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Etawah News: दरवाजे पर जलभराव, घरों से निकलना दूभर

Sun, 10 May 2026 12:16 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 May 2026 12:16 AM IST
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Waterlogging at the doorstep, making it difficult to leave the house
इटावा। शहर के शांति कॉलोनी वार्ड में जलनिकासी का इंतजाम नहीं होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर भरा हुआ है। ऐसे में चार गलियों के लोगों का घरों से निकलना मुश्किल है। उधर, चेयरमैन का दावा है कि दोबारा सड़क और नाली बनवाने के लिए एक बार प्रयास किया जा चुका है लेकिन लोगों ने सड़क ऊंची न होने का विरोध करके ठेकेदार को लौटा दिया था।
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आईटीआई चौराहे के तरफ से सर्विस सड़क होकर वार्ड में घुसते ही लगभग 100 मीटर बाद गली में पानी भरा है। इसके आसपास की तीन गलियों का भी यही हाल है। लोगों ने निकलने के लिए जलभराव के बीच पत्थर डाल रखे हैं। कई बार गंदे पानी से बचकर निकलने में लोग गिरकर चोटिल भी हो गए हैं। एक सप्ताह में रुक-रुककर हुई 10 एमएम बारिश ने हाल और भी बुरा कर दिया है।
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स्थानीय लोगों को रोजाना नाली के गंदे पानी में घुसकर बाहर जाना पड़ता है। बच्चों को घर से बाहर निकालने पर किसी हादसे की आशंका के चलते घरों में कैद रखा जा रहा है। कुछ खाली प्लॉट में भी पानी भर गया है जिससे मच्छर पैदा हो रहे हैं। नजदीकी स्कूल में जाने वाले बच्चों को घर के लोग गोद में लेकर पानी में घुसकर छोड़ने जाते हैं।
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सभासद मीरा कुमारी का कहना है कि कुछ दिन पहले मोटर से पानी निकालने की व्यवस्था की थी लेकिन बिजली निगम के एक्सईएन के मना करने के बाद मोटर को बंद कर दिया गया। सड़क बनाने को लेकर नगरपालिका अध्यक्ष से निवेदन किया गया है।


कुछ दिन पहले साढ़े तीन साल का नाती खेलते वक्त पानी में गिर पड़ा था। पड़ोसियों ने उसे घर पर पहुंचाया था। उसके कपड़े खराब होने के साथ ही कपड़े भी खराब हो गए थे। डर की वजह से अब वह घर के बाहर ही नहीं निकलता है।




छोटे बच्चे स्कूल और ट्यूशन जाने के लिए पानी में घुसकर जाते हैं। अधिकतर कपड़े भी खराब कर लेते हैं। रिश्तेदारों को बुलाने में भी शर्म महसूस होती है। लगता है जैसे शहर में नहीं बल्कि किसी गांव या पिछड़े कस्बे में रह रहे हो।




दुकान के आगे पानी भरे होने से ग्राहक नहीं आते हैं। कुछ दिन पहले ग्राहक को कपड़े देते वक्त पानी में कपड़े गिर गए थे। ग्राहक ने नाराजगी जताई थी। उसे कपड़े धुलवाकर देने पड़े। अब तो किराया निकाल पाना मुश्किल हो रहा है।




समस्या को लेकर कई बार जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को अवगत करा दिया जा चुका है। बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हुई है। हम





चेयरमैन ज्योति गुप्ता ने बताया कि जिलाधिकारी से 21 करोड़ की लागत के टेंडर की मांग की गई है। मोहल्ले के बुजुर्ग लोगों से वार्ता करके उन्हें गली बनवाने के लिए राजी किया जाएगा। जल्द इस समस्या का समाधान करना प्राथमिकता है।
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