-जिले में हुई 10 मिमी बरसात, 27 तक ऐसे मौसम की उम्मीद

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Thu, 24 Jan 2019 12:03 AM IST
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जिले में 10 मिमी. हुई बारिश
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अयोध्या। बादलों की गड़गड़ाहट व बिजली की चमक के साथ मंगलवार रात शुरू हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। पूरी रात रिम-झिम चली बारिश ने गेहूं सहित दलहन व तिलहनी फसलों को संजीवनी देने का काम किया।
वहीं कुछ स्थानों पर गिरे ओलों से किसान चिंतित भी दिखे। जिले भर में औसतन 10 मिमी. बरसात रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई है।
जिले में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर व सरसों सहित अन्य फसलों की बोआई किसानों ने पर्याप्त मात्रा में की है। लेकिन मौसम की बेरुखी से उसके उत्पादन की चिंता किसानों के माथे पर देखी जा रही थी।

मंगलवार को ही मौसम ने करवट बदली तो कुछ बेहतरी की उम्मीदें जगीं जो देररात तक पूरी तरह साकार हो गईं। आसमान से रिमझिम की बारिश शुरू हुई तो किसानों चेहरे खुशी से खिल उठे।

जिले में 111125 हेक्टेयर में बोई गई गेहूं की फसल के बेहतर उत्पादन की आस भी जग उठी। रात्रि करीब आठ बजे से ही जिले भर में हल्की से मध्यम वर्षा शुरू हुई, जो देररात और तेज हो गई।

मध्यरात्रि में ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक तेज बारिश के साथ ओले भी गिरने शुरू हुए, जो कुछ देर तक चिंता का कारण बनें। हालांकि ओलावृष्टि कम होने से थोड़ी गनीमत रही।

बुधवार सुबह फिर कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। ठंड के मौसम में हुई यह पहली बारिश किसानों के लिए वरदान मानी जा रही है। इससे गेहूं के उत्पादन तो बेहतर होगा साथ ही सरसों में माहूं रोग की आशंका भी समाप्त हो गई है।

इसे कृषि वैज्ञानिक भी खासा लाभप्रद मान रहे हैं। नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रकाश मौर्या ने बताया कि इस बारिश से गेहूं की फसल को ज्यादा फायदा होगा।

जो किसान गेहूं की फसल समय से लगाए हैं, उन्हें तीसरी सिंचाई व जो विलंब से बोआई किए हैं, उन्हें दूसरी सिंचाई का लाभ मिला है। वहीं जिन किसानों ने शीघ्र सिंचाई किया है, उन्हें तेज वर्षा होने पर नुकसान हो सकता है।

कहा कि जिन दलहनी फसलों अरहर, चना, मटर, मसूर व तिलहनी फसल जैसे सरसों, अलसी में फूल आ गए हैं, उनमें तेज हवा के कारण नुकसान होने की संभावना है। लेकिन जिन फसलों में फली बन रही है, उसे फायदा होगा।

सब्जियों में टमाटर, बैंगन, मिर्च, गोभी को इस वर्षा से लाभ होगा। लेकिन आलू की फसल में बदली होने के कारण झुलसा बीमारी का प्रकोप हो सकता है।

बताया कि आम के पौधों में जिनमें अभी बौर निकल रहा है परंतु खिला नहीं है, उन्हें लाभ होगा लेकिन जिनके फूल खिल गए हैं, उन्हें नुकसान होने की संभावना है।

जिले में मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हुआ। गनीमत रही कि जिलाधिकारी ने वर्षा की पूर्व संभावना के मद्देनजर स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी थी।

इससे नौनिहालों के लिए राहत रही लेकिन बड़े बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जाने को विवश हुए। नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि 27 जनवरी तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं वर्षा की संभावना भी है।
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