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महिला अधिवक्ता व उसके पति से मारपीट पर तीन दरोगा कोर्ट में तलब
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इटावा। कांग्रेस नेता और अधिवक्ता हंसमुखी संखवार और उनके पति से मारपीट व जातिसूचक शब्द कहने के मामले में कोर्ट ने सदर कोतवाली में तैनात रहे तीन सबइंस्पेक्टरों को तलब किया है। तीनों दरोगा को 31 अगस्त तक कोर्ट में हाजिर होना है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के रामलीला रोड निवासी अधिवक्ता हंसमुखी संखवार कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पति बलराम सिंह के साथ 19 अक्टूबर 2018 की रात को रामलीला देखने जा रही थीं। एक मामले में फोन आने पर पति के साथ सदर कोतवाली जाना पड़ा।
हंसमुखी का आरोप है कि विपक्षी पार्टी से समझौता कराने के नाम पर कोतवाली में मौजूद सबइंस्पेक्टर नीरज शर्मा, जब्बर अली व जितेंद्र शर्मा ने दस हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर तीनों सबइंस्पेक्टरों समेत दस पुलिसकर्मियों ने उनके व पति के साथ गाली-गलौज की। हंसमुखी के अनुसार परिचय देने पर पुलिसकर्मियों ने जातिसूचक शब्द कहे। बगैर महिला सिपाहियों के उनके पर्स की तलाश ली और पर्स में रखी लाइसेंसी रिवाल्वर कब्जे में ले ली।
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पति बलराम सिंह को जीप से मेडिकल के लिए अस्पताल भेज दिया। हंसमुखी ने फरवरी 2019 में कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी (पीए) एक्ट सुरेश चंद्र भारती ने शुक्रवार को कोतवाली के तीनों तत्कालीन सबइंस्पेक्टर को नोटिस जारी कर तलब किया है।
यह है मामला
20 अक्टूबर 2018 को लक्ष्मी देवी ने बलराम सिंह व उसके रिश्तेदार चंद्रसेन के खिलाफ पति से मारपीट, जान से मारने की धमकी व गर्दन पर रिवाल्वर रखने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मामले में हंसमुखी पति के साथ कोतवाली गईं थीं। पुलिस ने बलराम के पास से रिवाल्वर व छह कारतूस बरामद करने का दावा किया था। पुलिस का आरोप था कि मौके पर बलराम सिंह रिवाल्वर का लाइसेंस नहीं दिखा पाए थे। इस कारण आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कर लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई लंबित होना अभिकथित किया गया था।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के रामलीला रोड निवासी अधिवक्ता हंसमुखी संखवार कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पति बलराम सिंह के साथ 19 अक्टूबर 2018 की रात को रामलीला देखने जा रही थीं। एक मामले में फोन आने पर पति के साथ सदर कोतवाली जाना पड़ा।
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हंसमुखी का आरोप है कि विपक्षी पार्टी से समझौता कराने के नाम पर कोतवाली में मौजूद सबइंस्पेक्टर नीरज शर्मा, जब्बर अली व जितेंद्र शर्मा ने दस हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर तीनों सबइंस्पेक्टरों समेत दस पुलिसकर्मियों ने उनके व पति के साथ गाली-गलौज की। हंसमुखी के अनुसार परिचय देने पर पुलिसकर्मियों ने जातिसूचक शब्द कहे। बगैर महिला सिपाहियों के उनके पर्स की तलाश ली और पर्स में रखी लाइसेंसी रिवाल्वर कब्जे में ले ली।
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पति बलराम सिंह को जीप से मेडिकल के लिए अस्पताल भेज दिया। हंसमुखी ने फरवरी 2019 में कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी (पीए) एक्ट सुरेश चंद्र भारती ने शुक्रवार को कोतवाली के तीनों तत्कालीन सबइंस्पेक्टर को नोटिस जारी कर तलब किया है।
यह है मामला
20 अक्टूबर 2018 को लक्ष्मी देवी ने बलराम सिंह व उसके रिश्तेदार चंद्रसेन के खिलाफ पति से मारपीट, जान से मारने की धमकी व गर्दन पर रिवाल्वर रखने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मामले में हंसमुखी पति के साथ कोतवाली गईं थीं। पुलिस ने बलराम के पास से रिवाल्वर व छह कारतूस बरामद करने का दावा किया था। पुलिस का आरोप था कि मौके पर बलराम सिंह रिवाल्वर का लाइसेंस नहीं दिखा पाए थे। इस कारण आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कर लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई लंबित होना अभिकथित किया गया था।