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27 वर्षों से गन्ना भुगतान पाने के लिए संघर्ष कर रहा किसान
Updated Sun, 14 Jan 2018 11:01 PM IST
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10 हजार रुपये के लिए 27 वर्षों से संघर्ष कर रहा बुजुर्ग किसान
फैजाबाद। बीकापुर तहसील क्षेत्र के पातूपुर दोहरी निवासी 75 वर्षीय गन्ना किसान रामतेज वर्मा शुगर मिल मसौधा को बेचे गए चार ट्रॉली गन्ने के 10 हजार रुपये भुगतान पाने के लिए 27 वर्षों से केएम शुगर मिल गन्ना समिति तथा अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिल रहा है। यहां तक की जिले के तिकोनिया पार्क पर अपने कुछ सहयोगियों के साथ कई दिनों तक धरना देने के अलावा प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मई में मुख्यमंत्री के दरबार में भी फरियाद कर चुके हैं।
पीड़ित किसान रामतेज वर्मा का कहना है कि पेराई सत्र 1990-91 के दौरान उनके पिता त्रिवेणी वर्मा के नाम जारी की गई गन्ना पर्ची पर 26 मार्च, 30 मार्च, 5 अप्रैल तथा 9 अप्रैल 1991 को चार ट्रॉली गन्ने की तौल शुगर मिल में कराई थी। इसका 10 हजार रुपये का भुगतान आज तक नहीं किया गया। शुगर मिल द्वारा गन्ना समिति तथा गन्ना समिति द्वारा शुगर मिल की कमी बता कर इधर-उधर दौड़ाया जाता रहा। पहले पैसे के भुगतान के लिए उनके पिता त्रिवेणी वर्मा दौड़ भाग करते रहे और 15 वर्ष पूर्व उनकी मौत हो जाने के बाद उनके अब मैं भुगतान के लिए संघर्ष कर रहा हूं।
बताया कि पिछले वर्ष पत्नी की भी बीमारी के चलते मौत हो चुकी है, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है। गन्ने का भुगतान पाने के लिए 27 वर्षों में जिले के सभी जिलाधिकारी से मिल चुके हैं। इसके अलावा 1 मई से 5 मई 2017 तक अपने कुछ सहयोगियों के साथ तिकोनिया पार्क फैजाबाद में धरना भी दिया था। समस्या का निराकरण नहीं होने पर 10 मई को लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी फरियाद की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आशा है कि एक ना एक दिन न्याय जरूर मिलेगा। रामतेज वर्मा ने 2 जनवरी को सम्पूर्ण समाधान दिवस में भी मुख्य विकास अधिकारी रवीश कुमार गुप्ता गुप्ता को शिकायती पत्र देकर गन्ने का भुगतान कराने की मांग की है, जिस पर जिला गन्ना अधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। वहीं शुगर मिल के महाप्रबंधक प्रशासन व कार्मिक बीएन मिश्रा का कहना है कि मामला उनके समय का नहीं है। किसान पूरे कागजात लेकर उनसे संपर्क करेगा तो भुगतान की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
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फैजाबाद। बीकापुर तहसील क्षेत्र के पातूपुर दोहरी निवासी 75 वर्षीय गन्ना किसान रामतेज वर्मा शुगर मिल मसौधा को बेचे गए चार ट्रॉली गन्ने के 10 हजार रुपये भुगतान पाने के लिए 27 वर्षों से केएम शुगर मिल गन्ना समिति तथा अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिल रहा है। यहां तक की जिले के तिकोनिया पार्क पर अपने कुछ सहयोगियों के साथ कई दिनों तक धरना देने के अलावा प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मई में मुख्यमंत्री के दरबार में भी फरियाद कर चुके हैं।
पीड़ित किसान रामतेज वर्मा का कहना है कि पेराई सत्र 1990-91 के दौरान उनके पिता त्रिवेणी वर्मा के नाम जारी की गई गन्ना पर्ची पर 26 मार्च, 30 मार्च, 5 अप्रैल तथा 9 अप्रैल 1991 को चार ट्रॉली गन्ने की तौल शुगर मिल में कराई थी। इसका 10 हजार रुपये का भुगतान आज तक नहीं किया गया। शुगर मिल द्वारा गन्ना समिति तथा गन्ना समिति द्वारा शुगर मिल की कमी बता कर इधर-उधर दौड़ाया जाता रहा। पहले पैसे के भुगतान के लिए उनके पिता त्रिवेणी वर्मा दौड़ भाग करते रहे और 15 वर्ष पूर्व उनकी मौत हो जाने के बाद उनके अब मैं भुगतान के लिए संघर्ष कर रहा हूं।
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बताया कि पिछले वर्ष पत्नी की भी बीमारी के चलते मौत हो चुकी है, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है। गन्ने का भुगतान पाने के लिए 27 वर्षों में जिले के सभी जिलाधिकारी से मिल चुके हैं। इसके अलावा 1 मई से 5 मई 2017 तक अपने कुछ सहयोगियों के साथ तिकोनिया पार्क फैजाबाद में धरना भी दिया था। समस्या का निराकरण नहीं होने पर 10 मई को लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी फरियाद की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आशा है कि एक ना एक दिन न्याय जरूर मिलेगा। रामतेज वर्मा ने 2 जनवरी को सम्पूर्ण समाधान दिवस में भी मुख्य विकास अधिकारी रवीश कुमार गुप्ता गुप्ता को शिकायती पत्र देकर गन्ने का भुगतान कराने की मांग की है, जिस पर जिला गन्ना अधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। वहीं शुगर मिल के महाप्रबंधक प्रशासन व कार्मिक बीएन मिश्रा का कहना है कि मामला उनके समय का नहीं है। किसान पूरे कागजात लेकर उनसे संपर्क करेगा तो भुगतान की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
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