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Etawah News: सबमर्सिबल से दोह रहे जल, बूंद-बूंद के लिए तरस न जाएं कल

Tue, 21 Mar 2023 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Tue, 21 Mar 2023 12:33 AM IST
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water cricess increcess due to submercible
इटावा। दिन प्रतिदिन कम हो रहे प्राकृतिक जल स्रोत भविष्य में बड़ा संकट बन सकते हैं। गर्मियों में हर साल शहर के करीब पांच मोहल्ले और 30 गांव पानी की समस्या से जूझते हैं। पारंपरिक जल स्रोत जैसे तालाब और कुएं सूखने और हैंडपंप खराब होने से अधिकांश लोग सबमर्सिबल पर आश्रित हो गए हैं। ऐसे में जल का दोहन बढ़ गया है और इसकी बर्बादी भी होती है।
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ऊंचाई पर बसे कई मोहल्लों में जल संकट रहता है। अधिकांश लोग सबमर्सिबल और मोटर पर आश्रित हैं। ऐसे में भीषण गर्मी में फॉल्ट होने व बिजली आपूर्ति बाधित होने पर उन्हें पानी नहीं मिल पाता। शहर के पथवरिया, बरहीपुरा, छिपैटी, वाह अड्डा, कोकपुरा, करनपुरा तलहटी में हर साल गर्मियों में लोगों को जल संकट से जूझना पड़ता है। पानी की मांग बढ़ने के साथ ही इन मोहल्लों में जल आपूर्ति बाधित होने लगती है। इन मोहल्लों के लोगों का कहना है कि करीब 20 साल पहले तक यहा भी कुएं हुआ करते थे, जो देखरेख के अभाव में सूख गए। 10 साल पूर्व तक सहारा देने वाले हैंडपंपों के गले भी सूख गए हैं। अधिकांश मोहल्लों में लगे हैंडपंप खराब हैं। ऐसे में लोग भीषण गर्मी में पानी के लिए तरस जाते हैं।
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इन गांवों में रहता है संकट

तीन दशक पहले तक गांव-गांव तालाब, पोखर और झीलें नजर आती थीं। इससे भीषण गर्मियों में भी लोगों को जल आपूर्ति का संकट नहीं होता था। अब पोखरों, तालाबों और झीलों की संख्या कम होने के साथ ही गांवों में भी परेशानियां बढ़ गई हैं। भीषण गर्मी शुरू होते ही नग्ला लच्छी, भरतपुर खुर्द, नग्ला गंगे, बदकन शाहपुर, बछरोही, कदमपुर समेत लगभग 30 गांवों में जल संकट गहरा जाता है।
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एक किमी दूर चंबल से लाते हैं पानी
चकरनगर के बीहड़ी इलाके में दशकों से घरों, मोहल्लों में लगे हैंडपंपों में खारा पानी आ रहा है। नदा, सहसों, कोटरा, नीवरी के लोग खारा पानी आने से लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर दूर पैदल चंबल से पानी भरने जाते हैं। मई व जून में मगरमच्छ और घड़ियाल नदी किनारे डेरा डाले रहते हैं, ऐसे में हादसे का डर भी रहता है।
सरकारें बदलीं लेकिन स्थितियां नहीं
- अमित कुमार ने बताया कि कई सरकारें बदलीं, लेकिन क्षेत्र की स्थितियां नहीं बदल पाईं। गर्मियों में लोगों को स्वच्छ पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। शिकायत पर हर बार आश्वासन ही मिलता है।

- करनपुरा तलहटी निवासी अरविंद कुशवाहा ने बताया कि पानी की अक्सर समस्या रहती है। निचली जगह पर घर होने के बावजूद गर्मियों में एक-एक बूंद पानी के लिए मोहल्ले के लोगों को परेशान होना पड़ता है।
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