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डीएनए रिपोर्ट से हुआ खुलासा, बच्ची ही पैदा हुई थी
Updated Wed, 27 Sep 2017 10:47 PM IST
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फैजाबाद। देवकाली नर्सिंग होम से बच्चा बदलने के मामले में बुधवार को बच्ची के डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने से ये साबित हो गया कि बच्चा बदला नहीं गया था।
पुलिस ने न्यायालय की औपचारिकता पूर्ण कर बच्ची को मां के हवाले कर दिया है। इस संदर्भ में एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि बीते 6 सितंबर को उसरू नाका के एक नर्सिंग होम में गांव कुट्टिया ढेमा वैश शाहगंज के रहने वाले शिव बालक व उर्मिला को एक बच्चा पैदा हुआ।
उसकी तबियत खराब होने पर उसे देवकाली स्थित कुमार बाल आरोग्य निकेतन में भर्ती कराया गया। बच्चे के ठीक होने के बाद जब उसे परिजनों को सौंपा गया तो परिजनों ने ये कहते हुए लेने से मना कर दिया कि ये लड़की है और उन्हें लड़का पैदा हुआ था।
इस संदर्भ में परिजनों ने उसरू के डॉक्टर की रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें उन्होंने पैदा होने वाले बच्चे को मेल बताया था। एसएसपी के अनुसार इस संदर्भ में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने बच्ची का डीएनए टेस्ट के लिए भेजा था, जिसकी रिपोर्ट आने पर ये तय हो गया कि उक्त बच्ची के माता-पिता शिवबालक व उर्मिला ही हैं।
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बच्ची को आवश्यक कार्रवाई के बाद उसके माता पिता को सौंप दिया गया। वहीं बच्ची को गोद में लिए उसके माता-पिता शिवबालक व उर्मिला ने कहा कि डॉक्टरों की गलती के चलते वो इतने दिन अपने बच्चे से दूर रहे।
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पुलिस ने न्यायालय की औपचारिकता पूर्ण कर बच्ची को मां के हवाले कर दिया है। इस संदर्भ में एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि बीते 6 सितंबर को उसरू नाका के एक नर्सिंग होम में गांव कुट्टिया ढेमा वैश शाहगंज के रहने वाले शिव बालक व उर्मिला को एक बच्चा पैदा हुआ।
उसकी तबियत खराब होने पर उसे देवकाली स्थित कुमार बाल आरोग्य निकेतन में भर्ती कराया गया। बच्चे के ठीक होने के बाद जब उसे परिजनों को सौंपा गया तो परिजनों ने ये कहते हुए लेने से मना कर दिया कि ये लड़की है और उन्हें लड़का पैदा हुआ था।
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इस संदर्भ में परिजनों ने उसरू के डॉक्टर की रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें उन्होंने पैदा होने वाले बच्चे को मेल बताया था। एसएसपी के अनुसार इस संदर्भ में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने बच्ची का डीएनए टेस्ट के लिए भेजा था, जिसकी रिपोर्ट आने पर ये तय हो गया कि उक्त बच्ची के माता-पिता शिवबालक व उर्मिला ही हैं।
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बच्ची को आवश्यक कार्रवाई के बाद उसके माता पिता को सौंप दिया गया। वहीं बच्ची को गोद में लिए उसके माता-पिता शिवबालक व उर्मिला ने कहा कि डॉक्टरों की गलती के चलते वो इतने दिन अपने बच्चे से दूर रहे।