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अवध विवि के सेंट से महकेंगें अयोध्या के तीन प्रतिष्टित मंदिर
Updated Mon, 28 May 2018 11:32 PM IST
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अवध विवि के इत्र से महकेंगे हनुमानगढ़ी, कनक भवन व नागेशवरनाथ मंदिर
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में निर्मित सेंट से अयोध्या के तीन मंदिर महकेंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन अयोध्या के तीन प्रमुख मंदिरों से एमओयू साइन करने जा रहा है। विश्वविद्यालय तीनों मंदिरों में चढ़ने वाले फूलों को लेगा व इसके बदले अपने कैंपस में तैयार सेंट विश्वविद्यालय का लेवल लगाकर मंदिरों को वापस देगा। सेंट भगवान के चरणों में अर्पित होने के बाद मंदिरों पर प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को भेंट स्वरूप दिया जाएगा। अभी तक जिन मंदिरों से एमओयू किए जाने हैं, उनमें हनुमानगढ़ी, कनक भवन व नागेश्वर नाथ मंदिर का नाम है।
अवध विश्वविद्यालय ने सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र कन्नौज के साथ विश्वविद्यालय में डिप्लोमा व डिग्री कोर्स शुरू करने के लिए व अपनी प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए एमओयू साइन किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय कैंपस में सेंट की एक मशीन लगाई जानी है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जगह का चयन कर लिया है। पुराने स्टैंड के पास यह मशीन स्थापित की जाएगी। मशीन सुगंध व सुरस केंद्र कन्नौज की ओर से स्थापित की जाएगी। इसकी कीमत ढाई लाख रुपये के आसपास है। खबर है कि मशीन नये माह की शुरुआत में स्थापित हो जाएगी। मशीन को कार्य करने के लिए बड़ी संख्या में फूलों की आवश्यकता होगी। इसके लिए विश्वविद्यालय फिलहाल हनुमानगढ़ी, कनक भवन व नागेश्वरनाथ मंदिर से एमओयू साइन करने जा रहा है। अगले सप्ताह तक एमओयू साइन करने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी। बता दें कि अयोध्या में 10 हजार से अधिक मठ-मंदिर हैं। मंदिरों पर 10 से 15 क्विंटल फूल भगवान के चरणों में अर्पित होते हैं। यह फूल खराब होने के बाद फेंक दिए जाते है। विश्वविद्यालय में सेंट बनाने की मशीन लगने के बाद इन फूलों का सदुपयोग हो सकेगा।
अवध विश्वविद्यालय में सेंट की मशीन स्थापित होने वाली है। इसके लिए फूलों की आवश्यकता के दृष्टिगत अयोध्या के तीन प्रमुख मंदिरों से एमओयू साइन किया जाना है। इसमें मंदिरों से फूल लेकर उसके बदले मंदिरों को अवध विश्वविद्यालय का लेबल युक्त सेंट दिया जाएगा।-प्रोफेसर जसवंत सिंह , एचओडी, पर्यावरण विज्ञान विभाग , अवध विश्वविद्यालय
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में निर्मित सेंट से अयोध्या के तीन मंदिर महकेंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन अयोध्या के तीन प्रमुख मंदिरों से एमओयू साइन करने जा रहा है। विश्वविद्यालय तीनों मंदिरों में चढ़ने वाले फूलों को लेगा व इसके बदले अपने कैंपस में तैयार सेंट विश्वविद्यालय का लेवल लगाकर मंदिरों को वापस देगा। सेंट भगवान के चरणों में अर्पित होने के बाद मंदिरों पर प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को भेंट स्वरूप दिया जाएगा। अभी तक जिन मंदिरों से एमओयू किए जाने हैं, उनमें हनुमानगढ़ी, कनक भवन व नागेश्वर नाथ मंदिर का नाम है।
अवध विश्वविद्यालय ने सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र कन्नौज के साथ विश्वविद्यालय में डिप्लोमा व डिग्री कोर्स शुरू करने के लिए व अपनी प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए एमओयू साइन किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय कैंपस में सेंट की एक मशीन लगाई जानी है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जगह का चयन कर लिया है। पुराने स्टैंड के पास यह मशीन स्थापित की जाएगी। मशीन सुगंध व सुरस केंद्र कन्नौज की ओर से स्थापित की जाएगी। इसकी कीमत ढाई लाख रुपये के आसपास है। खबर है कि मशीन नये माह की शुरुआत में स्थापित हो जाएगी। मशीन को कार्य करने के लिए बड़ी संख्या में फूलों की आवश्यकता होगी। इसके लिए विश्वविद्यालय फिलहाल हनुमानगढ़ी, कनक भवन व नागेश्वरनाथ मंदिर से एमओयू साइन करने जा रहा है। अगले सप्ताह तक एमओयू साइन करने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी। बता दें कि अयोध्या में 10 हजार से अधिक मठ-मंदिर हैं। मंदिरों पर 10 से 15 क्विंटल फूल भगवान के चरणों में अर्पित होते हैं। यह फूल खराब होने के बाद फेंक दिए जाते है। विश्वविद्यालय में सेंट बनाने की मशीन लगने के बाद इन फूलों का सदुपयोग हो सकेगा।
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अवध विश्वविद्यालय में सेंट की मशीन स्थापित होने वाली है। इसके लिए फूलों की आवश्यकता के दृष्टिगत अयोध्या के तीन प्रमुख मंदिरों से एमओयू साइन किया जाना है। इसमें मंदिरों से फूल लेकर उसके बदले मंदिरों को अवध विश्वविद्यालय का लेबल युक्त सेंट दिया जाएगा।-प्रोफेसर जसवंत सिंह , एचओडी, पर्यावरण विज्ञान विभाग , अवध विश्वविद्यालय
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