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मयूर नृत्य से बांधा समा
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इटावा। इटावा महोत्सव/प्रदर्शनी पंडाल में गुरुवार की शाम को दो दिवसीय रासलीला कार्यक्रम आयोजित हुआ। शुभारंभ उपजिलाधिकारी सदर राजेश कुमार वर्मा ने राधा-कृष्ण का तिलक कर किया। इसी के साथ पंडाल में शाम को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत भी हो गई।
रासलीला में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हरि बाबा रामकृष्ण लीला मंडल वृंदावन (मथुरा) से आए कलाकारों ने मयूर नृत्य प्रस्तुत किया। कलाकारों ने मीराबाई के चरित्र की लीला पेश की।
मीराबाई कृष्ण की अनन्य प्रेमिका थीं। संसार में श्रीकृष्ण प्रेम का सबसे बड़ा स्वरूप हैं, और उनके प्रेम स्वरूप की सबसे बड़ी साधक मीराबाई थीं। जब भी श्रीकृष्ण के प्रेम की बात आती है तो मीराबाई का नाम जरूर आता है।
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हरिबाबा रामकृष्ण लीला मंडल के निदेशक स्वामी रासिकी बिहारी महाराज ने बताया कि वह 25 वर्षों से इटावा महोत्सव के दौरान पंडाल में रासलीला आयोजित करते आ रहे हैं।
कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लगता है, जब कोई भगवान की लीला को देखने के लिए आता है। रासलीला संयोजक गुरु प्रसाद द्विवेदी एडवोकेट ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इटावा महोत्सव/प्रदर्शनी में आज
सुबह 10 बजे : जैविक कृषि आधारित कृषि जागरुकता कार्यक्रम।
सुबह 10 बजे : स्टेडियम में दो दिवसीय जनपदीय हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ।
शाम 6:30 बजे पंडाल में रासलीला का दूसरा दिन।
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रासलीला में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हरि बाबा रामकृष्ण लीला मंडल वृंदावन (मथुरा) से आए कलाकारों ने मयूर नृत्य प्रस्तुत किया। कलाकारों ने मीराबाई के चरित्र की लीला पेश की।
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मीराबाई कृष्ण की अनन्य प्रेमिका थीं। संसार में श्रीकृष्ण प्रेम का सबसे बड़ा स्वरूप हैं, और उनके प्रेम स्वरूप की सबसे बड़ी साधक मीराबाई थीं। जब भी श्रीकृष्ण के प्रेम की बात आती है तो मीराबाई का नाम जरूर आता है।
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हरिबाबा रामकृष्ण लीला मंडल के निदेशक स्वामी रासिकी बिहारी महाराज ने बताया कि वह 25 वर्षों से इटावा महोत्सव के दौरान पंडाल में रासलीला आयोजित करते आ रहे हैं।
कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लगता है, जब कोई भगवान की लीला को देखने के लिए आता है। रासलीला संयोजक गुरु प्रसाद द्विवेदी एडवोकेट ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इटावा महोत्सव/प्रदर्शनी में आज
सुबह 10 बजे : जैविक कृषि आधारित कृषि जागरुकता कार्यक्रम।
सुबह 10 बजे : स्टेडियम में दो दिवसीय जनपदीय हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ।
शाम 6:30 बजे पंडाल में रासलीला का दूसरा दिन।