{"_id":"60e88cb58ebc3ef9fe5a1609","slug":"thugi-etawah-news-knp639252815","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के खाते से निकले एक करोड़ से अधिक की रकम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों के खाते से निकले एक करोड़ से अधिक की रकम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। बैक ऑफ बड़ौदा के ग्राहक सेवा केंद्र से 60 से अधिक किसानों के खाते से एक करोड़ से अधिक रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित किसानों ने शुक्रवार को बैंक मैनेजर से शिकायत की। किसानों ने केंद्र के संचालक पर गुमराह कर फर्जी दस्तावेज में अंगूठा लगवाने का आरोप लगाया। मैनेजर ने एनआईसीटी को संचालक के खिलाफ रिपोर्ट भेजी।
सिविल लाइन थानाक्षेत्र के लुहन्ना चौराहे पर बैंक ऑफ बड़ौदा का ग्राहक सेवा केंद्र है। यहां पर चकवा गांव के आसपास के क्षेत्रों के 100 से अधिक किसानों का खाता है। गुरुवार को 60 से अधिक किसान ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचे और खाते से प्रति किसान का एक से डेढ़ लाख रुपये निकल जाने का आरोप लगाया। किसानों ने ग्राहक सेवा केंद्र में मौजूद दो लोगों से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से रुपये निकासी की वजह पूछी तो वह कोई जवाब नहीं दे सके । किसानों का आरोप है कि दोनों व्यक्ति ग्राहक सेवा केंद्र में ताला लगाकर मौके से भाग निकले। यह देख किसान हंगामा करने लगे। गुरुवार को किसानों ने इसकी शिकायत बैंक मैनैजर एके सक्सेना से की। बैंक मैनेजर ने इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी।
बैंक मैनेजर एके सक्सेना ने बताया कि बायोमैट्रिक मशीन में अंगूठा लगाने वाले किसानों के खाते से 24 जून से शिकायत मिल रही है। मामले की जानकारी एनआईसीटी को दी गई है। किसानों को प्रार्थना पत्र लेकर एनआईसीटी को जानकारी दी गई है। बैंक ने ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक के खिलाफ एनआईसीटी को रिपोर्ट भेजी गई है। कमेटी की जांच के बाद संचालक के खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
किसानों ने बताया कि जब वह पास बुक में एंट्री कराने बैंक पहुंचे तो जानकारी हुई कि करीब तीन से चार माह से खाते से रुपये निकासी की जा रही है। मोबाइल नंबर अकाउंट में अटैच होने के बाद रुपये निकासी का मैसैज नहीं आया। जबकि खाते से किसानों के रुपये चार माह से लगातार कट रहे है।
लुहन्ना चौराहा के पास रहने वाले राम सिंह के मकान में ग्राहक सेवा केंद्र खुला है। राम सिंह ने बताया कि संचालक करीब दो माह से फरार है। दो माह से कमरे का किराया नहीं मिला है। बेटी का खाता ग्राहक सेवा केंद्र में खुला है। उसके खाते से 1.30 लाख रुपये की निकासी की गई। इसमें दो लोग काम करने आते थे। गुुरुवार को वो भी चले गए।
चकवा गांव निवासी शांति देवी ने बताया कि बेटी की शादी के लिए ग्राहक सेवा केंद्र में रुपये जमा किए थे। दो माह से इस केंद्र का चक्कर लगा रहे है। लेकिन रुपये नहीं मिल रहे है। तभी पासबुक की एंट्री कराने में जानाकारी हुई कि किसी ने खाते से 2.37 लाख रुपये की निकासी कर ली। किसान भानुप्रकाश ने बताया कि कृषि संबंध में खाते में रुपये जमा किए थे। इसी बीच खाते से 1.50 लाख रुपये गायब हो गए। किसान कृष्ण कांत ने बताया कि खाते से 37 हजार रुपये की निकासी की गई। ऐसे ही 60 से अधिक किसानों की समस्या थी। किसी का एक तो किसी का डेढ़ लाख रुपये खाते से गायब है।
विज्ञापन
सिविल लाइन थानाक्षेत्र के लुहन्ना चौराहे पर बैंक ऑफ बड़ौदा का ग्राहक सेवा केंद्र है। यहां पर चकवा गांव के आसपास के क्षेत्रों के 100 से अधिक किसानों का खाता है। गुरुवार को 60 से अधिक किसान ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचे और खाते से प्रति किसान का एक से डेढ़ लाख रुपये निकल जाने का आरोप लगाया। किसानों ने ग्राहक सेवा केंद्र में मौजूद दो लोगों से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से रुपये निकासी की वजह पूछी तो वह कोई जवाब नहीं दे सके । किसानों का आरोप है कि दोनों व्यक्ति ग्राहक सेवा केंद्र में ताला लगाकर मौके से भाग निकले। यह देख किसान हंगामा करने लगे। गुरुवार को किसानों ने इसकी शिकायत बैंक मैनैजर एके सक्सेना से की। बैंक मैनेजर ने इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी।
विज्ञापन
बैंक मैनेजर एके सक्सेना ने बताया कि बायोमैट्रिक मशीन में अंगूठा लगाने वाले किसानों के खाते से 24 जून से शिकायत मिल रही है। मामले की जानकारी एनआईसीटी को दी गई है। किसानों को प्रार्थना पत्र लेकर एनआईसीटी को जानकारी दी गई है। बैंक ने ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक के खिलाफ एनआईसीटी को रिपोर्ट भेजी गई है। कमेटी की जांच के बाद संचालक के खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
किसानों ने बताया कि जब वह पास बुक में एंट्री कराने बैंक पहुंचे तो जानकारी हुई कि करीब तीन से चार माह से खाते से रुपये निकासी की जा रही है। मोबाइल नंबर अकाउंट में अटैच होने के बाद रुपये निकासी का मैसैज नहीं आया। जबकि खाते से किसानों के रुपये चार माह से लगातार कट रहे है।
लुहन्ना चौराहा के पास रहने वाले राम सिंह के मकान में ग्राहक सेवा केंद्र खुला है। राम सिंह ने बताया कि संचालक करीब दो माह से फरार है। दो माह से कमरे का किराया नहीं मिला है। बेटी का खाता ग्राहक सेवा केंद्र में खुला है। उसके खाते से 1.30 लाख रुपये की निकासी की गई। इसमें दो लोग काम करने आते थे। गुुरुवार को वो भी चले गए।
चकवा गांव निवासी शांति देवी ने बताया कि बेटी की शादी के लिए ग्राहक सेवा केंद्र में रुपये जमा किए थे। दो माह से इस केंद्र का चक्कर लगा रहे है। लेकिन रुपये नहीं मिल रहे है। तभी पासबुक की एंट्री कराने में जानाकारी हुई कि किसी ने खाते से 2.37 लाख रुपये की निकासी कर ली। किसान भानुप्रकाश ने बताया कि कृषि संबंध में खाते में रुपये जमा किए थे। इसी बीच खाते से 1.50 लाख रुपये गायब हो गए। किसान कृष्ण कांत ने बताया कि खाते से 37 हजार रुपये की निकासी की गई। ऐसे ही 60 से अधिक किसानों की समस्या थी। किसी का एक तो किसी का डेढ़ लाख रुपये खाते से गायब है।