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सूखे में राहत की बारिश लेकर आई नवरात्र
Updated Thu, 21 Sep 2017 10:31 PM IST
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फैजाबाद। सूखे से तड़प रहे किसानों की नवरात्र पूजा सार्थक हो गई। किसानों ने मां के दरबार में सुबह हाजिरी लगाई। पूजा-पाठ के कुछ ही घंटे बाद जिले में बारिश ने सूख रही फसलों को नवजीवन दे दिया। दोपहर तक 20 मिमी बारिश रिकार्ड हुई है।
गर्मी व उमस से लोगों को राहत मिल गई। अधिकतम तापमान में सात डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है। पखवारेभर से जिले में बारिश न होने से किसान सूखे की मार झेल रहे थे। बेतहासा बिजली कटौती और नहरों में पानी का संकट धान की बर्बादी का सबब बन रही थी।
सरकार और जिला प्रशासन ने भी सूखे की आशंका को लेकर चिंताएं जताने के साथ वैकल्पिक इंतजामों के बारे में तैयारी शुरू कर दी थी। नवरात्र के पहले दिन मां के दरबार में माथा टेकने निकले किसानों की एक ही विनती थी कि मां फसल को बचा लो..., बारिश करा दो..., वरना बर्बाद हो जाएंगे।
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पिपरी उमरनी के किसान घनश्याम वर्मा ने कहा कि वे मां के मंदिर गए तो एक ही अर्जी लगाई कि मां बारिश करा दो, किसानों को बचा लो। इसी गांव के राकेश वर्मा कहते हैं कि शायद ही कोई किसान होगा, जिसने मां से बारिश की प्रार्थना न की हो।
बेनीपुर के राहुल मिश्रा और भीखी सराय के विमल कुमार ने भी मां से राहत की बारिश की प्रार्थना करने की बात कही। किसानों का कहना है कि मां ने उनकी पुकार सुन ली। दोपहर तक इतनी बारिश हो गई कि अब फसल बच जाएगी। रूदौली, कुमारगंज, बीकापुर, मिल्कीपुर, हैरिंग्टनगंज, मया, गोसाईगंज, पूरा, सोहावल, मवई, मसौधा, समेत जुड़वा शहर के इलाकों से दोपहर तक 20 मिमी बारिश रिकार्ड हुई है।
जिला कृषि अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि बारिश फसलों के लिए अमृत के समान है। सूखे से किसान बेजार थे। उपज का लक्ष्य पूरा होने को लेकर संदेह हो गया था। मगर गुरुवार को बारिश ने जीवनदान दे दिया है। ऐसे ही मौसम दो दिन बना रहा तो फसलों की उपज में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है।
दो दिन और बारशि के संकेत, पारा गिरेगा
नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि कुमारगंज के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि मानसूनी बादल दो दिन और बरस सकते हैं। 23 सितंबर तक बारिश को लेकर मानसून दिख रहा है।
गुरुवार को बारिश से अधिकतम तापमान सात डिग्री लुढ़क कर 28 डिग्री हो गया है। न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है। जो फसलें समय से बोई गई थीं, वह इसी बारिश में तैयार हो जाएंगी। देर से रोपी गई धान को एक और बारिश की जरूरत पड़ सकती है।
जलभराव से हुईं दिक्कतें
बारिश से फैजाबाद व अयोध्या शहर के कई इलाकों की सड़कों-गलियों में जमा पानी लोगों की परेशानी का सबब भी बना।
रोडवेज, कचहरी समेत रिकाबगंज, पुष्पराज, देवकाली, नाका, सहादतगंज आदि इलाकों में सड़कों व गलियों में पानी भर गया। बीकापुर तहसील की कचहरी में पानी भरने से अधिवक्ताओं के शेड लबालब हो गए। सोहावल व रुदौली में भी बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया।
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गर्मी व उमस से लोगों को राहत मिल गई। अधिकतम तापमान में सात डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है। पखवारेभर से जिले में बारिश न होने से किसान सूखे की मार झेल रहे थे। बेतहासा बिजली कटौती और नहरों में पानी का संकट धान की बर्बादी का सबब बन रही थी।
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सरकार और जिला प्रशासन ने भी सूखे की आशंका को लेकर चिंताएं जताने के साथ वैकल्पिक इंतजामों के बारे में तैयारी शुरू कर दी थी। नवरात्र के पहले दिन मां के दरबार में माथा टेकने निकले किसानों की एक ही विनती थी कि मां फसल को बचा लो..., बारिश करा दो..., वरना बर्बाद हो जाएंगे।
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पिपरी उमरनी के किसान घनश्याम वर्मा ने कहा कि वे मां के मंदिर गए तो एक ही अर्जी लगाई कि मां बारिश करा दो, किसानों को बचा लो। इसी गांव के राकेश वर्मा कहते हैं कि शायद ही कोई किसान होगा, जिसने मां से बारिश की प्रार्थना न की हो।
बेनीपुर के राहुल मिश्रा और भीखी सराय के विमल कुमार ने भी मां से राहत की बारिश की प्रार्थना करने की बात कही। किसानों का कहना है कि मां ने उनकी पुकार सुन ली। दोपहर तक इतनी बारिश हो गई कि अब फसल बच जाएगी। रूदौली, कुमारगंज, बीकापुर, मिल्कीपुर, हैरिंग्टनगंज, मया, गोसाईगंज, पूरा, सोहावल, मवई, मसौधा, समेत जुड़वा शहर के इलाकों से दोपहर तक 20 मिमी बारिश रिकार्ड हुई है।
जिला कृषि अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि बारिश फसलों के लिए अमृत के समान है। सूखे से किसान बेजार थे। उपज का लक्ष्य पूरा होने को लेकर संदेह हो गया था। मगर गुरुवार को बारिश ने जीवनदान दे दिया है। ऐसे ही मौसम दो दिन बना रहा तो फसलों की उपज में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है।
दो दिन और बारशि के संकेत, पारा गिरेगा
नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि कुमारगंज के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि मानसूनी बादल दो दिन और बरस सकते हैं। 23 सितंबर तक बारिश को लेकर मानसून दिख रहा है।
गुरुवार को बारिश से अधिकतम तापमान सात डिग्री लुढ़क कर 28 डिग्री हो गया है। न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है। जो फसलें समय से बोई गई थीं, वह इसी बारिश में तैयार हो जाएंगी। देर से रोपी गई धान को एक और बारिश की जरूरत पड़ सकती है।
जलभराव से हुईं दिक्कतें
बारिश से फैजाबाद व अयोध्या शहर के कई इलाकों की सड़कों-गलियों में जमा पानी लोगों की परेशानी का सबब भी बना।
रोडवेज, कचहरी समेत रिकाबगंज, पुष्पराज, देवकाली, नाका, सहादतगंज आदि इलाकों में सड़कों व गलियों में पानी भर गया। बीकापुर तहसील की कचहरी में पानी भरने से अधिवक्ताओं के शेड लबालब हो गए। सोहावल व रुदौली में भी बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया।