{"_id":"6223b67d840e252457550ac9","slug":"twin-brothers-found-again-after-returning-to-their-homeland-separated-in-ukraine-etawah-news-knp684061317","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूक्रेन में बिछड़े वतन वापसी पर फिर मिले जुड़वा भाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूक्रेन में बिछड़े वतन वापसी पर फिर मिले जुड़वा भाई
विज्ञापन
यूक्रेन से वापस लौटे जुड़वां भाई अपने घर पर सुमित व अमित
- फोटो : ETAWAH
जसवंतनगर (इटावा)। यूक्रेन गए जुड़वां भाई सुरक्षित घर लौट आए हैं। शनिवार सुबह पिता, मां व बहन उन्हें लेने इटावा रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। छात्रों को अब यह चिंता सता रही है कि पढ़ाई में अभी दो साल बचे हैं। मेडिकल डिग्री कैसे मिल पाएगी।
अमर पाल सिंह के दो जुड़वां पुत्र अमित और सुमित 2019 में यूक्रेन के विनीशिया शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए थे। उनका तीसरा वर्ष है। बताया कि 16 फरवरी को सरकार ने एडवाइजरी जारी कर यहां के हालात बिगड़ सकने की जानकारी दी थी।
इसके बाद 26 फरवरी को सुबह आठ बजे वह बस से रोमानिया बॉर्डर पहुंचे। यहां से पैदल रोमानिया की राजधानी बोकारिस्ट पहुंचे। 18 घंटे इंतजार के बाद सुमित एयर इंडिया के विमान से रात 11 बजे दिल्ली पहुंचा। अमित सेना के विमान से तीन मार्च को हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा।
विज्ञापन
बताते हैं कि बॉर्डर पर सुमित और अमित अलग-अलग हो गए थे। भाइयों ने बताया की यूक्रेन सरकार ने सायरन बजने पर बंकरों में छिप जाने की सलाह दी थी।
छात्रों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था यूक्रेन सरकार के लोग करते रहे। इससे खाने की कोई दिक्कत नहीं हुई।
शनिवार सुबह नॉर्थईस्ट एक्सप्रेस से सुबह साढ़े 11 बजे जैसे ही दोनों भाई रेलवे स्टेशन पर उतरे पिता अमरपाल सिंह, मां गीता देवी, बहन तनु व परिजनों ने उन्हें गले लगा लिया।
जसवंतनगर में मोहल्ले के लोगों ने उनका गाजे-बाजे व फूल मालाओं और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। तहसीलदार अशोक कुमार सिंह उनके घर पहुंचे और विस्तृत जानकारी ली।
विज्ञापन
अमर पाल सिंह के दो जुड़वां पुत्र अमित और सुमित 2019 में यूक्रेन के विनीशिया शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए थे। उनका तीसरा वर्ष है। बताया कि 16 फरवरी को सरकार ने एडवाइजरी जारी कर यहां के हालात बिगड़ सकने की जानकारी दी थी।
विज्ञापन
इसके बाद 26 फरवरी को सुबह आठ बजे वह बस से रोमानिया बॉर्डर पहुंचे। यहां से पैदल रोमानिया की राजधानी बोकारिस्ट पहुंचे। 18 घंटे इंतजार के बाद सुमित एयर इंडिया के विमान से रात 11 बजे दिल्ली पहुंचा। अमित सेना के विमान से तीन मार्च को हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा।
विज्ञापन
बताते हैं कि बॉर्डर पर सुमित और अमित अलग-अलग हो गए थे। भाइयों ने बताया की यूक्रेन सरकार ने सायरन बजने पर बंकरों में छिप जाने की सलाह दी थी।
छात्रों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था यूक्रेन सरकार के लोग करते रहे। इससे खाने की कोई दिक्कत नहीं हुई।
शनिवार सुबह नॉर्थईस्ट एक्सप्रेस से सुबह साढ़े 11 बजे जैसे ही दोनों भाई रेलवे स्टेशन पर उतरे पिता अमरपाल सिंह, मां गीता देवी, बहन तनु व परिजनों ने उन्हें गले लगा लिया।
जसवंतनगर में मोहल्ले के लोगों ने उनका गाजे-बाजे व फूल मालाओं और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। तहसीलदार अशोक कुमार सिंह उनके घर पहुंचे और विस्तृत जानकारी ली।