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जिले के 55 किलोमीटर लंबे ट्रैक से गुजरी प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस

Fri, 25 Jun 2021 11:16 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jun 2021 11:16 PM IST
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इटावा। नई दिल्ली से कानपुर जाते समय राष्ट्रपति रामनाथ कोविद की प्रेसिडेंसियल एक्सप्रेस शुक्रवार को जिले के 55 किलोमीटर लंबे ट्रैक से निकली।
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इस दौरान रेलवे ट्रैक, स्टेशन, ओवरब्रिज, अंडरपास आदि स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। जगह-जगह पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ कर्मी तैनात रहे। डीएम श्रुति सिंह और एसएसपी डा.बृजेश कुमार सिंह भी रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहे। ट्रेन जिले की सीमा पार करने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली।
राष्ट्रपति प्रेसिडेंसियल एक्सप्रेस से नई दिल्ली से कानपुर वाया इटावा जाने की सूचना के बाद से ही पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने तैयारियां शुरू कर दी थीं।
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ताकि यात्रा के दौरान राष्ट्रपति को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। उनकी सुरक्षा के लिए रेलवे क्रासिंग, बस्ती के आसपास रेलवे ट्रैक किनारे रस्सा लेकर पुलिसकर्मियों की तैनात किया गया था।
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ताकि राष्ट्रपति की ट्रेन गुजरने के दौरान ट्रैक के करीब कोई न पहुंच सके। राष्ट्रपति की सुरक्षा में एसपी सिटी प्रशांत कुमार और एसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह भी तैनात किया गया था। डीएम व एसएसपी भी दोपहर में इटावा रेलवे स्टेशन पहुंच गए।
शाम 4:47 बजे दो बोगी की पायलट ट्रेन इटावा स्टेशन से पास हुई, तो अधिकारियों से सुरक्षा कर्मी तक अलर्ट पोजिशन में आ गए। दस मिनट बाद यानी 4:57 बजे राष्ट्रपति की प्रेसिडेंसियल ट्रेन इटावा स्टेशन से पास हुई।
इसके पांच मिनट बाद शाम 5:02 बजे राष्ट्रपति की ट्रेन को कवर कर रही तीन बोगी की ट्रेन गुजरने के बाद प्लेटफार्म पर मौजूद अफसरों ने राहत की सांस ली।
स्टेशन पर डीएम व एसएसपी के अलावा एसडीएम सदर सिद्धार्थ, सिटी मजिस्ट्रेट उमेश कुमार मिश्रा, पशु पालन विभाग के अधिकारी डा.एमपी सिंह व पशुधन प्रसार अधिकारी बादाम सिंह, स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना समेत तमाम पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ के अफसर मौजूद रहे।
यात्रियों को रोका गया
प्रेसिडेंसियल एक्सप्रेस गुजरने के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न फैले, इसलिए आरपीएफ व जीआरपी ने सुबह से ही तैयारी कर रखी थी। बेवजह स्टेशन में घूमने वालों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया था।
सुरक्षा कर्मी स्टेशन और उसके आसपास की पैनी जर रख रहे थे। प्रेसिडेंसियल एक्सप्रेस के आने के 25 मिनट पहले ही यात्रियों को प्लेट फार्म में प्रवेश रोक दिया गया। यात्रियों को स्टेशन बजरिया के पास तब तक रोका रखा गया था, जब तक राष्ट्रपति की ट्रेन स्टेशन से पास नहीं हो गई।
जिला अस्पताल में बना सेफ हाउस
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ट्रेन से सफर करने को देखते हुए जिला पुरुष अस्पताल में सुरक्षा की दृष्टि से वीआईपी सेफ हाउस बनाया गया था। इसका सीओ सिटी ने निरीक्षण किया।
यहां डॉ.महेंद्र कुमार, डॉ.विष्णु मेहरोत्रा, फार्मासिष्ट जीसी पाल, स्टाफ नर्स भावना वर्मा, लैब टेक्नीशियन संजीव प्रताप, वार्ड ब्वाय राजू ड्यूटी पर तब तक उपस्थित रहे, जब तक राष्ट्रपति जिले की सीमा को पार नहीं कर गए।
छतों पर खड़े होकर ट्रेन देखने की रही उत्सुकता
भरथना संवाद के अनुसार प्रेसिडेंशियल ट्रेन शाम 5:15 बजे भरथना स्टेशन से पास हुई। ट्रेन को देखने के लिए रेलवे ट्रेक के आसपास रहने वाले लोग मकानों की छतों पर खड़े रहे। महिलाओं और बच्चों में काफी उत्सुकता रही।
सुरक्षा की दृष्टि से भरथना रेलवे स्टेशन व फाटक संख्या 20 बी समेत आसपास रेलवे लाइन के किनारे रिहायशी इलाकों के पास सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे।
एसडीएम हेम सिंह के अलावा आरपीएफ, जीआरपी कर्मियों के साथ ही रेलवे कर्मी बनाए गए प्वाइंट पर तैनात रहे। रेलवे फाटक के दोनों ओर आसपास की दुकानें बंद कर बैरीकेडिंग कर आवागमन रोका गया।
दिन भर चमकाया जाता रहा स्टेशन
राष्ट्रपति की ट्रेन इटावा से गुजरने थी। इसलिए सुबह से ही स्टेशन और उसके प्लेटफार्म को चमकाए जाने का काम शुरू हो गया। स्टेशन में दोपहर में यात्री को छोड़िए, कुत्ता भी नजर नहीं आ रहा था।
स्टेशन परिसर में केवल पुलिस और प्रशासनिक अफसर ही दिखाई दे रहे थे। स्टेशन मास्टर व उनके मातहत कर्मचारी भी बाकायदा वर्दी में दिखाई दे रहे थे।
फौव्वारा भी चल गया, बंदरों ने मस्ती की
इटावा स्टेशन परिसर में लगा फौव्वारा काफी दिनों से बंद पड़ा था। राष्ट्रपति की ट्रेन से कानपुर यात्रा के मद्देनजर इटावा रेलवे स्टेशन व परिसर को साफ-सुधरा तो किया गया था।

साथ ही अर्से से बंद पड़े इस फौव्वारा को भी शुक्रवार को चालू कर दिया गया। फौव्वारे के नीचे पानी बंदरों की टोली भी उछल कूद करती रही। कभी बंदर फौव्वारा के नीचे नहा रहे थे, तो कभी पानी में गोते लगा रहे थे। कुल मिलाकर मस्ती के साथ गर्मी से राहत पाने का प्रयास कर रहे थे।
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