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जीवों पर शोध को बनेगा वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट

Sat, 20 Aug 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
अमर उजाला ब्यूरो इटावा Updated Sat, 20 Aug 2016 11:36 PM IST
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wild life institute proposal for reaserch on animal
जंगल के राजा शेर आपस में ही लड़ने लगे - फोटो : dailymail

इटावा सफारी पार्क के निर्माण और सरसईनावर में सारस सेंटर बनाए जाने के बाद शासन ने अब शहर में राष्ट्रीय स्तर का वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट बनाने की योजना बनाई है। इसके निर्माण के लिए इटावा सफारी पार्क के ठीक सामने फिशर फारेस्ट में जगह भी चिह्नित कर ली गई है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में वन्य और जलीय जीवों पर शोध की शुरुआत करना है। इससे शेर-सारस के साथ डाल्फिन और घड़ियालों पर भी शोध हो सकेगा। जल्द ही इसके लिए शासन योजना को अंतिम रूप देकर धनराशि भी अवमुक्त कर देगा।

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पशु विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में वन्यजीवों पर शोध के लिए मुख्यमंत्री के गृह जनपद से बेहतर और कोई स्थान नहीं हो सकता। विशेषज्ञों की सलाह को मानते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिले में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट बनाने का फैसला लिया है। यह इंस्टीट्यूट इटावा सफारी पार्क के मुख्य द्वार के ठीक सामने हाईवे के दूसरी ओर फिशर वन में स्थित वन विभाग के पुराने गोदाम की जगह पर बनाया जाएगा। इसके लिए कुल पांच हेक्टेयर जमीन को चिह्नित किया गया है। इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। माना जा रहा है कि भविष्य में इंस्टीट्यूट के तार दूसरे देशों से भी जुडे़ंगे। विश्व स्तर पर वन्य जीवों पर शोधकार्य में उत्तर प्रदेश की भी सहभागिता होगी।
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वर्जन
इंस्टीट्यूट निर्माण के लिए चिह्नित जमीन का मैप और अन्य जरूरी जानकारी शासन को भेज दी गई है। इंस्टीट्यूट का बनना लगभग तय है।
- डीएफओ कन्हैया पटेल

डाल्फिन और घड़ियाल संरक्षण पर वर्षों से चल रहा कार्य
इटावा। इटावा सफारी पार्क के निर्माण के साथ एशियाटिक बब्बर शेरों के संरक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। वहीं भालू, हिरण, मृग और तेंदुआ सफारी के निर्माण के साथ इन वन्यजीवों का संरक्षण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा।  जनपद में गांगेय डाल्फिन के संरक्षण पर भी वर्षों से कार्य चल रहा है। चंबल नदी में डाल्फिन की ये प्रजाति पिनहाट से लेकर जनपद के पंचनदा क्षेत्र में पाई जाती है। हाल ही में हुए सर्वेक्षण के अनुसार इस क्षेत्र में कुल 95 डाल्फिन मौजूद हैं। वहीं जिले में घड़ियाल के संरक्षण का कार्य भी 1979 से चल रहा है। ऐसे में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट से इन वन्य और जलीय जीवों पर विश्वस्तरीय कार्य हो सकेगा।
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सारस संरक्षण को मिलेगी नई दिशा
इटावा। शासन ने जनपद के सरसईनावर में सारस सेंटर बनाने का भी फैसला लिया है। सारस पक्षी विलुप्त होने की कगार पर हैं और इन पर विश्व भर के वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। जनपद के सरसईनावर क्षेत्र में स्थित वेटलेंड क्षेत्र में सारस निवास करते रहे हैं। सरसईनावर सारस संरक्षण के क्षेत्र में विश्व के मानचित्र पर आता है। ऐसे में जिले में ही वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट के बनने से सारस पर भी बेहतर तरीके से कार्य हो सके गा। सारस संरक्षण को एक नई दिशा मिल सकेगी।

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