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धर्मसंसद में राममंदिर मुद्दे पर होगा अहम फैसला
Updated Thu, 23 Nov 2017 10:46 PM IST
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अयोध्या। मंदिर-मस्जिद विवाद के समाधान के लिए चल रहे आपसी सौहार्द की मुहिम के बीच 24 नवंबर से कर्नाटक के उड़ुप्पी शहर में होने जा रहा तीन दिवसीय धर्म संसद अयोध्या विवाद के लिहाज से अहम होने वाला है। धर्म संसद में शामिल होने के लिए अयोध्या से कई संत व विहिप से जुड़े लोग रवाना हो चुके हैं।
इस बैठक का आयोजन ऐसे समय में किया जा रहा है, जब राम मंदिर विवाद को अदालत के बाहर सुलझाने की मुहिम गति पकड़ चुकी है। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर विवाद को सुलझाने की कोशिशों में लगे हुए हैं।
अखाड़ा परिषद सहित शिया वक्फ बोर्ड भी अयोध्या मामले के समाधान को लेकर आगे आ चुका है। विहिप के प्रांतीय मीडिया शरद शर्मा ने बताया कि धर्मसंसद में लगभग 15 सौ साधु-संत, महामंडलेश्वर, जगतगुरु शामिल हो रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दासस, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास रामायणी, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती सहित अन्य संत धर्म संसद में शामिल होंगे।
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इस बैठक का आयोजन ऐसे समय में किया जा रहा है, जब राम मंदिर विवाद को अदालत के बाहर सुलझाने की मुहिम गति पकड़ चुकी है। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर विवाद को सुलझाने की कोशिशों में लगे हुए हैं।
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अखाड़ा परिषद सहित शिया वक्फ बोर्ड भी अयोध्या मामले के समाधान को लेकर आगे आ चुका है। विहिप के प्रांतीय मीडिया शरद शर्मा ने बताया कि धर्मसंसद में लगभग 15 सौ साधु-संत, महामंडलेश्वर, जगतगुरु शामिल हो रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दासस, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास रामायणी, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती सहित अन्य संत धर्म संसद में शामिल होंगे।