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उदास चेहरों ने बताई मुरझाए खेतों की कहानी
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Fri, 10 Apr 2015 12:17 AM IST
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फसल की बर्बादी का आकलन कर रही भारत सरकार की टीम गुरुवार को जिले में पहुंची। जिले के आला अफसरों को लेकर टीम गांव-गांव घूमी और किसानों से बर्बाद फसल की जानकारी की। किसानों के उदास चेहरों ने उन्हें मुरझाए खेतों की कहानी बताई। टीम के मुखिया कृषि एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव (भारत सरकार) डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने माना कि फसल को काफी नुकसान हुआ है। कहीं-कहीं तो यह नुकसान शत-प्रतिशत है।
जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसल को हुए नुकसान के आंकलन को लेकर भारत सरकार की तीन सदस्यीय टीम दोपहर करीब दो बजे बढ़पुरा ब्लाक क्षेत्र के गांव चांदनपुर पहुंची।
इस टीम में भारत सरकार कृषि एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव डा. आशीष कुमार भूटानी, ग्राम्य विकास मंत्रालय निदेशक अनुश्रवण भावना सिंह और वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के निदेशक राजीव कुमार सेन शामिल रहे। डीएम नितिन बंसल ने टीम को साथ लेकर कई गांवों का भ्रमण कराया।
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सबसे पहले टीम चांदनपुर गांव में पहुंची। यहां खेतों में जाकर बर्बाद फसल का जायजा लिया। इसके बाद फूफई, केशवपुर-जादौपुर, नगला खूबी, नगला पृथ्वी और नगला तार में गए। अफसरों ने पैदल चलते हुए जहां भी किसान खड़े मिले, वहां रुककर उनसे बर्बाद फसल जानकारी की।
केशवपुर-जादौपुर के जूनियर हाईस्कूल में टीम ने चौपाल लगाई। यहां करीब एक सैकड़ा किसान जमा हुए। अधिकारियों ने किसानों की बात सुनी। किसान अपने-अपने खेत की गेहूं, सरसों, चना आदि की बर्बाद फसल लेकर पहुंचे थे। कुछ किसानाें ने बागवानी, सब्जी, लहसुन आदि फसलों की क्षति की ओर भी ध्यान दिलाया।
क्षेत्र में टीम ने अपराह्न करीब पौने चार बजे तक किसानों की समस्याएं सुनीं। उसके बाद इटावा सिंचाई विभाग के डाक बंगले में अफसरों ने कृषि विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नुकसान की समीक्षा की। यहां से टीम को जसवंतनगर के भैसरई आदि समेत कुछ गांवोें में जाना था, लेकिन समय न होने की वजह से टीम सीधे भरथना पहुंची।
जहां निनावा गांव में फसल के नुकसान का जायजा लिया। यहां से यह टीम कन्नौज के लिए रवाना हो गई। पूर्व कार्यक्रम के मुताबिक टीम को जिले में रात्रि विश्राम करना था, लेकिन इसे संशोधित कर दिया गया। उप कृषि निदेशक एसके सिंह ने बताया कि टीम का रात्रि विश्राम कन्नौज में होगा। इस दौरान एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह, एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह, भरथना अशोक कुमार मौर्य, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव आदि अधिकारी मौजूद रहे।
काफी हुआ नुकसान
सिंचाई विभाग के डाक बंगला में अमर उजाला से बातचीत में कृषि एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव (भारत सरकार) डॉ. भूटानी ने माना कि यहां फसल को काफी नुकसान हुआ है। जितने गांव हमने देखे हैं, उनमें 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान तो मिला ही है। कहीं 70-80 प्रतिशत तो कहीं सौ प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। चूंकि पहले 50 प्रतिशत से अधिक के नुकसान के आधार पर आंकलन हुआ था। अब 33 प्रतिशत नुकसान के आधार पर सर्वेक्षण होना है। दोबारा सर्वे होगा।
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जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसल को हुए नुकसान के आंकलन को लेकर भारत सरकार की तीन सदस्यीय टीम दोपहर करीब दो बजे बढ़पुरा ब्लाक क्षेत्र के गांव चांदनपुर पहुंची।
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इस टीम में भारत सरकार कृषि एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव डा. आशीष कुमार भूटानी, ग्राम्य विकास मंत्रालय निदेशक अनुश्रवण भावना सिंह और वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के निदेशक राजीव कुमार सेन शामिल रहे। डीएम नितिन बंसल ने टीम को साथ लेकर कई गांवों का भ्रमण कराया।
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सबसे पहले टीम चांदनपुर गांव में पहुंची। यहां खेतों में जाकर बर्बाद फसल का जायजा लिया। इसके बाद फूफई, केशवपुर-जादौपुर, नगला खूबी, नगला पृथ्वी और नगला तार में गए। अफसरों ने पैदल चलते हुए जहां भी किसान खड़े मिले, वहां रुककर उनसे बर्बाद फसल जानकारी की।
केशवपुर-जादौपुर के जूनियर हाईस्कूल में टीम ने चौपाल लगाई। यहां करीब एक सैकड़ा किसान जमा हुए। अधिकारियों ने किसानों की बात सुनी। किसान अपने-अपने खेत की गेहूं, सरसों, चना आदि की बर्बाद फसल लेकर पहुंचे थे। कुछ किसानाें ने बागवानी, सब्जी, लहसुन आदि फसलों की क्षति की ओर भी ध्यान दिलाया।
क्षेत्र में टीम ने अपराह्न करीब पौने चार बजे तक किसानों की समस्याएं सुनीं। उसके बाद इटावा सिंचाई विभाग के डाक बंगले में अफसरों ने कृषि विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नुकसान की समीक्षा की। यहां से टीम को जसवंतनगर के भैसरई आदि समेत कुछ गांवोें में जाना था, लेकिन समय न होने की वजह से टीम सीधे भरथना पहुंची।
जहां निनावा गांव में फसल के नुकसान का जायजा लिया। यहां से यह टीम कन्नौज के लिए रवाना हो गई। पूर्व कार्यक्रम के मुताबिक टीम को जिले में रात्रि विश्राम करना था, लेकिन इसे संशोधित कर दिया गया। उप कृषि निदेशक एसके सिंह ने बताया कि टीम का रात्रि विश्राम कन्नौज में होगा। इस दौरान एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह, एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह, भरथना अशोक कुमार मौर्य, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव आदि अधिकारी मौजूद रहे।
काफी हुआ नुकसान
सिंचाई विभाग के डाक बंगला में अमर उजाला से बातचीत में कृषि एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव (भारत सरकार) डॉ. भूटानी ने माना कि यहां फसल को काफी नुकसान हुआ है। जितने गांव हमने देखे हैं, उनमें 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान तो मिला ही है। कहीं 70-80 प्रतिशत तो कहीं सौ प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। चूंकि पहले 50 प्रतिशत से अधिक के नुकसान के आधार पर आंकलन हुआ था। अब 33 प्रतिशत नुकसान के आधार पर सर्वेक्षण होना है। दोबारा सर्वे होगा।