगवान राम के पराक्रम की परीक्षा लेने के लिए सीताजी के पैर में चोंच मारा तो भगवान ने तिनका का बाण बना करके जयंत के पीछे छोड़ दिया।
जयंत तीनों लोकों में अपनी जान बचाने के लिए भागता रहा लेकिन उसे अपनी जान बचने की कहीं से कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। तभी नारद जी जैसे महान संत उसको मिले और उसे जान बचाने का उपाय बताया।
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कहा कि जिसने तुम्हारे पीछे बाण छोड़ा है, उन्हीं के शरण में जाकर क्षमा मांग लो, तुम्हारी जान बच जायेगी। जयंत ने रावण से बड़ा अपराध किया था।
रावण सीता को हर करके ले गया था लेकिन सीता जी को छुआ नहीं था लेकिन जयंत ने सीता जी के चरण में चोंच मारकर खून निकाला था फिर भी भगवान ने उसे क्षमा किया।
इस दौरान डॉ. बीएन द्विवेदी ने सपत्नी व्यास पीठ का पूजन किया। अध्यक्ष यमुना प्रसाद अवस्थी ने व्यास पीठ की आरती की। इस मौके पर मंत्री ब्रह्मानंद शुक्ल, रामनायक पांडेय व तारा प्रकाश वर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।
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अयोध्या। श्री मनकामेश्वर हनुमान मंदिर खादी आश्रम परिसर में नौ दिवसीय श्रीरामकथा का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। इस अवसर पर कथा व्यास डॉ. सुनीता शास्त्री ने कहा कि संत का हृदय नवनीत अर्थात मक्खन जैसा मुलायम होता है।
दूसरे के दुख का निवारण करना संत अपना कर्तव्य समझता है। कहा कि चित्रकूट में जब जयंत ने भगवान राम के पराक्रम की परीक्षा लेने के लिए सीताजी के पैर में चोंच मारा तो भगवान ने तिनका का बाण बना करके जयंत के पीछे छोड़ दिया।
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जयंत तीनों लोकों में अपनी जान बचाने के लिए भागता रहा लेकिन उसे अपनी जान बचने की कहीं से कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। तभी नारद जी जैसे महान संत उसको मिले और उसे जान बचाने का उपाय बताया।
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कहा कि जिसने तुम्हारे पीछे बाण छोड़ा है, उन्हीं के शरण में जाकर क्षमा मांग लो, तुम्हारी जान बच जायेगी। जयंत ने रावण से बड़ा अपराध किया था।
रावण सीता को हर करके ले गया था लेकिन सीता जी को छुआ नहीं था लेकिन जयंत ने सीता जी के चरण में चोंच मारकर खून निकाला था फिर भी भगवान ने उसे क्षमा किया।
इस दौरान डॉ. बीएन द्विवेदी ने सपत्नी व्यास पीठ का पूजन किया। अध्यक्ष यमुना प्रसाद अवस्थी ने व्यास पीठ की आरती की। इस मौके पर मंत्री ब्रह्मानंद शुक्ल, रामनायक पांडेय व तारा प्रकाश वर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।