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खाद न मिलने से नाराज महिला किसानों का हंगामा

Tue, 02 Nov 2021 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Nov 2021 11:54 PM IST
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Uproar of women farmers due to non-availability of fertilizers
सैफई। सरकारी आंकड़ों में भले ही डीएपी की किल्लत न हो, लेकिन असल में एक-एक बोरी खाद पाने के लिए किसान जूझ रहे हैं। मंगलवार को वैदपुरा की रजमऊ सरकारी समिति में डीएपी व यूरिया खाद की एक-एक बोरी देने से नाराज महिला किसानों ने हंगामा किया।
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सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। समिति के सचिव पर चहेतों को खाद देने का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल व कुछ स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और महिला किसानों को समझाया। तब करीब एक घंटे बाद मामला शांत हुआ।
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महिला किसान वैदपुरा सहकारी संघ पूर्ति भंडार लिमिटेड समिति रजमऊ में सुबह डीएपी व यूरिया खाद लेने पहुंची। वहां एक-एक बोरी डीएपी व यूरिया खाद देने पर महिला किसान भड़क गईं।
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कुईया गांव निवासी किसान सीताश्री का आरोप है कि वह चार दिन से लगातार सुबह छह बजे ही आकर लाइन में खड़ी हो जाती हैं। बावजूद इसके अब तक खाद नहीं मिली।
उनका कहना है कि जो लोग लाइन में नहीं लग रहे हैं, उन्हें सचिव खाद बांट रहे हैं। नगला छतै गांव की शशि ने भी सचिव पर नियमों की अनदेखी तक चहेतों को खाद बांटने का आरोप लगाया।
शशि का कहना है कि तीन-चार दिन से परेशान हो रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही है। ज्ञानवती ने आरोप लगाया कि सचिव अपनी मर्जी के हिसाब से जिसे चाहे उसे खाद दे रहे हैं, लेकिन महिलाओं को खाद नहीं दी जा रही है।
सुनीता, आकांक्षा, इंद्रावती, ऊषा, पूनम समेत 12 से ज्यादा महिला किसानों ने सचिव पर अपने चहेतों को खाद देने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। सूचना पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल व स्थानीय लोगों ने महिला किसानों को समझा कर शांत कराया।
सुबह से ही लग जातीं किसानों की लाइनें
जिले में खाद की किल्लत के मद्देनजर कई दिनों से सहकारी समितियों पर किसानों की लंबी-लंबी लाइनें सुबह से ही लगना शुरू हो जाती है। उसके बाद भी किसानों को खाद नहीं मिलती है।
शाम को किसान खाली हाथ लौट जाते हैं, जिससे उनमें नाराजगी है। बीते दिनों किसानों ने एसडीएम सैफई ज्योत्स्ना बंधु से भी सचिव पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।

सैफई तहसीलदार प्रभात राय ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल को समिति में खाद वितरण के काम में लगाया गया था। अगर सचिव पर खाद वितरण में गड़बड़ी करने का आरोप लगे हैं, तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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